क्या पीएम मोदी ने मलेशिया में तमिल भाषा और बंगाली साड़ी का जिक्र किया?

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क्या पीएम मोदी ने मलेशिया में तमिल भाषा और बंगाली साड़ी का जिक्र किया?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में मलेशिया के साथ भारत के सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने तमिल स्कूलों और बंगाली साड़ी के कार्यक्रम का उल्लेख किया, जो भारतीय संस्कृति के प्रति गर्व का प्रतीक है। जानिए इस कार्यक्रम की खासियतें और सांस्कृतिक जुड़ाव।

Key Takeaways

  • भारत के त्योहारों का वैश्विक स्तर पर उत्सव मनाना।
  • मलेशिया में भारत की सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण।
  • तमिल स्कूलों की बढ़ती संख्या।
  • बंगाली साड़ी का ऐतिहासिक महत्व।
  • 'मलेशिया इंडिया हेरिटेज सोसायटी' की भूमिका।

नई दिल्ली, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम के दौरान उल्लेख किया कि दुनिया के हर कोने में भारत के त्योहारों का आयोजन बड़े उत्साह और उमंग के साथ किया जाता है। जहां भी भारतीय समुदाय हैं, वे अपनी संस्कृति की मूल भावना को संरक्षित और बढ़ावा दे रहे हैं। इस संदर्भ में, पीएम मोदी ने मलेशिया के साथ भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी संस्कृति और त्योहार अब दुनिया में अपनी पहचान बना रहे हैं। हर तरह की सांस्कृतिक जीवंतता को बनाए रखने में भारतीय समुदाय का महत्वपूर्ण योगदान है।

उन्होंने कहा, "आज मलेशिया में 500 से अधिक तमिल स्कूल हैं। इनमें तमिल भाषा की पढ़ाई के साथ-साथ अन्य विषयों को भी तमिल में पढ़ाया जाता है। इसके अलावा, तेलुगु और पंजाबी समेत अन्य भारतीय भाषाओं पर भी ध्यान दिया जाता है।"

कार्यक्रम में, पीएम मोदी ने 'मलेशिया इंडिया हेरिटेज सोसायटी' की सराहना की। उन्होंने कहा, "भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में इस सोसायटी की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह संस्था विभिन्न कार्यक्रमों के साथ-साथ एक 'हैरिटेज वॉक' का आयोजन करती है, जिसमें दोनों देशों को जोड़ने वाले सांस्कृतिक स्थलों का समावेश किया जाता है।"

बंगाल की साड़ी का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "पिछले महीने मलेशिया में 'लाल पाड़ साड़ी' का आइकॉनिक वॉक आयोजित किया गया। इस साड़ी का बंगाल की संस्कृति से विशेष संबंध है। इस कार्यक्रम में सबसे अधिक संख्या में इस साड़ी को पहनने का रिकॉर्ड बना, जिसे 'मलेशियाई बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में दर्ज किया गया। इस अवसर पर ओडिशा के नृत्य और बाउल संगीत ने दर्शकों का मन मोह लिया।"

Point of View

यह स्पष्ट है कि पीएम मोदी का यह संदेश भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है। मलेशिया जैसे देशों में भारतीय भाषाओं और परंपराओं का संरक्षण एक प्रेरणादायक उदाहरण है। यह हमारे सांस्कृतिक धरोहर को संजोने और बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
NationPress
07/02/2026

Frequently Asked Questions

प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया में किस विषय पर बात की?
प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया में भारतीय संस्कृति, तमिल भाषा और बंगाली साड़ी के कार्यक्रमों का जिक्र किया।
मलेशिया में कितने तमिल स्कूल हैं?
मलेशिया में 500 से अधिक तमिल स्कूल हैं।
बंगाली साड़ी का आयोजन कब हुआ?
बंगाली साड़ी का आयोजन पिछले महीने मलेशिया में हुआ।
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