राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 का सीएम भजनलाल शर्मा ने किया निरीक्षण, खुद फोन पर सुनीं जनता की समस्याएँ
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार, 28 मई 2026 को जयपुर स्थित शासन सचिवालय में राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं फोन उठाकर आम नागरिकों से सीधी बातचीत की, उनकी शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। यह दौरा सरकारी सेवाओं की ज़मीनी पहुँच परखने की मुख्यमंत्री की पहल का हिस्सा था।
मुख्यमंत्री ने खुद उठाया फोन, नागरिक रह गए हैरान
कोटा जिले के खैराबाद निवासी युवक प्रिंस को जब फोन पर आवाज़ आई — 'मैं भजनलाल शर्मा बोल रहा हूँ, बताइए आपकी क्या समस्या है?' — तो वह कुछ पल के लिए अवाक रह गया। संभलने के बाद उसने बिजली आपूर्ति से जुड़ी अपनी परेशानी मुख्यमंत्री के सामने रखी। शर्मा ने तत्काल अधिकारियों को मामले के शीघ्र निपटारे का निर्देश देते हुए शिकायतकर्ता को भरोसा दिलाया कि समस्या जल्द सुलझाई जाएगी।
इसी क्रम में दौसा जिले के रामगढ़ पचवारा निवासी पुनीराम ने पट्टे से संबंधित शिकायत दर्ज कराई। मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया, 'मैं आपके गाँव आ चुका हूँ। आपके मामले को लेकर पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं।' यह सुनकर शिकायतकर्ता ने संतोष व्यक्त किया।
अजमेर जिले के अराई निवासी हेमराज ने अपने क्षेत्र में पेयजल संकट की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने पूरे मामले का विस्तृत ब्यौरा लेने के बाद संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए।
हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली और मॉनिटरिंग की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री शर्मा ने हेल्पलाइन की शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, मॉनिटरिंग सिस्टम और समाधान की गति की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कर्मचारियों से नियमित फीडबैक लिया जाए, बेहतर प्रदर्शन करने वालों को प्रोत्साहित किया जाए और शिकायत निपटान की निगरानी को और सुदृढ़ बनाया जाए।
गौरतलब है कि राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 राज्य सरकार की एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली है, जिसके माध्यम से नागरिक विभिन्न सरकारी विभागों से जुड़ी समस्याएँ दर्ज करा सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार सुशासन और जन-सेवाओं की प्रभावी डिलीवरी को अपनी प्राथमिकता बता रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के नियमित दौरे का निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हेल्पलाइन व्यवस्था को और मज़बूत बनाने के लिए विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को नियमित रूप से हेल्पलाइन केंद्र का दौरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह हेल्पलाइन आम लोगों की समस्याओं के समाधान का एक प्रभावी माध्यम बन रही है।
आम जनता पर असर
तीनों जिलों — कोटा, दौसा और अजमेर — के शिकायतकर्ताओं के मामले सीधे मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने से यह संदेश गया कि हेल्पलाइन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सक्रिय निगरानी का माध्यम है। मुख्यमंत्री ने हर शिकायत के समयबद्ध और संतोषजनक निपटान पर ज़ोर दिया।
आगे की राह
मुख्यमंत्री के इस दौरे के बाद हेल्पलाइन की निगरानी प्रक्रिया में बदलाव की उम्मीद है। अधिकारियों के नियमित निरीक्षण दौरों से शिकायत निपटान की गति और जवाबदेही दोनों बढ़ने की संभावना है। यह देखना होगा कि इस पहल का असर ज़मीनी स्तर पर कितनी जल्दी दिखता है।