29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन का जयपुर में उद्घाटन, CM भजनलाल ने लॉन्च की SMART परियोजना और व्हाट्सएप सेवा
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार, 1 जुलाई 2026 को जयपुर स्थित राजस्थान अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (RIC) में 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन किया। इस सम्मेलन में 80 से अधिक केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों, 28 राज्यों तथा 8 केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
मुख्यमंत्री का संबोधन: मोदी के दृष्टिकोण की सराहना
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 से सुशासन के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग का जो दृष्टिकोण अपनाया, उसने देशभर में सार्वजनिक सेवा वितरण को मौलिक रूप से बदल दिया है। उन्होंने कहा कि जन-धन, आधार और मोबाइल (JAM) त्रिकोण ने कल्याणकारी योजनाओं के वितरण में बिचौलियों की भूमिका को समाप्त कर दिया है।
शर्मा ने आगे कहा कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) ने यह सुनिश्चित किया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुँचे। उन्होंने डिजिटल इंडिया और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को भारत के डिजिटल रूपांतरण की रीढ़ बताया।
SMART परियोजना और नई डिजिटल पहलों का शुभारंभ
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री शर्मा ने तीन महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ किया — आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रियल टाइम सिस्टम (SMART) परियोजना, ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा, और राजस्थान इनोवेशन चैलेंज। इसके अलावा उन्होंने राज्य की डिजिटल शासन पहलों को रेखांकित करने वाली एक कॉफी टेबल बुक का भी अनावरण किया।
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने प्रौद्योगिकी-आधारित सरकारी सेवाओं और नवोन्मेषी डिजिटल समाधानों को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी का उद्घाटन कर उसका दौरा किया। उद्घाटन सत्र के पश्चात उन्होंने उद्योग प्रतिनिधियों के साथ एक गोलमेज चर्चा में भी भाग लिया।
ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा: 27 सरकारी सुविधाएँ एक मैसेज पर
नई ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा के तहत नागरिक WhatsApp नंबर 946106270 पर केवल 'हाय' भेजकर 27 सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। इनमें बिजली और पानी के बिलों का भुगतान, विभिन्न प्रमाणपत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन तथा अन्य सरकारी सुविधाएँ शामिल हैं।
राज्य सरकार के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक सेवाओं को अधिक सुलभ बनाना और नागरिकों को सरकारी कार्यालयों एवं ई-मित्र केंद्रों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत दिलाना है। यह पहल डिजिटल शासन को आम नागरिक के स्मार्टफोन तक सीधे पहुँचाने की दिशा में एक व्यावहारिक कदम मानी जा रही है।
सम्मेलन में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ और आगे का कार्यक्रम
सम्मेलन में राजस्थान के संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री राजवर्धन सिंह राठौर भी उपस्थित रहे। केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह गुरुवार को सम्मेलन में शामिल होने वाले हैं।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन केंद्र और राज्य सरकारों के बीच डिजिटल शासन के सर्वोत्तम अनुभवों को साझा करने का प्रमुख मंच है। इस वर्ष इसकी मेज़बानी राजस्थान को मिलना, राज्य की डिजिटल प्रशासन में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।