भजनलाल शर्मा पाली के ग्रामीण सेवा शिविर में पहुंचे, लाभार्थियों को पट्टे वितरित कर योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार, 20 जून 2026 को पाली जिले के सुमेरपुर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, नेतरा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का सीधे मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन किया, लाभार्थियों से आमने-सामने बातचीत की और शिविर में मिल रही सुविधाओं पर फीडबैक लिया। इस दौरान उन्होंने पात्र जरूरतमंदों को पट्टे वितरित कर सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिलाया।
शिविर का उद्देश्य और दायरा
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार आमजन तक राहत पहुंचाने के लिए पूरे प्रदेश में ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों का आयोजन कर रही है। इन शिविरों के माध्यम से किसान, मजदूर, गरीब, दिव्यांग, महिलाएं और समाज के अन्य जरूरतमंद वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दस्तावेजों के शुद्धिकरण और लंबित मामलों के निस्तारण से पात्र लोगों के लिए योजनाओं का रास्ता खुल रहा है।
मुख्य सेवाएं और कार्य
शिविर में नाम शुद्धिकरण, नामांतरण, रास्तों से जुड़े विवादों का समाधान, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के प्रकरणों का निस्तारण और पेंशन सत्यापन सहित अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। किसानों को मृदा परीक्षण, बीज मिनीकिट और फलदार वृक्षों के पौधे भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे कृषि उत्पादन और आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा पशुपालकों को पशुओं की स्वास्थ्य जांच और उपचार की सुविधा भी दी जा रही है।
नाम शुद्धिकरण का जीवंत उदाहरण
मुख्यमंत्री ने एक किसान का उदाहरण देते हुए बताया कि जमाबंदी में उसका नाम 'ओट सिंह' दर्ज था, जबकि अन्य दस्तावेजों में वह 'अर्जुन सिंह' के नाम से जाना जाता था। इस विसंगति के कारण वह किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहा था। शिविर में नाम सुधार होने के बाद अब वह सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकेगा — यह उदाहरण दर्शाता है कि दस्तावेजी त्रुटियाँ किस तरह लाखों पात्र लाभार्थियों को सरकारी सहायता से वंचित कर देती हैं।
पट्टा वितरण और लाभार्थी
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हजाराम, भैराराम और मांगीलाल को विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू श्रेणी के तहत पट्टे वितरित किए। वहीं अजु देवी को पुराने घर के विनियमितीकरण और कपूराराम को रियायती दर पर पट्टा आवंटन के प्रमाण-पत्र सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से अपील की कि वे जागरूक होकर इन शिविरों का अधिकतम लाभ उठाएं।
आगे की दिशा
गौरतलब है कि यह शिविर राज्य सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत प्रशासन को आमजन के दरवाजे तक ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर कृषि सहायता तक, इन शिविरों की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि दस्तावेजी सुधार कितनी तेजी से जमीन पर लागू होते हैं और कितने लाभार्थी वास्तव में योजनाओं से जुड़ पाते हैं।