'हर घर तिरंगा' अभियान को आगे बढ़ाएं: मन की बात में PM मोदी की अपील, स्वतंत्रता दिवस भाषण के लिए माँगे सुझाव
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई को रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें एपिसोड में देशवासियों से आग्रह किया कि वे इस वर्ष भी 'हर घर तिरंगा' अभियान को पूरे जोश और गर्व के साथ आगे बढ़ाएं। साथ ही उन्होंने 15 अगस्त के अपने भाषण के लिए नागरिकों से 'माईगव' पोर्टल पर सुझाव और विचार साझा करने का निमंत्रण दिया।
मन की बात में क्या बोले प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस की भावना को रेखांकित करते हुए कहा, '15 अगस्त हर भारतीय के लिए गर्व का दिन है। ये उन असंख्य वीरों को याद करने का दिन है, जिन्होंने भारत माता की स्वतंत्रता के लिए अपना सब कुछ समर्पित कर दिया। उनके त्याग और तपस्या की वजह से आज हमारे हाथ में तिरंगा है।' उन्होंने यह भी कहा कि इस तिरंगे में देश के संविधान के आदर्श समाहित हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब 15 अगस्त 2026 को भारत अपना 79वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी में है। गौरतलब है कि 'हर घर तिरंगा' अभियान की शुरुआत 2022 में हुई थी और तब से यह राष्ट्रीय पर्व का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है।
'हर घर तिरंगा' अभियान की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा, 'पिछले कुछ वर्षों में हर घर तिरंगा अभियान ने पूरे देश को एक अद्भुत भावना से जोड़ा है। हर घर-हर गली में तिरंगे का उत्सव दिखाई देता है। इस साल भी हमें इस अभियान को पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ाना है — अपने घर पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराना है।' उन्होंने देशवासियों से इस राष्ट्रीय भावना को जीवंत बनाए रखने का संकल्प लेने की अपील की।
भाषण के लिए सुझाव का आमंत्रण
मोदी ने नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा, 'हर वर्ष 15 अगस्त से पहले आप मुझे बहुत से विचार और सुझाव भेजते हैं। इस वर्ष भी आप अपने विचार माईगव पर जरूर साझा कीजिए। मुझे आपके सुझावों का इंतजार है।' यह परंपरा प्रधानमंत्री की जन-सहभागिता की उस शैली का हिस्सा है जो उन्होंने अपने पहले कार्यकाल से ही अपनाई है।
डॉ. कलाम और गुरु पूर्णिमा को श्रद्धांजलि
इसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि — 27 जुलाई — का स्मरण किया। उन्होंने कहा, 'डॉ. कलाम के व्यक्तित्व में कई प्रेरक रूप थे, लेकिन उनके हृदय के सबसे करीब एक शिक्षक की भूमिका थी। वे बच्चों और युवाओं को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते थे।'
मोदी ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देश के सभी शिक्षकों और गुरुजनों को श्रद्धापूर्वक प्रणाम करते हुए कहा कि माता-पिता हमारे पहले गुरु होते हैं और स्कूली शिक्षक हमें अक्षर ज्ञान देते हैं — यह पर्व ऐसे सभी गुरुओं के प्रति कृतज्ञता जताने का अवसर है।
आगे क्या
नागरिक माईगव पोर्टल पर अपने सुझाव 15 अगस्त 2026 से पहले दे सकते हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार ये सुझाव उनके स्वतंत्रता दिवस भाषण की दिशा तय करने में सहायक होते हैं — यह जन-भागीदारी की वह प्रक्रिया है जो हर वर्ष लाखों नागरिकों को सीधे राष्ट्रीय संवाद से जोड़ती है।