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त्रिपुरा CM माणिक साहा का DGP को निर्देश: आदिवासी युवक से नस्लीय दुर्व्यवहार पर दिल्ली पुलिस से करें समन्वय

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त्रिपुरा CM माणिक साहा का DGP को निर्देश: आदिवासी युवक से नस्लीय दुर्व्यवहार पर दिल्ली पुलिस से करें समन्वय

सारांश

दिल्ली के कंटेंट क्रिएटर आमिर शोकीन का एक वायरल वीडियो त्रिपुरा के आदिवासी युवक के खिलाफ कथित नस्लीय दुर्व्यवहार दिखाने का आरोप लगाते हुए बड़े विवाद में बदल गया है। CM माणिक साहा के निर्देश और सर्वदलीय निंदा ने यह साफ किया — 'कानून अपना काम करेगा।'

मुख्य बातें

त्रिपुरा के CM माणिक साहा ने 21 अक्टूबर 2026 को DGP जी.एस.
राव को दिल्ली पुलिस से समन्वय के निर्देश दिए।
दिल्ली के कंटेंट क्रिएटर आमिर शोकीन पर 19 सितंबर को अपलोड वीडियो में त्रिपुरा के आदिवासी युवक से कथित नस्लीय दुर्व्यवहार का आरोप।
वाईटीएफ और टीआईएसएफ ने अगरतला के एनसीसी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
CPI-M, कांग्रेस, टिपरा मोथा पार्टी सहित सभी प्रमुख दलों ने घटना की निंदा करते हुए कार्रवाई की माँग की।
शोकीन ने फेसबुक पर माफी माँगी, दावा किया वीडियो 'स्क्रिप्टेड' था — लेकिन शिकायतें वापस नहीं ली गईं।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को राज्य के पुलिस महानिदेशक जी.एस. राव को निर्देश दिया कि वे दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करें। यह कदम दिल्ली के कंटेंट क्रिएटर आमिर शोकीन द्वारा त्रिपुरा के एक आदिवासी युवक के खिलाफ कथित नस्लीय दुर्व्यवहार से जुड़े वायरल वीडियो के बाद उठाया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीएम साहा ने डीजीपी से स्पष्ट कहा — 'कानून अपना काम करेगा।'

मुख्य घटनाक्रम

कथित विवाद की जड़ में 19 सितंबर को सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया एक वीडियो है। टिपरा इंडिजिनस स्टूडेंट्स फेडरेशन (टीआईएसएफ) की शिकायत के अनुसार, इस वीडियो में शोकीन दिल्ली में एक आदिवासी युवक को बार-बार 'चाइनीज' कहकर संबोधित करते और 'त्रिपुरा' नाम को बिगाड़कर एक अश्लील शब्द में बदलते दिख रहे हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद पूरे त्रिपुरा में व्यापक रोष फैल गया।

यूथ टिपरा फेडरेशन (वाईटीएफ) और टिपरा इंडिजिनस स्टूडेंट्स फेडरेशन (टीआईएसएफ) — दोनों संगठनों ने अगरतला के एनसीसी पुलिस स्टेशन में शोकीन के खिलाफ औपचारिक शिकायतें दर्ज कराई हैं। शिकायतों में इस वायरल वीडियो के संदर्भ में कानूनी कार्रवाई की माँग की गई है।

शोकीन की सफाई और माफी

भारी विरोध और दबाव के बाद शोकीन ने फेसबुक पर एक पोस्ट के माध्यम से माफी माँगी। उन्होंने दावा किया कि वीडियो पहले से 'स्क्रिप्टेड' था और इसमें दिखने वाला व्यक्ति उनका परिचित है, जो पहले अहमदाबाद में उनके एक मित्र के कैफे में काम करता था। शोकीन के अनुसार, यह 'मजाकिया वीडियो' था जिसमें दोनों आपस में हंसी-मजाक कर रहे थे और उनका किसी का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था।

हालाँकि, आलोचकों और राजनीतिक दलों ने इस सफाई को अपर्याप्त माना है और स्वतंत्र जाँच की माँग बनाए रखी है। गौरतलब है कि माफी के बावजूद शिकायतें वापस नहीं ली गई हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस मामले ने त्रिपुरा के पूरे राजनीतिक स्पेक्ट्रम को एकजुट कर दिया है। त्रिपुरा विधानसभा में विपक्ष के नेता और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI-M) के राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) के संस्थापक और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सहयोगी प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा ने भी शोकीन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री बिराजित सिन्हा समेत कई अन्य नेताओं ने भी इस कथित घटना की निंदा की है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर के नागरिकों के साथ अन्य राज्यों में नस्लीय भेदभाव की शिकायतें राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनती रही हैं।

आम जनता पर असर और व्यापक संदर्भ

इस विवाद ने पूर्वोत्तर भारत के नागरिकों के खिलाफ कथित नस्लीय भेदभाव के पुराने और संवेदनशील मुद्दे को एक बार फिर राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है। दिल्ली और अन्य महानगरों में पूर्वोत्तर के युवाओं के साथ इस तरह की घटनाएँ पहले भी रिपोर्ट की जाती रही हैं। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का कहना है कि महज माफी पर्याप्त नहीं है — कानूनी कार्रवाई से ही भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी।

क्या होगा आगे

डीजीपी जी.एस. राव द्वारा दिल्ली पुलिस से समन्वय के बाद यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि क्या शोकीन के खिलाफ औपचारिक एफआईआर दर्ज होती है। अगरतला में दाखिल शिकायतों पर भी पुलिस की जाँच जारी है। राज्य सरकार के कड़े रुख को देखते हुए इस मामले में कानूनी कार्रवाई की संभावना प्रबल मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अब कानूनी प्रक्रिया की होगी — क्योंकि ऐसे मामलों में राजनीतिक बयान अक्सर तेज और ठोस कार्रवाई अक्सर धीमी रही है।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

त्रिपुरा के कंटेंट क्रिएटर विवाद में क्या हुआ?
दिल्ली के कंटेंट क्रिएटर आमिर शोकीन पर आरोप है कि उन्होंने 19 सितंबर को अपलोड एक वीडियो में त्रिपुरा के एक आदिवासी युवक को बार-बार 'चाइनीज' कहा और 'त्रिपुरा' नाम को बिगाड़कर अश्लील शब्द में बदला। वीडियो वायरल होने के बाद पूरे त्रिपुरा में व्यापक विरोध हुआ।
CM माणिक साहा ने इस मामले में क्या कदम उठाया?
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने 21 अक्टूबर 2026 को DGP जी.एस. राव को दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि 'कानून अपना काम करेगा।'
आमिर शोकीन ने विवाद पर क्या कहा?
शोकीन ने फेसबुक पर माफी माँगते हुए दावा किया कि वीडियो पहले से स्क्रिप्टेड था और उसमें दिखने वाला व्यक्ति उनका परिचित है। उनके अनुसार यह एक मजाकिया वीडियो था और उनका किसी का अपमान करने का इरादा नहीं था। हालाँकि, आलोचकों ने इस सफाई को अपर्याप्त बताया है।
इस मामले में किन संगठनों ने शिकायत दर्ज कराई?
यूथ टिपरा फेडरेशन (वाईटीएफ) और टिपरा इंडिजिनस स्टूडेंट्स फेडरेशन (टीआईएसएफ) ने अगरतला के एनसीसी पुलिस स्टेशन में आमिर शोकीन के खिलाफ औपचारिक शिकायतें दर्ज कराई हैं। दोनों संगठन टिपरा मोथा पार्टी से जुड़े हैं।
इस घटना पर राजनीतिक दलों की क्या प्रतिक्रिया रही?
CPI-M, कांग्रेस और टिपरा मोथा पार्टी सहित त्रिपुरा के सभी प्रमुख दलों ने घटना की निंदा की और शोकीन के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। विपक्ष नेता जितेंद्र चौधरी, प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा और पूर्व मंत्री बिराजित सिन्हा ने भी कड़ी आपत्ति जताई।
राष्ट्र प्रेस
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