दिल्ली पुलिस ने इन्फ्लुएंसर आमिर शोकीन को किया गिरफ्तार, त्रिपुरा युवक से नस्लीय दुर्व्यवहार का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 22 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आमिर शोकीन को गिरफ्तार किया, जिन पर त्रिपुरा के एक युवक के साथ कथित नस्लीय दुर्व्यवहार और अपमानजनक व्यवहार का आरोप है। यह कार्रवाई उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के महज कुछ घंटों के भीतर की गई, जब सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो को लेकर जन आक्रोश तेज़ हो गया था।
मामला और एफआईआर
पुलिस ने यह मामला सदर बाजार थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 192, 196, 352 और 353 के तहत दर्ज किया। शिकायत त्रिपुरा स्टूडेंट्स फोरम दिल्ली (टीएसएफ'डी) ने दर्ज कराई थी, जिसने पुलिस से तत्काल हस्तक्षेप और शीघ्र जाँच की माँग की थी।
इससे पहले, त्रिपुरा पुलिस ने भी इसी विवाद के संबंध में शोकीन के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया था। अधिकारियों के अनुसार, शोकीन के खिलाफ पूर्व में भी भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 323, 324, 504 और 506 के तहत मामले दर्ज हो चुके हैं।
वायरल वीडियो और शोकीन का पक्ष
विवाद की जड़ में इंस्टाग्राम पर प्रसारित हुआ वह वीडियो है जिसमें कथित तौर पर त्रिपुरा के एक युवक के साथ यौन दुर्व्यवहार, उत्पीड़न और अपमानजनक बर्ताव दर्शाया गया। वीडियो वायरल होने और सार्वजनिक नाराजगी बढ़ने के बाद शोकीन ने फेसबुक पर माफी माँगी।
अपने बचाव में शोकीन ने दावा किया कि वीडियो पूर्व-निर्धारित पटकथा के अनुसार बनाया गया था और वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति उनका परिचित है, जो पहले अहमदाबाद में उनके एक मित्र के कैफे में काम कर चुका था। शोकीन के अनुसार, वीडियो में दर्शाई गई बातचीत महज हंसी-मजाक थी और उनका किसी का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था। हालाँकि, पुलिस इस दावे की जाँच कर रही है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
इस मामले को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर उठाया, जिसके बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय चर्चा में आ गया। टीएसएफ'डी ने अपनी शिकायत में रेखांकित किया कि यदि जाँच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह घटना व्यक्ति की गरिमा, शारीरिक स्वायत्तता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत के लोगों के साथ नस्लीय भेदभाव की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर देश में नस्लीय संवेदनशीलता और सोशल मीडिया कंटेंट की जवाबदेही पर बहस छेड़ दी है।
पूर्वोत्तर समुदाय की चिंताएँ
टीएसएफ'डी ने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया कि पूर्वोत्तर भारत के लोगों को नस्लीय भेदभाव और उत्पीड़न से बचाने की ज़रूरत को इस घटना ने फिर से रेखांकित किया है। संगठन का मानना है कि ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होकर सामाजिक विभाजन को और गहरा करते हैं।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल शोकीन पुलिस हिरासत में हैं और जाँच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, वीडियो में दिखने वाले युवक का बयान भी दर्ज किया जाएगा। इस मामले की सुनवाई में अब यह तय होगा कि शोकीन का 'पूर्व-निर्धारित पटकथा' वाला तर्क अदालत में टिकता है या नहीं।