राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन का निरीक्षण: मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और डीजीपी राजीव शर्मा ने परखी शिकायत निवारण प्रणाली

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राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन का निरीक्षण: मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और डीजीपी राजीव शर्मा ने परखी शिकायत निवारण प्रणाली

सारांश

राजस्थान के मुख्य सचिव और डीजीपी ने 'संपर्क 181 हेल्पलाइन' का सीधे जाकर जायज़ा लिया — लाइव केस सुना, शिकायतकर्ता से बात की। आँकड़े बताते हैं कि पिछले एक साल में 1,60,292 पुलिस शिकायतों में से 95%25 का निपटारा हुआ। क्या यह मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए मिसाल बन सकता है?

Key Takeaways

  • मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और डीजीपी राजीव शर्मा ने 28 अप्रैल को राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन सेंटर का निरीक्षण किया।
  • पिछले एक वर्ष में पुलिस विभाग से जुड़ी 1,60,292 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 1,52,444 यानी लगभग 95%25 का निपटारा हो चुका है।
  • मुख्य सचिव ने पोर्टल को 'भारत की सर्वश्रेष्ठ शिकायत निवारण प्रणाली' बताया और इसे अन्य राज्यों के लिए मॉडल घोषित किया।
  • जयपुर ग्रामीण के एक शिकायतकर्ता से सीधी बातचीत हुई, जिसकी कथित एफआईआर न दर्ज होने की शिकायत उसी दिन दर्ज की गई और जाँच जारी है।
  • डीजीपी ने शिकायतों के सही वर्गीकरण, संवेदनशील निपटारे और लंबित मामलों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।

राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने मंगलवार, 28 अप्रैल को जयपुर स्थित सरकारी सचिवालय में 'राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन सेंटर' का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य सेंटर की संचालन प्रणाली की समीक्षा करना और शिकायत निवारण की गुणवत्ता का व्यावहारिक मूल्यांकन करना था।

निरीक्षण का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

इस दौरे का व्यापक लक्ष्य सुशासन को मज़बूत करना और सार्वजनिक सेवा वितरण में किसी भी चूक के प्रति राज्य सरकार के 'जीरो-टॉलरेंस' रवैये को पुख्ता करना था। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार डिजिटल शिकायत निवारण प्रणालियों को नागरिक-केंद्रित शासन की धुरी बनाने पर ज़ोर दे रही है। गौरतलब है कि राजस्थान संपर्क पोर्टल को देश की अग्रणी ई-गवर्नेंस पहलों में गिना जाता है।

मुख्य घटनाक्रम

निरीक्षण के दौरान दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने सेंटर की संचालन प्रणालियों की जाँच की और दर्ज शिकायतों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने एक 'लाइव केस' को सुनकर और उसका 'केस स्टडी' के रूप में विश्लेषण करके शिकायत निवारण की वास्तविक गुणवत्ता का आकलन किया। इस दौरान उन्होंने जयपुर ग्रामीण के एक शिकायतकर्ता से भी सीधी बातचीत की, जिसकी शिकायत कथित तौर पर एफआईआर दर्ज न होने से जुड़ी थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वह शिकायत उसी दिन दर्ज कर ली गई थी और मामले की जाँच अभी जारी है।

अधिकारियों के निर्देश और टिप्पणियाँ

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अधिकारियों को बेहतर सार्वजनिक सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए कार्य में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने 'राजस्थान संपर्क पोर्टल' को 'भारत की सर्वश्रेष्ठ शिकायत निवारण प्रणाली' बताते हुए कहा कि शिकायत दर्ज होने से लेकर उसके समाधान तक की निर्बाध डिजिटल प्रक्रिया अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श मॉडल है।

पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने शिकायतों के 'रियल-टाइम' निवारण की प्रक्रिया को 'आँखें खोलने वाला' अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली जनता का विश्वास मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों का सही वर्गीकरण और उचित 'मैपिंग' सुनिश्चित की जाए, सेवा-संबंधी मुद्दों को संवेदनशीलता के साथ संभाला जाए और लंबित मामलों की नियमित निगरानी की जाए।

आँकड़ों में प्रणाली की प्रभावशीलता

आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में संपर्क पोर्टल पर पुलिस विभाग से संबंधित 1,60,292 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 1,52,444 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है, जो लगभग 95 प्रतिशत की निपटारा दर को दर्शाता है। यह आँकड़ा इस डिजिटल प्रणाली की व्यावहारिक प्रभावशीलता को रेखांकित करता है।

आगे की राह

इस निरीक्षण के बाद राज्य प्रशासन से अपेक्षा है कि वह शिकायत निवारण की गति और गुणवत्ता में और सुधार के लिए ठोस कदम उठाएगा। यदि यह मॉडल सफल रहा, तो यह अन्य राज्यों के लिए ई-गवर्नेंस में अनुकरणीय उदाहरण बन सकता है।

Point of View

लेकिन असली सवाल यह है कि 'निपटारा' की परिभाषा क्या है — क्या शिकायत बंद करना और समस्या का वास्तविक समाधान एक ही बात है? वरिष्ठ अधिकारियों का सीधे हेल्पलाइन सेंटर जाकर लाइव केस सुनना सुशासन की दिशा में सकारात्मक संकेत है, लेकिन यह एकबारगी निरीक्षण नहीं, बल्कि नियमित जवाबदेही तंत्र बनना चाहिए। जयपुर ग्रामीण के एफआईआर मामले जैसी शिकायतें बताती हैं कि ज़मीनी स्तर पर अभी भी अंतराल हैं। पोर्टल को 'राष्ट्रीय मॉडल' घोषित करने से पहले स्वतंत्र तृतीय-पक्ष ऑडिट और नागरिक संतुष्टि सर्वेक्षण ज़रूरी हैं।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन क्या है?
राजस्थान संपर्क 181 एक सरकारी शिकायत निवारण हेल्पलाइन है, जो जयपुर स्थित सरकारी सचिवालय से संचालित होती है। इस पर नागरिक सरकारी विभागों, विशेषकर पुलिस से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं और उनकी डिजिटल ट्रैकिंग कर सकते हैं।
इस निरीक्षण में क्या पाया गया?
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और डीजीपी राजीव शर्मा ने पाया कि पिछले एक वर्ष में दर्ज 1,60,292 पुलिस शिकायतों में से 1,52,444 यानी लगभग 95%25 का निपटारा हो चुका है। एक लाइव केस और जयपुर ग्रामीण के एक शिकायतकर्ता से सीधी बातचीत भी की गई।
जयपुर ग्रामीण एफआईआर मामले में क्या हुआ?
निरीक्षण के दौरान जयपुर ग्रामीण के एक शिकायतकर्ता से बातचीत हुई, जिसकी शिकायत कथित तौर पर एफआईआर दर्ज न होने से जुड़ी थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिकायत उसी दिन दर्ज कर ली गई थी और मामले की जाँच अभी जारी है।
राजस्थान संपर्क पोर्टल को राष्ट्रीय मॉडल क्यों कहा जा रहा है?
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने इसे 'भारत की सर्वश्रेष्ठ शिकायत निवारण प्रणाली' बताया क्योंकि इसमें शिकायत दर्ज होने से समाधान तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल और निर्बाध है। उनके अनुसार यह अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय मॉडल है।
डीजीपी ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने अधिकारियों को शिकायतों का सही वर्गीकरण और उचित मैपिंग सुनिश्चित करने, सेवा-संबंधी मुद्दों को संवेदनशीलता से संभालने और लंबित मामलों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
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