क्या 2026 तक हरियाणा-112 को दुनिया का सबसे तेज आपातकालीन मॉडल बनाने के प्रयास होंगे?

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क्या 2026 तक हरियाणा-112 को दुनिया का सबसे तेज आपातकालीन मॉडल बनाने के प्रयास होंगे?

सारांश

हरियाणा 112 की आपातकालीन सेवाएँ 2025 में सुरक्षा और राहत के क्षेत्र में नए मील का पत्थर स्थापित कर चुकी हैं। पुलिस महानिदेशक का कहना है कि एम्बुलेंस और आपात सेवाओं को और तेज करने के लिए 2026 तक कई तकनीकी सुधार किए जाएंगे। जानिए कैसे हरियाणा 112 बन रहा है दुनिया का सबसे तेज आपातकालीन सेवा मॉडल।

Key Takeaways

  • हरियाणा 112 ने 2.75 करोड़ से अधिक आपातकालीन कॉल संभाले हैं।
  • औसत प्रतिक्रिया समय में सुधार हुआ है।
  • सेवा में 92.60 प्रतिशत कॉलर संतुष्ट हैं।
  • बढ़ती तकनीकी नवाचारों से सेवा को और तेज़ बनाया जाएगा।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में तेज़ पहुँच के लिए नई रूटिंग सिस्टम लागू किया जाएगा।

चंडीगढ़, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा की आपातकालीन सेवा हरियाणा 112–ईआरएसएस ने वर्ष 2025 में राज्य में सुरक्षा और राहत सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया है। 12 जुलाई 2021 को प्रारंभ हुए इस एकीकृत हेल्पलाइन प्लेटफॉर्म ने चार वर्षों में अपनी पहुँच और विश्वसनीयता में अत्यधिक वृद्धि की है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 31 दिसंबर 2025 तक इस प्रणाली पर 2.75 करोड़ से अधिक कॉल दर्ज की गई हैं, जो दर्शाती है कि नागरिक अब हर आपातकालीन स्थिति में सबसे पहले ‘112’ को सहायता के लिए याद करते हैं।

बढ़ती कॉल संख्या इस सेवा की लोकप्रियता, विश्वसनीयता और राज्य सरकार के प्रयासों का स्पष्ट प्रमाण है।

राज्य के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा 112 की उल्लेखनीय उपलब्धियां राज्य की आपातकालीन सेवाओं के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती हैं। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में 112 ने 2.75 करोड़ से अधिक कॉलों को संभालते हुए जनता का विश्वास जीता है और औसत प्रतिक्रिया समय को 16 मिनट 14 सेकंड से घटाकर 9 मिनट 33 सेकंड तक लाने में सफलता हासिल की है, जो पुलिस, स्वास्थ्य और अग्निशामक सेवाओं के बेहतर समन्वय का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि 92.60 प्रतिशत कॉलर्स की संतुष्टि इस सेवा की विश्वसनीयता और टीमवर्क का परिणाम है।

डीजीपी ने 2026 के विजन को साझा करते हुए बताया कि आने वाले वर्ष में हरियाणा 112 को पूरी तरह ऑटो डिस्पैच आधारित, एआई संचालित और रियल-टाइम मॉनिटरिंग से सुसज्जित किया जाएगा, जिसमें निजी एम्बुलेंस और ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से पहुँचने के लिए उन्नत रूटिंग सिस्टम शामिल किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि लक्ष्य है कि 2026 के अंत तक प्रतिक्रिया समय को और कम करके ‘गोल्डन मिनट्स’ में मदद पहुंचाई जाए, ताकि हर नागरिक को हर परिस्थिति में सुरक्षित, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण सहायता उपलब्ध हो सके।

हरियाणा 112 की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक प्रतिक्रिया समय में निरंतर सुधार है। जुलाई 2021 में जहां पुलिस ईआरवी का औसत प्रतिक्रिया समय 16 मिनट 14 सेकंड था, वहीं दिसंबर 2025 में यह घटकर केवल 9 मिनट 33 सेकंड रह गया। यह सुधार पुलिस बल, स्वास्थ्य सेवाओं, अग्निशामक और प्रशासनिक तंत्र के बीच बेहतर समन्वय, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग का परिणाम है। प्रतिक्रिया समय में आई यह कमी नागरिकों की सुरक्षा और आपात स्थितियों में समय पर मदद पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण है।

एडीजीपी हरदीप दून का कहना है कि तेजी से प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में ईआरवी की तैनाती, जीपीएस ट्रैकिंग और डिस्पैच सिस्टम को निरंतर अपग्रेड किया गया है, जिसके उत्कृष्ट परिणाम सामने आए हैं।

हरियाणा -112 की सेवाओं को लेकर नागरिक संतुष्टि भी लगातार बढ़ती जा रही है। 2025 के अंत तक किए गए विश्लेषण में 92.60 प्रतिशत कॉलर्स ने सेवाओं को संतोषजनक बताया। नागरिकों की संतुष्टि का एक कारण यह भी है कि राज्य ने पुलिस, अग्निशामक, चिकित्सा, यातायात, साइबर अपराध, आपदा प्रबंधन, महिला हेल्पलाइन और चिल्ड्रन हेल्पलाइन जैसे सभी महत्वपूर्ण नंबरों को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ दिया है। अब लोग किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में विभिन्न नंबर खोजने के बजाय केवल “112” डायल कर तुरंत सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इससे न केवल प्रक्रिया सरल हुई है, बल्कि राहत पहुंचाने में समय की बचत भी हुई है। इसके साथ ही ईआरवी की संख्या और उपलब्धता ने भी सेवा को मजबूती दी है, जिसमें पुलिस, अग्निशामक, एम्बुलेंस और पीसीआर वाहनों का बड़ा नेटवर्क शामिल है।

हरियाणा-112 अब तकनीकी नवाचारों के साथ और अधिक सशक्त हो रहा है। जुलाई 2025 में पंचकूला जिले में 'ऑटो डिस्पैच पायलट' शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य मानवीय हस्तक्षेप को कम करते हुए एसओएस कॉल प्राप्त होते ही स्वतः ईआरवी भेजना है। इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इसे अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जीपीएस आधारित ईआरवी प्रदर्शन ऑडिट मॉड्यूल को भी लागू किया गया है, जो हर घटना के बाद वाहन की गति, प्रतिक्रिया और घटना स्थल से दूरी जैसे महत्वपूर्ण मापदंडों का स्वत: विश्लेषण करता है। यह मॉड्यूल पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रदर्शन सुधार के लिए महत्वपूर्ण साधन साबित हो रहा है। इसके साथ ही सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निजी अस्पतालों की एम्बुलेंस को 112 प्रणाली से जोड़ना भी राज्य की बड़ी उपलब्धि है। वर्तमान में पार्क हॉस्पिटल ग्रुप की पाँच एम्बुलेंस इस पायलट मॉडल में शामिल होकर सफलतापूर्वक सेवा दे रही हैं।

दून का कहना है कि आने वाले समय में 112 प्रणाली को और अधिक उन्नत किया जाएगा, ताकि प्रतिक्रिया समय को और कम किया जा सके और पूरे राज्य में आपातकालीन सेवाओं को और अधिक प्रभावी, सुलभ और त्वरित बनाया जा सके। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि सुधारों का यही क्रम जारी रहा, तो हरियाणा 112 देश के सबसे श्रेष्ठ आपातकालीन सेवा मॉडल के रूप में स्थापित होगा।

Point of View

बल्कि यह राज्य की प्रशासनिक दक्षता का भी प्रतीक हैं। इस सेवा के माध्यम से, हरियाणा सरकार ने आपातकालीन प्रतिक्रियाओं को अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बनाने के लिए तकनीकी नवाचारों को अपनाया है। यह राज्य के लिए गर्व का विषय है कि वह देश के सबसे बेहतरीन आपातकालीन सेवा मॉडल के रूप में उभर रहा है।
NationPress
13/01/2026

Frequently Asked Questions

हरियाणा 112 क्या है?
हरियाणा 112 एक एकीकृत आपातकालीन सेवाओं का प्लेटफॉर्म है, जो पुलिस, अग्निशामक, और चिकित्सा सहायता प्रदान करता है।
हरियाणा 112 की सफलता का कारण क्या है?
इसकी सफलता का मुख्य कारण तकनीकी नवाचार और बेहतर समन्वय है, जिससे प्रतिक्रिया समय में सुधार हुआ है।
क्या हरियाणा 112 का उपयोग करना आसान है?
हाँ, आप किसी भी आपात स्थिति में केवल 112 डायल करके तुरंत सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
हरियाणा 112 का औसत प्रतिक्रिया समय क्या है?
वर्तमान में, औसत प्रतिक्रिया समय 9 मिनट 33 सेकंड है, जो पहले 16 मिनट 14 सेकंड था।
क्या हरियाणा 112 को और तेज़ बनाया जाएगा?
जी हाँ, 2026 तक इसे और अधिक तकनीकी सुधारों के साथ सुसज्जित किया जाएगा।
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