यूट्यूबर आमिर शौकीन 5 दिन की हिरासत में, पीड़ित बोला — 'नशे में थे आरोपी, पहले से नहीं जानता था उन्हें'
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 24 अक्टूबर को त्रिपुरा के एक युवक के साथ कथित नस्लीय टिप्पणी और अभद्र भाषा के मामले में यूट्यूबर आमिर शौकीन को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 23 अक्टूबर को अदालत में पेश किए जाने के बाद उन्हें पाँच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। जाँच के सिलसिले में पुलिस आरोपी को अहमदाबाद भी ले जा सकती है।
पीड़ित की बात — 'पहले कभी नहीं देखा था आमिर को'
घटना के पीड़ित त्रिपुरा के युवक ने स्पष्ट किया कि वह आमिर शौकीन को पहले से नहीं जानता था। उसने बताया कि आमिर के एक दोस्त से उसकी पहचान ज़रूर थी, लेकिन आमिर को उसने पहले कभी नहीं देखा था। पीड़ित ने कहा कि वह इसलिए दोबारा पूरी घटना बयान कर रहा है, क्योंकि लगातार लोग उससे सवाल पूछ रहे हैं।
पीड़ित के अनुसार, घटना के समय आरोपी पक्ष के लोग कथित तौर पर नशे में थे। उसने कहा कि अनजान लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार करना सर्वथा गलत है। वहाँ मौजूद लोगों की संख्या अधिक होने के कारण वह उस वक्त ज़्यादा कुछ नहीं बोल सका और उनके व्यवहार से उसे काफी बुरा लगा।
टिपरा मोथा प्रमुख की कड़ी प्रतिक्रिया
टिपरा मोथा पार्टी के संस्थापक प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र या राज्य के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँचाकर वीडियो बनाना और उससे कमाई करना किसी भी दृष्टि से स्वीकार्य नहीं है। उनके अनुसार, जो लोग दूसरों के रंग-रूप या पहचान पर टिप्पणी करके लोकप्रियता और आय अर्जित करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
देबबर्मा ने यह भी माँग की कि ऐसे लोगों को दंडित करने के साथ-साथ उनके यूट्यूब चैनलों पर भी प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि भविष्य में कोई इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न करे। उन्होंने कहा, 'केवल गलती स्वीकार कर लेने से किसी की भावनाओं को पहुँचाई गई ठेस कम नहीं हो जाती।'
उन्होंने यह भी कहा कि आमिर शौकीन को त्रिपुरा और पूर्वोत्तर भारत आकर वहाँ के इतिहास और संस्कृति को समझना चाहिए। भारत एक विशाल देश है और हर राज्य की अपनी अलग पहचान, संस्कृति और कहानी है — कोई भी राज्य बड़ा या छोटा नहीं होता।
त्रिपुरा में भी FIR, स्टूडेंट फोरम की माँग
देबबर्मा ने बताया कि इस मामले में त्रिपुरा में भी एफआईआर दर्ज कराई गई है और वह चाहते हैं कि वहाँ भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई हो। इस बीच, त्रिपुरा स्टूडेंट फोरम के कुछ सदस्य दिल्ली में त्रिपुरा की सांसद कृति सिंह देबबर्मा के आवास पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा से मुलाकात की और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग रखी।
आगे क्या होगा
दिल्ली पुलिस फिलहाल मामले की जाँच में जुटी है। आरोपी की पाँच दिन की पुलिस हिरासत के दौरान सामने आने वाले तथ्यों पर सभी की नज़रें टिकी हैं। पुलिस के अहमदाबाद जाने की संभावना को देखते हुए जाँच का दायरा और व्यापक हो सकता है। यह मामला पूर्वोत्तर भारत के लोगों के साथ नस्लीय भेदभाव और सोशल मीडिया पर घृणास्पद सामग्री के व्यापक सवाल को भी सामने लाता है।