भजनलाल शर्मा की बांसवाड़ा के आदिवासी गांव में चौपाल, हिरन नदी पर बांध समेत कई मांगें मंजूर

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भजनलाल शर्मा की बांसवाड़ा के आदिवासी गांव में चौपाल, हिरन नदी पर बांध समेत कई मांगें मंजूर

सारांश

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बांसवाड़ा के सुदूर आदिवासी गांव चूड़ा में पीपल के पेड़ के नीचे चौपाल लगाई — हिरन नदी पर बांध का आदेश दिया, भ्रष्ट CMO को APO में डाला और सेरेब्रल पाल्सी पीड़ित बच्चे की माँ की अपील पर तबादला आदेश मौके पर जारी किया।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 21 मई 2026 को बांसवाड़ा जिले के आदिवासी गांव चूड़ा में 'ग्राम विकास चौपाल' लगाई।
ग्रामीणों की माँग पर हिरन नदी पर छोटा बांध बनाने के निर्देश दिए गए।
थुम्मथ गांव में माँ बारी केंद्र के लिए ₹16.20 लाख , ट्यूबवेल के लिए ₹20 लाख और मंदिर परिसर सौंदर्यीकरण के लिए ₹7 लाख मंजूर।
गिरीश भाभोर (CMO, कुशलगढ़) को कथित वित्तीय अनियमितताओं पर APO में डाला गया।
सहायक अभियंता हेमंत कुमार कलाल का तबादला सगवाड़ा से बांसवाड़ा किया गया — बेटे के सेरेब्रल पाल्सी उपचार के लिए पत्नी की अपील पर।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 21 मई 2026 को बांसवाड़ा जिले के दूरदराज आदिवासी गांव चूड़ा का दौरा किया और राज्य सरकार की 'ग्राम विकास चौपाल' पहल के तहत ग्रामीणों से सीधी बातचीत की। बुधवार रात चौपाल लगाने के बाद मुख्यमंत्री गुरुवार सुबह पुनः गांव पहुँचे, गलियों में पैदल घूमे और स्थानीय निवासियों की समस्याएँ सुनीं।

चौपाल में उठे मुद्दे और तत्काल निर्देश

मुख्यमंत्री ने एक पीपल के पेड़ के नीचे चौपाल लगाई, जहाँ ग्रामीणों ने पेयजल आपूर्ति, बुनियादी ढाँचे और स्थानीय विकास से जुड़े सवाल उठाए। इन माँगों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए शर्मा ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि सिंचाई और पीने के पानी की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए हिरन नदी पर एक छोटा बांध बनाया जाए।

मंजूर किए गए विकास कार्य

चाय-चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कई स्थानीय माँगों को मौके पर ही स्वीकृति दी। थुम्मथ गांव में 'माँ बारी केंद्र' के निर्माण के लिए ₹16.20 लाख, थुम्मथ चौराहे पर सिंगल-फेज ट्यूबवेल के लिए ₹20 लाख और चूड़ा गांव में 'माँ बालेश्वर दयाल मंदिर परिसर' में इंटरलॉकिंग व सौंदर्यीकरण के लिए ₹7 लाख की मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त अधिकारियों को सरकारी स्कूल में दो क्लासरूम बनाने और गांव के पास एक दूध कलेक्शन सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए गए।

भ्रष्टाचार की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई

चौपाल के दौरान कर्मचारियों ने कुशलगढ़ ब्लॉक के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गिरीश भाभोर पर कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद चिकित्सा विभाग ने डॉ. भाभोर को 'पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा' (APO) में डाल दिया।

मानवीय स्पर्श: सेरेब्रल पाल्सी पीड़ित बच्चे की माँ की अपील

रोशनी कलाल ने मुख्यमंत्री से अपने पति हेमंत कुमार कलाल — जो जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में सहायक अभियंता हैं — का तबादला सगवाड़ा से बांसवाड़ा करने का अनुरोध किया, ताकि उनके सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बेटे के इलाज में सुविधा हो सके। शर्मा ने मौके पर ही निर्देश दिए और बांसवाड़ा स्थित कार्यकारी अभियंता कार्यालय में तबादले के आदेश जारी कर दिए गए।

जल संरक्षण और खेती पर जोर

किसानों और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा, 'पानी का कोई विकल्प नहीं है — हर बूंद का समझदारी से इस्तेमाल किया जाना चाहिए।' उन्होंने सूक्ष्म-सिंचाई, वर्षा जल संचयन, तालाब निर्माण और आधुनिक कृषि पद्धतियाँ अपनाने का आग्रह किया। साथ ही किसानों को आय बढ़ाने के लिए पशुपालन और फलों की खेती को परंपरागत खेती के साथ जोड़ने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने 'माँ बारी केंद्र' का भी दौरा किया, बच्चों से बातचीत की और उनमें चॉकलेट वितरित की। दौरे की शुरुआत में उन्होंने संत मामा बालेश्वर दयाल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। यह दौरा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय दर्शन को ज़मीनी स्तर पर लागू करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि मौके पर दिए गए निर्देश फाइलों में दबकर न रह जाएँ। हिरन नदी बांध जैसी घोषणाएँ राजस्थान के आदिवासी बहुल दक्षिणी ज़िलों में वर्षों से लंबित सिंचाई संकट की ओर इशारा करती हैं — यह पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र में जल परियोजनाओं के वादे किए गए हैं। डॉ. भाभोर को APO में डालना त्वरित जवाबदेही का संकेत देता है, परंतु जाँच की स्वतंत्रता और पारदर्शिता पर निगाह रखनी होगी। चौपाल मॉडल तभी टिकाऊ साबित होगा जब इसमें घोषणाओं की समयबद्ध निगरानी का तंत्र हो।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्राम विकास चौपाल क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
यह राजस्थान सरकार की एक पहल है जिसके तहत मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी सीधे गांवों में जाकर ग्रामीणों की समस्याएँ सुनते हैं और मौके पर समाधान देने का प्रयास करते हैं। इसका उद्देश्य अंत्योदय के सिद्धांत के अनुरूप सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के सबसे वंचित तबकों तक पहुँचाना है।
बांसवाड़ा दौरे में कितने और किन विकास कार्यों को मंजूरी मिली?
मुख्यमंत्री ने थुम्मथ गांव में माँ बारी केंद्र के लिए ₹16.20 लाख , ट्यूबवेल के लिए ₹20 लाख और चूड़ा गांव में मंदिर परिसर सौंदर्यीकरण के लिए ₹7 लाख मंजूर किए। इसके अलावा सरकारी स्कूल में दो क्लासरूम और दूध कलेक्शन सेंटर बनाने के निर्देश भी दिए गए।
डॉ. गिरीश भाभोर को APO में क्यों डाला गया?
कुशलगढ़ ब्लॉक के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गिरीश भाभोर पर कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप चौपाल के दौरान कर्मचारियों ने लगाए। मुख्यमंत्री के तत्काल कार्रवाई के निर्देश पर चिकित्सा विभाग ने उन्हें 'पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा' (APO) में डाल दिया।
हिरन नदी पर बांध बनाने का निर्णय क्यों लिया गया?
चूड़ा गांव के ग्रामीणों ने पेयजल और सिंचाई की गंभीर समस्या उठाई, जिस पर मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को हिरन नदी पर छोटा बांध बनाने के निर्देश दिए। यह बांसवाड़ा के आदिवासी इलाकों में दीर्घकालिक जल संकट के समाधान की दिशा में उठाया गया कदम है।
रोशनी कलाल का मामला क्या था और उसका क्या हुआ?
रोशनी कलाल ने मुख्यमंत्री से अपने पति हेमंत कुमार कलाल (सहायक अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग) का तबादला सगवाड़ा से बांसवाड़ा करने की अपील की, ताकि उनके सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बेटे का उचित इलाज हो सके। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मौके पर ही तबादले के आदेश जारी कर दिए गए।
राष्ट्र प्रेस
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