क्या पीएम मोदी की जापान और चीन यात्रा से राष्ट्रीय हितों को मिलेगा बढ़ावा?

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क्या पीएम मोदी की जापान और चीन यात्रा से राष्ट्रीय हितों को मिलेगा बढ़ावा?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान और चीन की यात्रा पर जाने से पहले कहा कि यह यात्रा भारत के राष्ट्रीय हितों को सुदृढ़ करेगी। अपने दौरे के दौरान, वे महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देंगे।

Key Takeaways

  • प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा भारत-जापान संबंधों को मजबूत करेगी।
  • वह शिगेरू इशिबा के साथ महत्वपूर्ण वार्ता करेंगे।
  • जापान यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी चीन में एससीओ शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।
  • इस यात्रा के दौरान भारत और जापान के उद्योगपतियों की बैठक होगी।
  • क्षेत्रीय और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।

नई दिल्ली, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात को जापान और चीन के लिए प्रस्थान किया। उन्होंने कहा कि उनकी जापान और चीन की आगामी यात्राएं भारत के राष्ट्रीय हितों और प्राथमिकताओं को और मजबूत करेंगी।

पीएम मोदी ने कहा, “मुझे विश्वास है कि मेरी जापान और चीन यात्राएं हमारे राष्ट्रीय हितों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाएंगी तथा क्षेत्रीय और वैश्विक शांति, सुरक्षा और सतत विकास में सार्थक सहयोग के निर्माण में योगदान देंगी।”

यह पीएम मोदी की जापान की आठवीं यात्रा होगी। शुक्रवार को वह जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। मई 2023 में वह आखिरी बार जापान गए थे। दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात जून 2025 में कनाडा में जी7 शिखर सम्मेलन और 2024 में लाओस में 21वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी।

पीएम मोदी ने कहा कि इस यात्रा के दौरान दोनों देश विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के अगले चरण को आकार देने पर ध्यान देंगे। इसके तहत आर्थिक और निवेश संबंधों के दायरे को और बढ़ाने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सेमीकंडक्टर्स जैसी नई और उभरती तकनीकों में सहयोग आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा। साथ ही दोनों देशों के सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को मजबूत करने का भी अवसर मिलेगा।

प्रधानमंत्री के दो दिवसीय प्रवास के दौरान जापानी प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ वार्ता और कार्यकारी रात्रिभोज निर्धारित है। दोनों नेता मियागी प्रीफेक्चर का भी दौरा करेंगे।

भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि इस यात्रा के दौरान रक्षा और सुरक्षा, व्यापार और अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और नवाचार, तथा लोगों के बीच आदान-प्रदान समेत कई अहम क्षेत्रों में विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी की समीक्षा की जाएगी।

भारत और जापान 2014 से स्पेशल स्ट्रैटेजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप साझा कर रहे हैं, जो सभ्यतागत रिश्तों और क्षेत्रीय एवं वैश्विक दृष्टिकोण की समानता पर आधारित है।

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत और जापान के उद्योगपतियों की बैठक भी होगी, जिसमें क्वाड सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा व स्थिरता जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

जापान यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीन के तियानजिन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह उनका सात साल बाद चीन दौरा होगा और 2020 में गलवान घाटी झड़प के बाद पहली यात्रा होगी।

पीएम मोदी ने कहा, “चीन में मैं एससीओ शिखर सम्मेलन में शामिल होऊंगा। भारत एक सक्रिय और रचनात्मक सदस्य है और अपनी अध्यक्षता के दौरान हमने नवाचार, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में नई पहल की हैं। मैं राष्ट्रपति शी जिनपिंग, राष्ट्रपति पुतिन और अन्य नेताओं से मुलाकात की भी प्रतीक्षा कर रहा हूं।”

Point of View

NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

पीएम मोदी की जापान यात्रा कब है?
पीएम मोदी की जापान यात्रा 28 अगस्त को शुरू हुई है, जिसमें वे 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
पीएम मोदी की चीन यात्रा कब होगी?
पीएम मोदी की चीन यात्रा 31 अगस्त से 1 सितंबर तक होगी, जहाँ वे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत के राष्ट्रीय हितों को सुदृढ़ करना और क्षेत्रीय सुरक्षा में सहयोग को बढ़ावा देना है।