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क्या पीएम मोदी ने मेलोनी की आत्मकथा का प्राक्कथन लिखा?

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क्या पीएम मोदी ने मेलोनी की आत्मकथा का प्राक्कथन लिखा?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी की आत्मकथा के भारतीय संस्करण के लिए प्राक्कथन लिखा है। यह प्राक्कथन उनके गहरे संबंधों और विचारों को जोड़ने की क्षमता को दर्शाता है। जानें और इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें।

मुख्य बातें

पीएम मोदी ने जॉर्जिया मेलोनी की आत्मकथा का प्राक्कथन लिखा।
भारत और इटली के बीच गहरे संबंधों पर जोर दिया गया।
मेलोनी को एक असाधारण राजनीतिक नेता बताया गया।
सोशल मीडिया पर मेलोडी हैशटैग वायरल हो रहा है।
यह प्राक्कथन दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने का एक कदम है।

रोम, 29 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की आत्मकथा ‘आई एम जॉर्जिया’ के भारतीय संस्करण के लिए प्राक्कथन लिखा है। पीएम मोदी ने उन्हें एक "असाधारण राजनीतिक नेता" बताया, जो विचारों को जोड़ने की क्षमता रखती हैं, और उनके आत्मकथा को "मन की बात", यानी दिल से निकले विचारों की संज्ञा दी।

पीएम मोदी ने किताब के प्राक्कथन में भारत और इटली के बीच गहरे संबंधों पर प्रकाश डालते हुए लिखा कि यह रिश्ते "साझा सभ्यतागत प्रवृत्तियों" पर आधारित हैं, जैसे कि विरासत की रक्षा, समुदाय की शक्ति और स्त्रीत्व को मार्गदर्शक शक्ति के रूप में स्वीकार करना।

मेलोनी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जिनके प्रति मेरा गहरा सम्मान है, द्वारा मेरी किताब ‘आई एम जॉर्जिया’ के भारतीय संस्करण के लिए लिखे गए प्राक्कथन को पढ़कर मैं गहराई से प्रभावित और सम्मानित महसूस कर रही हूं।" यह भावना हमारे दोनों देशों के मजबूत रिश्तों का प्रमाण है।

इटली की समाचार एजेंसी एडनक्रोनोस के अनुसार, पीएम मोदी का यह प्राक्कथन व्यक्तिगत और प्रतीकात्मक दोनों रूपों में महत्वपूर्ण है। इसमें उन्होंने मेलोनी के साथ अपनी व्यक्तिगत दोस्ती और परंपरा तथा आधुनिकता के बीच सामंजस्य को दर्शाया है।

पीएम मोदी ने लिखा, "मुझे पूरा विश्वास है कि यह किताब एक असाधारण समकालीन राजनीतिक नेता और देशभक्त की प्रेरणादायक कहानी के रूप में स्वीकार की जाएगी। इस प्राक्कथन को लिखना मेरे लिए बड़ा सम्मान है।"

स्थानीय मीडिया ने उल्लेख किया कि पीएम मोदी अब तक केवल दो अन्य किताबों के लिए प्राक्कथन लिख चुके हैं, एक 2014 में आनंदीबेन पटेल पर और दूसरी 2017 में हेमा मालिनी की आत्मकथा पर।

रिपोर्ट में कहा गया कि मेलोनी की किताब के लिए लिखा गया यह प्राक्कथन एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और व्यक्तिगत संकेत है। दोनों नेताओं के संबंध दिसंबर 2023 में चर्चा में आए जब मेलोनी ने दुबई में सीओपी28 सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी के साथ एक सेल्फी साझा की थी। इसके बाद से सोशल मीडिया पर मेलोडी हैशटैग करोड़ों व्यूज प्राप्त कर चुका है और हर बार उनकी मुलाकात पर वायरल हो जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी दर्शाया है कि वे वैश्विक राजनीति में सहयोग और दोस्ती के महत्व को समझते हैं। यह कदम दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को और बढ़ा सकता है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी ने मेलोनी की किताब के लिए प्राक्कथन क्यों लिखा?
पीएम मोदी ने इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी की आत्मकथा के भारतीय संस्करण के लिए प्राक्कथन लिखा ताकि भारत और इटली के बीच संबंधों को मजबूत किया जा सके।
इस प्राक्कथन में पीएम मोदी ने क्या कहा?
पीएम मोदी ने मेलोनी को एक असाधारण राजनीतिक नेता बताया और उनके विचारों को जोड़ने की क्षमता की सराहना की।
मेलोनी ने पीएम मोदी के प्राक्कथन पर क्या प्रतिक्रिया दी?
मेलोनी ने कहा कि वह पीएम मोदी द्वारा लिखे गए प्राक्कथन को पढ़कर गहराई से प्रभावित और सम्मानित महसूस कर रही हैं।
क्या यह प्राक्कथन महत्वपूर्ण है?
हां, यह प्राक्कथन राजनीतिक और व्यक्तिगत दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, जो दोनों नेताओं के बीच सहयोग को दर्शाता है।
मेलोनी की आत्मकथा का शीर्षक क्या है?
मेलोनी की आत्मकथा का शीर्षक 'आई एम जॉर्जिया' है।
राष्ट्र प्रेस
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