राजस्थान CM भजनलाल शर्मा का बांसवाड़ा दौरा: अवैध धर्मांतरण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 21 मई 2026 को बांसवाड़ा में जिला-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध धर्मांतरण में संलिप्त व्यक्तियों और राजनीतिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाए। यह बैठक बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों के तीन-दिवसीय प्रशासनिक दौरे के दूसरे दिन बांसवाड़ा कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई।
मुख्य घटनाक्रम
बैठक में मुख्यमंत्री ने जिले में लागू सरकारी योजनाओं, बजट घोषणाओं, बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं और जन कल्याण कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता, जवाबदेही और समर्पण के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक बिना किसी देरी के पहुँचना चाहिए।
गौरतलब है कि बांसवाड़ा नगर परिषद आयुक्त दुर्गेश सिंह रावत के कामकाज पर असंतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने उनके विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक के तुरंत बाद स्थानीय स्वशासन विभाग ने आदेश जारी कर आयुक्त को 'पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा' की स्थिति में डाल दिया।
हरियालो राजस्थान: चंदन वन विकास की घोषणा
मुख्यमंत्री शर्मा ने 'हरियालो राजस्थान' अभियान के अंतर्गत बांसवाड़ा जिले में चंदन के जंगलों को विकसित करने की घोषणा की। इस पहल के तहत हर निर्धारित वन क्षेत्र में 11,000 चंदन के पौधे लगाए जाएंगे। वन विभाग को पौधारोपण अभियान में तेज़ी लाने और वनों के संरक्षण व विस्तार के प्रयासों को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।
जल आत्मनिर्भरता और माही नदी पर जोर
मानसून सीज़न से पूर्व जल प्रबंधन पर विशेष ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि माही नदी के पानी की हर बूंद का सदुपयोग होना चाहिए और उसे व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने नहरों, तालाबों, जलाशयों और अन्य जल निकायों की उचित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 'मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान' के तहत चल रही परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई और दीर्घकालिक जल संरक्षण कार्यों को गुणवत्ता मानकों के साथ प्राथमिकता पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासनिक अनुशासन और शिक्षा पर निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जमीनी दौरे बढ़ाने, स्थानीय मुद्दों का स्वतंत्र रूप से संज्ञान लेने और नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्कूलों में नामांकन बढ़ाने और विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए ठोस प्रयास करने पर ज़ोर दिया।
यह दौरा ऐसे समय में आया है जब राजस्थान सरकार जनजातीय बहुल बांसवाड़ा-डूंगरपुर क्षेत्र में प्रशासनिक पकड़ को मज़बूत करने और सामाजिक संवेदनशील मुद्दों पर सक्रिय रुख अपनाने की कोशिश में है। आने वाले दिनों में इन निर्देशों के अनुपालन की निगरानी जिला प्रशासन के स्तर पर की जाएगी।