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क्या केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सीएम योगी को पत्र लिखकर यूपी के योगदान को सराहा?

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क्या केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सीएम योगी को पत्र लिखकर यूपी के योगदान को सराहा?

सारांश

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सीएम योगी को पत्र लिखकर यूपी के योगदान को सराहा। उन्होंने सरकार की डिजिटल पहल की प्रशंसा की और इसे अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बताया। जानिए इस पत्र में और क्या कहा गया है।

मुख्य बातें

गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस की सफलता में यूपी का महत्वपूर्ण योगदान है।
डिजिटल इंडिया की दिशा में यूपी सरकार की पहल सराहनीय है।
ई-गवर्नेंस के माध्यम से पारदर्शिता और दक्षता बढ़ी है।

लखनऊ, 18 जून (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से राज्य के योगदान की सराहना की है। उन्होंने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) को अपनाने के लिए यूपी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस एक राष्ट्रीय ऑनलाइन खरीद पोर्टल है, जो केंद्र और राज्य सरकारों, सार्वजनिक उपक्रमों, स्वायत्त संस्थानों और स्थानीय निकायों को वस्तुओं और सेवाओं की खरीद में सहायता करता है।

यह पोर्टल पारदर्शिता, दक्षता और समावेशिता को बढ़ावा देता है। गोयल ने पत्र में उल्लेख किया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के जरिए 72 लाख से अधिक ऑर्डर के साथ 5.43 लाख करोड़ रुपए की खरीद हुई। अब तक 2.9 करोड़ ऑर्डर के माध्यम से 14 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की खरीद हो चुकी है, जिसमें उत्तर प्रदेश का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।

उन्होंने पिछले पांच वर्षों में यूपी सरकार की खरीद के आंकड़ों को साझा किया, जो गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस पर राज्य के भरोसे को दर्शाता है।

केंद्रीय मंत्री ने यूपी सरकार के उस आदेश की भी सराहना की, जो 26 नवंबर 2024 को जारी किया गया। इस आदेश ने राज्य के खरीद नियमों को सामान्य वित्तीय नियम (जीएफआर) 2017 और गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस की शर्तों के साथ जोड़कर खरीद प्रक्रिया को सरल बनाया। इससे गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस को पूरी तरह अपनाने का मार्ग प्रशस्त हुआ।

गोयल ने कहा कि यह आदेश विभिन्न खरीद नियमों को एकीकृत कर एक सुगम ढांचा प्रदान करता है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस को ‘वन-स्टॉप मार्केटप्लेस’ बनाने के दृष्टिकोण को मजबूती प्रदान करता है।

उन्होंने लिखा कि यूपी का यह कदम डिजिटल इंडिया की संकल्पना को साकार करता है। तकनीक और समावेशिता के साथ मिलकर काम करने से खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी आई है। यूपी की यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की सक्रियता ई-गवर्नेंस, पारदर्शिता और जवाबदेही के बेहतरीन समन्वय का प्रतीक बन गई है। पोर्टल के माध्यम से न केवल खरीद प्रक्रिया को सरल, प्रभावी और तकनीक-सक्षम बनाया गया है, बल्कि पूर्वाग्रह और भेदभाव से मुक्त समान अवसरों की भी प्रभावी स्थापना हुई है।

इससे प्रदेश में सुशासन को नई गति मिली है और सरकारी कार्यप्रणाली में जनता के प्रति उत्तरदायित्व का भाव और अधिक सशक्त हुआ है। यही कारण है कि केंद्र सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश को अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय मॉडल के रूप में सराहा जा रहा है।

गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस पर वर्तमान में 11,000 से अधिक उत्पाद श्रेणियां और 330 से ज्यादा सेवा श्रेणियां उपलब्ध हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। केंद्रीय मंत्री का यह कदम दर्शाता है कि जब राज्य सरकारें तकनीकी नवाचारों को अपनाती हैं, तो वे न केवल अपने प्रशासन में सुधार करती हैं, बल्कि समग्र विकास में भी योगदान देती हैं।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस क्या है?
गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस एक राष्ट्रीय ऑनलाइन खरीद पोर्टल है, जो सरकारों और संस्थानों को वस्तुओं और सेवाओं की खरीद में मदद करता है।
उत्तर प्रदेश का योगदान कितना है?
उत्तर प्रदेश ने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसमें पिछले वित्तीय वर्ष में 72 लाख से अधिक ऑर्डर शामिल हैं।
इस पत्र में क्या विशेष बातें हैं?
पत्र में यूपी सरकार के ई-गवर्नेंस प्रयासों की सराहना की गई है और इसे डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के क्या लाभ हैं?
यह पोर्टल खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता, दक्षता और समावेशिता को बढ़ावा देता है।
क्या यूपी की पहल अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायक है?
जी हां, यूपी की यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणा बन सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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