21 अक्टूबर 2026
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दिल्ली में त्रिपुरा के आदिवासी युवक से कथित नस्लीय दुर्व्यवहार: माकपा, कांग्रेस और टिपरा मोथा ने की कार्रवाई की मांग

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दिल्ली में त्रिपुरा के आदिवासी युवक से कथित नस्लीय दुर्व्यवहार: माकपा, कांग्रेस और टिपरा मोथा ने की कार्रवाई की मांग

सारांश

दिल्ली में त्रिपुरा के एक आदिवासी युवक से कथित नस्लवादी व्यवहार का वीडियो वायरल होने के बाद पूर्वोत्तर में आक्रोश। माकपा, कांग्रेस और टिपरा मोथा ने एकजुट होकर कंटेंट क्रिएटर आमिर शोकीन की गिरफ्तारी की माँग उठाई और अगरतला में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई।

मुख्य बातें

मंगलवार, 21 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कंटेंट क्रिएटर आमिर शोकीन पर त्रिपुरा के एक आदिवासी युवक के साथ कथित नस्लीय दुर्व्यवहार का आरोप।
TMP की युवा इकाई YTF ने अगरतला के एनसीसी पुलिस थाने में साइबर बुलिंग, नस्लीय उत्पीड़न और घृणास्पद भाषण की शिकायत दर्ज कराई।
TMP संस्थापक प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा ने त्रिपुरा पुलिस से दिल्ली में टीम भेजकर आरोपी को गिरफ्तार करने की माँग की।
माकपा के प्रदेश सचिव जितेंद्र चौधरी ने दिल्ली पुलिस से 'तत्काल, सख्त और उदाहरण पेश करने वाली' कार्रवाई की अपील की।
कांग्रेस विधायक बिराजित सिन्हा ने मुख्यमंत्री माणिक साहा से कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने और कठोरतम सजा की माँग की।
शोकीन ने फेसबुक पर माफी मांगते हुए वीडियो को 'स्क्रिप्टेड मजाक' बताया, लेकिन राजनीतिक दलों ने इसे नाकाफी कहकर खारिज किया।

दिल्ली में त्रिपुरा के एक आदिवासी युवक के साथ कथित नस्लीय दुर्व्यवहार का एक वीडियो मंगलवार, 21 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे पूर्वोत्तर में व्यापक आक्रोश फैल गया। त्रिपुरा की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों — माकपा (CPI-M), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) और टिपरा मोथा पार्टी (TMP) — ने आरोपी कंटेंट क्रिएटर आमिर शोकीन के खिलाफ तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला

वायरल वीडियो में कंटेंट क्रिएटर आमिर शोकीन को त्रिपुरा के एक युवक के साथ कथित तौर पर अपमानजनक और नस्लवादी भाषा का प्रयोग करते हुए दिखाया गया। वीडियो में युवक को कथित तौर पर 'चिंकी', 'चीन का राष्ट्रपति' और 'माइकल जैक्सन' जैसे अपमानजनक संबोधनों से बुलाया गया, जो पूर्वोत्तर भारतीयों के खिलाफ इस्तेमाल की जाने वाली नस्लीय गाली मानी जाती है।

वीडियो वायरल होने के बाद व्यापक आलोचना के बीच शोकीन ने फेसबुक पर माफी मांगते हुए दावा किया कि यह वीडियो पहले से तय पटकथा के अनुसार बनाया गया था और उसमें दिख रहा युवक उनका परिचित है, जो पहले अहमदाबाद में उनके एक मित्र के कैफे में काम करता था। शोकीन ने इसे 'मजाकिया वीडियो' बताया और कहा कि उनका किसी का अपमान करने का इरादा नहीं था। हालांकि, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने इस सफाई को नाकाफी बताते हुए खारिज कर दिया।

टिपरा मोथा और देबबर्मा की प्रतिक्रिया

TMP के संस्थापक और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सहयोगी प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा ने युवा संगठनों से संबंधित कानूनों के तहत शोकीन के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज कराने की अपील की। उन्होंने त्रिपुरा पुलिस से मांग की कि आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली में पुलिस टीम भेजी जाए।

देबबर्मा ने अपनी फेसबुक पोस्ट में कहा, 'यह दुखद दिन है कि भारतीय होने के नाते हमें इस तरह की घटनाएं देखनी पड़ रही हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि शोकीन ने त्रिपुरा के लोगों का मजाक उड़ाया और राज्य के ऐतिहासिक नाम को विकृत किया, जो पूरे राज्य का अपमान है। उन्होंने वाईटीएफ (YTF), टीएसएफ (TSF) और टीआईएसएफ (TISF) से मामला दर्ज कराने का आह्वान किया।

TMP की युवा इकाई यूथ त्रिपुरा फेडरेशन (YTF) ने बुधवार को अगरतला के एनसीसी पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में शोकीन पर साइबर बुलिंग, नस्लीय उत्पीड़न, घृणास्पद भाषण और त्रिपुरा के मूल निवासियों की मानहानि करने के आरोप लगाए गए हैं।

माकपा का रुख — बिना शर्त माफी और गिरफ्तारी की मांग

त्रिपुरा विधानसभा में विपक्ष के नेता और माकपा (CPI-M) के प्रदेश सचिव जितेंद्र चौधरी ने शोकीन से पीड़ित युवक, त्रिपुरा के लोगों, टिपरासा (राज्य के मूल आदिवासी समुदाय) और संपूर्ण पूर्वोत्तर से तत्काल बिना शर्त माफी मांगने की माँग की।

चौधरी ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा, 'यह कोई हंसी-मजाक नहीं है। आपने सार्वजनिक रूप से इस देश के एक युवक का अपमान किया और उसे अपमानित किया, जबकि आप भी इसी देश का हिस्सा हैं। इस तरह आपने पूरे समुदाय और पूर्वोत्तर क्षेत्र के प्रति घोर अनादर दिखाया है।' माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य और पूर्व मंत्री चौधरी ने दिल्ली पुलिस से आरोपी के खिलाफ 'तत्काल, सख्त और उदाहरण पेश करने वाली' कार्रवाई की अपील की, ताकि भविष्य में कोई भी टिपरासा समुदाय का अपमान करने की हिम्मत न जुटा सके।

कांग्रेस का बयान — नस्लवाद को सामान्य बनाने का प्रयास

कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री बिराजित सिन्हा ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर इस घटना को 'बेहद चिंताजनक' बताते हुए निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि शोकीन ने सोशल मीडिया मंचों पर पूर्वोत्तर के लोगों के साथ नस्लीय भेदभाव और यौन उत्पीड़न जैसे व्यवहार को सामान्य बनाने की कोशिश की।

त्रिपुरा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सिन्हा ने कहा, 'नस्लीय भेदभाव कोई मजाक नहीं है। हमने अतीत में नस्लीय दुर्व्यवहार, हिंसा और मौत की कई घटनाएं देखी हैं, जिनमें त्रिपुरा की एंजेल चकमा का मामला भी शामिल है।' उन्होंने मुख्यमंत्री माणिक साहा और राज्य पुलिस से कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले को आगे बढ़ाने तथा आरोपी के लिए 'कठोरतम सजा' सुनिश्चित करने की अपील की।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर के नागरिकों के खिलाफ नस्लीय भेदभाव की घटनाएँ राष्ट्रीय विमर्श में बार-बार उठती रही हैं। गौरतलब है कि एनसीसी पुलिस थाने में दर्ज YTF की शिकायत के आधार पर त्रिपुरा पुलिस की संभावित कार्रवाई और दिल्ली पुलिस से सहयोग की माँग अगले कुछ दिनों में इस मामले की दिशा तय करेगी। आलोचकों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं पर त्वरित कानूनी कदम उठाना जरूरी है ताकि पूर्वोत्तर के लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम हो सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिस पर दिल्ली अक्सर चुप रहती है। आरोपी की 'स्क्रिप्टेड मजाक' वाली सफाई उस बहस को और तीखा करती है कि सोशल मीडिया पर नस्लवाद को 'कंटेंट' के आवरण में कैसे परोसा जाता है। तीन राजनीतिक रूप से भिन्न दलों का एकजुट होकर गिरफ्तारी की माँग करना असाधारण है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि दिल्ली पुलिस कार्रवाई करती है या नहीं — क्योंकि पूर्वोत्तर से जुड़े ऐसे मामलों में पुलिस की सक्रियता का रिकॉर्ड मिला-जुला रहा है।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में त्रिपुरा के युवक के साथ कथित नस्लीय दुर्व्यवहार का मामला क्या है?
मंगलवार, 21 अक्टूबर 2026 को एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कंटेंट क्रिएटर आमिर शोकीन को दिल्ली में त्रिपुरा के एक आदिवासी युवक के साथ कथित तौर पर नस्लवादी भाषा — जैसे 'चिंकी', 'चीन का राष्ट्रपति' — का प्रयोग करते दिखाया गया। वीडियो वायरल होने के बाद पूर्वोत्तर में व्यापक आक्रोश फैल गया।
आमिर शोकीन के खिलाफ कौन-से आरोप लगाए गए हैं?
TMP की युवा इकाई YTF ने अगरतला के एनसीसी पुलिस थाने में शोकीन के खिलाफ साइबर बुलिंग, नस्लीय उत्पीड़न, घृणास्पद भाषण और त्रिपुरा के मूल निवासियों की मानहानि की शिकायत दर्ज कराई है। कांग्रेस विधायक बिराजित सिन्हा ने यह भी आरोप लगाया कि शोकीन ने सोशल मीडिया पर पूर्वोत्तर के लोगों के साथ नस्लीय भेदभाव को सामान्य बनाने की कोशिश की।
आमिर शोकीन ने इस मामले में क्या सफाई दी?
शोकीन ने फेसबुक पर माफी मांगते हुए कहा कि वीडियो पहले से तय पटकथा के अनुसार बना था और उसमें दिख रहा युवक उनका परिचित है जो अहमदाबाद में उनके एक मित्र के कैफे में काम करता था। उन्होंने इसे मजाकिया वीडियो बताया, लेकिन राजनीतिक दलों ने इस सफाई को अपर्याप्त बताकर खारिज कर दिया।
टिपरासा समुदाय कौन है और इस मामले में उनकी भूमिका क्या है?
टिपरासा त्रिपुरा के मूल आदिवासी समुदाय को कहा जाता है। इस मामले में पीड़ित युवक इसी समुदाय से ताल्लुक रखता है। माकपा नेता जितेंद्र चौधरी ने शोकीन से टिपरासा समुदाय और पूर्वोत्तर के लोगों से बिना शर्त माफी मांगने की माँग की है।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई संभव है?
अगरतला में YTF की शिकायत के आधार पर त्रिपुरा पुलिस कार्रवाई कर सकती है और TMP संस्थापक देबबर्मा ने दिल्ली में पुलिस टीम भेजने की माँग की है। कांग्रेस विधायक सिन्हा ने मुख्यमंत्री माणिक साहा से इस मामले को कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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