क्या पीएम मोदी और जर्मन चांसलर ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने का संकल्प लिया?

Click to start listening
क्या पीएम मोदी और जर्मन चांसलर ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने का संकल्प लिया?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद साझा बयान में आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संकल्प लिया। दोनों ने सहयोग को मजबूत करने के लिए तकनीकी, आर्थिक और रणनीतिक क्षेत्रों पर जोर दिया। यह यात्रा महत्वपूर्ण मील के पत्थर का प्रतीक है।

Key Takeaways

  • आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संकल्प
  • तकनीकी और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की योजना
  • भारत-जर्मनी संबंधों का ऐतिहासिक महत्व
  • नवीकरणीय ऊर्जा में समान प्राथमिकताएं
  • वैश्विक चुनौतियों के लिए संस्थागत सुधार की आवश्यकता

गांधीनगर, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया। मीडिया से बात करते हुए दोनों नेताओं ने तकनीकी, रणनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने का संकल्प लिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का स्वागत करते हुए कहा, "भारत जर्मनी के साथ अपनी मित्रता और साझेदारी को और प्रगाढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। गुजरात में हम कहते हैं ‘आवकारो मिठो आपजे रे’—यानी स्नेह और आत्मीयता से आपका स्वागत करते हैं। इसी भावना के साथ, हम चांसलर का भारत में दिल से स्वागत करते हैं।"

प्रधानमंत्री और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की उपस्थिति में भारत और जर्मनी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किए गए।

पीएम मोदी ने कहा, "हम एकमत हैं कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए एक गंभीर खतरा है। भारत और जर्मनी इसके खिलाफ एकजुट होकर दृढ़ता से लड़ाई जारी रखेंगे। दोनों देशों का मानना है कि वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए वैश्विक संस्थाओं में सुधार आवश्यक है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए जी4 के माध्यम से हमारा संयुक्त प्रयास इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"

प्रधानमंत्री ने चांसलर की यात्रा को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, "चांसलर मर्ज की यह यात्रा एक विशेष समय पर हो रही है। पिछले वर्ष हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे किए और इस वर्ष हम अपने राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष भी मना रहे हैं। ये मील के पत्थर केवल समय की उपलब्धियां नहीं हैं, बल्कि हमारी साझा महत्वाकांक्षाओं, परस्पर विश्वास और निरंतर सशक्त होते सहयोग के प्रतीक हैं... भारत और जर्मनी जैसे देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच करीबी सहयोग पूरी मानवता के लिए महत्वपूर्ण है।"

उन्होंने आगे कहा, "भारत और जर्मनी के बीच तकनीकी सहयोग प्रति वर्ष मजबूत होता जा रहा है, और आज इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत और जर्मनी की प्राथमिकताएं समान हैं।"

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच गांधीनगर के महात्मा मंदिर कनवेंशन सेंटर में द्विपक्षीय वार्ता हुई।

Point of View

यह द्विपक्षीय वार्ता न केवल भारत और जर्मनी के बीच सहयोग को बढ़ाएगी, बल्कि वैश्विक चुनौतियों के खिलाफ एकजुटता का प्रतीक भी है। आतंकवाद के विरुद्ध एकजुटता और तकनीकी सहयोग से दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत होंगे।
NationPress
12/01/2026

Frequently Asked Questions

पीएम मोदी और जर्मन चांसलर ने क्या संकल्प लिया?
उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने का संकल्प लिया।
द्विपक्षीय वार्ता में किन क्षेत्रों पर चर्चा हुई?
तकनीकी, रणनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
चांसलर मर्ज का भारत में स्वागत कैसे हुआ?
प्रधानमंत्री मोदी ने 'आवकारो मिठो आपजे रे' का जिक्र करते हुए उनका स्वागत किया।
Nation Press