हरियाणा जेलों में 2024 में 15 आत्महत्याएँ: मानवाधिकार आयोग ने सरकार से माँगी रिपोर्ट

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हरियाणा जेलों में 2024 में 15 आत्महत्याएँ: मानवाधिकार आयोग ने सरकार से माँगी रिपोर्ट

सारांश

NCRB के आँकड़े बताते हैं कि हरियाणा की जेलों में 2024 में 15 आत्महत्याएँ हुईं और राज्य देश में जेल परिसर के भीतर हथियारों से हिंसा दर्ज करने वाला इकलौता राज्य है। मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लेकर सरकार से जवाब माँगा है।

मुख्य बातें

हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने NCRB की 'जेल सांख्यिकी भारत 2024' रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की।
2024 में हरियाणा जेलों में 15 अप्राकृतिक मौतें दर्ज हुईं, सभी को आत्महत्या बताया गया।
हरियाणा देश का एकमात्र राज्य है जहाँ जेल परिसर के भीतर हथियारों से हिंसक झड़पें दर्ज की गई हैं।
कुरुक्षेत्र जिला जेल में महिला कैदियों ने बताया कि परामर्शदाता महीने में केवल एक बार आते हैं।
आयोग ने हरियाणा जेल नियम, 2022 के नियम 299 और 300 के तहत आत्महत्या रोकथाम उपायों के पालन पर जवाब माँगा।
आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत कैदियों के गरिमापूर्ण जीवन और मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के अधिकार को रेखांकित किया।

हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने 15 मई 2025 को राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट 'जेल सांख्यिकी भारत 2024' में उजागर हुए गंभीर तथ्यों का स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से हिरासत में आत्महत्याओं और जेल हिंसा पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आँकड़ों के अनुसार, हरियाणा की जेलों में 2024 में 15 अप्राकृतिक मौतें दर्ज हुईं, जिनमें से सभी को आत्महत्या बताया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

न्यायमूर्ति ललित बत्रा (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में और सदस्यों कुलदीप जैन एवं दीप भाटिया की पीठ ने वरिष्ठ राज्य अधिकारियों से स्पष्टीकरण और रिपोर्ट माँगने का विस्तृत आदेश पारित किया। आयोग ने स्पष्ट किया कि कैदियों और विचाराधीन कैदियों को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत गरिमापूर्ण जीवन, स्वास्थ्य सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के अधिकार से केवल इसलिए वंचित नहीं किया जा सकता क्योंकि वे कारावास में हैं।

आयोग ने हरियाणा जेल नियम, 2022 के नियम 299 और नियम 300 का विशेष रूप से उल्लेख किया, जो आत्महत्या की रोकथाम और ऐसी प्रवृत्ति वाले कैदियों की निगरानी से संबंधित सुरक्षा उपाय निर्धारित करते हैं।

NCRB रिपोर्ट के चौंकाने वाले तथ्य

रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ जेल परिसर के भीतर हथियारों से जुड़ी हिंसक झड़पें दर्ज की गई हैं। इसके अलावा जेलों में मानसिक तनाव, अवसाद, अलगाव, भीड़भाड़ और परामर्श सुविधाओं की गंभीर कमी जैसी समस्याएँ भी सामने आई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में जेल सुधारों को लेकर बहस तेज़ हो रही है।

पिछले निरीक्षणों की स्थिति

आयोग ने याद दिलाया कि कुरुक्षेत्र जिला जेल सहित हरियाणा की विभिन्न जेलों के पिछले निरीक्षणों के दौरान महिला कैदियों ने बताया था कि मनोवैज्ञानिक और सामाजिक परामर्शदाता महीने में केवल एक बार जेल परिसर का दौरा करते हैं। गौरतलब है कि यह आवृत्ति किसी भी प्रभावी मानसिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप के लिए अपर्याप्त मानी जाती है।

आयोग का संवैधानिक दायित्व पर ज़ोर

आयोग ने अपने आदेश में कहा कि हिरासत संस्थानों पर कैदियों को आत्महानि, मानसिक आघात, हिंसा, अवसाद और सामाजिक अलगाव से बचाने का संवैधानिक दायित्व है। आयोग ने यह भी रेखांकित किया कि समय पर मनोवैज्ञानिक हस्तक्षेप, नियमित परामर्श, मनोरोग संबंधी निगरानी, भावनात्मक पुनर्वास, शिकायत निवारण तंत्र, पारिवारिक सहायता और नशामुक्ति उपचार के माध्यम से हिरासत में आत्महत्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

क्या होगा आगे

राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से आयोग के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करने की अपेक्षा की गई है। यह मामला हरियाणा की जेल प्रशासन व्यवस्था की जवाबदेही और कैदियों के मूलभूत अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण परीक्षण बनने की ओर अग्रसर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 2022 में जेल नियम बनने के बाद भी नियम 299 और 300 का पालन क्यों नहीं हुआ। महीने में एक बार परामर्शदाता का दौरा — जबकि कैदी दैनिक मानसिक संकट झेल रहे हों — यह दर्शाता है कि नीति और ज़मीनी हकीकत के बीच की खाई केवल रिपोर्ट माँगने से नहीं पाटी जाएगी; इसके लिए बाध्यकारी समयसीमा और स्वतंत्र निगरानी ज़रूरी है।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने जेलों पर रिपोर्ट क्यों माँगी?
NCRB की 'जेल सांख्यिकी भारत 2024' रिपोर्ट में हरियाणा जेलों में 2024 के दौरान 15 आत्महत्याएँ, हथियारों से हिंसा और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर कमी उजागर होने के बाद आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया। आयोग ने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत कैदियों के मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन माना।
NCRB की रिपोर्ट में हरियाणा के बारे में क्या चौंकाने वाले तथ्य सामने आए?
रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा 2024 में जेल परिसर के भीतर हथियारों से हिंसक झड़पें दर्ज करने वाला देश का एकमात्र राज्य है। इसके अलावा 15 अप्राकृतिक मौतें — सभी आत्महत्या — और भीड़भाड़ व परामर्श सुविधाओं की कमी भी दर्ज की गई।
हरियाणा जेल नियम, 2022 में आत्महत्या रोकथाम के क्या प्रावधान हैं?
हरियाणा जेल नियम, 2022 के नियम 299 और 300 में आत्महत्या की रोकथाम और आत्महत्या की प्रवृत्ति वाले कैदियों की निगरानी से संबंधित सुरक्षा उपाय निर्धारित हैं। आयोग ने इन्हीं नियमों के पालन पर राज्य से जवाब माँगा है।
हरियाणा की जेलों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति क्या है?
पिछले निरीक्षणों में कुरुक्षेत्र जिला जेल सहित कई जेलों की महिला कैदियों ने बताया कि मनोवैज्ञानिक और सामाजिक परामर्शदाता महीने में केवल एक बार आते हैं। आयोग ने कहा कि नियमित परामर्श, मनोरोग निगरानी और नशामुक्ति उपचार से आत्महत्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने वरिष्ठ राज्य अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट और स्पष्टीकरण माँगा है। अधिकारियों को आयोग के समक्ष जवाब प्रस्तुत करना होगा, जिसके बाद आयोग आगे की कार्रवाई तय करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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