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तेलंगाना पुलिस का एआई-संचालित डायल 112 लॉन्च, कॉल प्रोसेसिंग समय 30% घटा

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तेलंगाना पुलिस का एआई-संचालित डायल 112 लॉन्च, कॉल प्रोसेसिंग समय 30% घटा

सारांश

तेलंगाना पुलिस ने एआई-संचालित TG-ERSS डायल 112 लॉन्च किया है, जो पुलिस, एम्बुलेंस, अग्निशमन और आपदा प्रतिक्रिया को एक ही नंबर पर एकीकृत करता है। कॉल प्रोसेसिंग समय में 30% की कमी और राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रतिक्रिया समय के साथ, यह राज्य की तकनीक-आधारित पुलिसिंग में बड़ी छलांग है।

मुख्य बातें

तेलंगाना पुलिस ने 5 अगस्त 2026 को TG-ERSS — डायल 112 का शुभारंभ किया, जो एआई-संचालित एकीकृत आपातकालीन मंच है।
उद्घाटन DGP सीवी आनंद ने TGICCС, हैदराबाद में किया।
कॉल सेंटर प्रोसेसिंग समय 190 सेकंड से घटकर 133 सेकंड — लगभग 30% का सुधार।
तेलंगाना का राज्य-औसत आपातकालीन प्रतिक्रिया समय 10 मिनट 30 सेकंड , राष्ट्रीय औसत 18 मिनट से काफी बेहतर।
प्रणाली में एआई प्राथमिकता निर्धारण, ध्वनि-से-पाठ प्रतिलेखन, गूगल मैप्स-आधारित कॉलर-स्थान पहचान और ड्रोन एकीकरण शामिल हैं।

तेलंगाना पुलिस ने 5 अगस्त 2026 को हैदराबाद में तेलंगाना आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (TG-ERSS) — डायल 112 का शुभारंभ किया, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से लैस एक एकीकृत आपातकालीन मंच है। इस प्रणाली को राज्य के नागरिकों को पुलिस, अग्निशमन, एम्बुलेंस और आपदा प्रतिक्रिया सहित समस्त आपातकालीन सेवाएँ एकल नंबर 112 के ज़रिए उपलब्ध कराने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

उद्घाटन और मुख्य उपस्थिति

प्रणाली का औपचारिक उद्घाटन पुलिस महानिदेशक (DGP) सीवी आनंद ने तेलंगाना एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र (TGICCС), हैदराबाद में किया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सरकारी अधिकारी और सहयोगी एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। DGP आनंद ने इसे तेलंगाना की प्रौद्योगिकी-आधारित पुलिसिंग और नागरिक-केंद्रित आपातकालीन सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।

प्रणाली की प्रमुख विशेषताएँ

TG-ERSS में उन्नत तकनीकों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है। इनमें डुप्लिकेट और गैर-आपातकालीन कॉलों की बुद्धिमत्तापूर्ण फ़िल्टरिंग, गंभीरता और तात्कालिकता के आधार पर एआई-आधारित प्राथमिकता निर्धारण, स्मार्ट कॉल रूटिंग, एआई-सहायता प्राप्त फील्ड संसाधनों का प्रेषण, और आपातकालीन वार्तालापों का ध्वनि-से-पाठ प्रतिलेखन शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, गूगल मैप्स और उन्नत स्थान सेवाओं के माध्यम से सटीक कॉलर-स्थान पहचान, रियल-टाइम परिचालन डैशबोर्ड, प्रदर्शन विश्लेषण और कॉल लेने वालों तथा डिस्पैचरों के लिए एकल-विंडो इंटरफेस भी प्रणाली का हिस्सा हैं। भविष्य में ड्रोन और अन्य उभरती आपातकालीन प्रौद्योगिकियों के साथ एकीकरण का भी प्रावधान है।

प्रदर्शन में सुधार के आँकड़े

DGP आनंद के अनुसार, नई प्रणाली लागू होने के बाद कॉल हैंडलिंग दक्षता में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। कॉल लेने वालों का औसत समय 100 सेकंड से घटकर 69 सेकंड हो गया है, जबकि डिस्पैचर का समय 90 सेकंड से घटकर 64 सेकंड पर आ गया है। कुल मिलाकर, कॉल सेंटर प्रोसेसिंग समय 190 सेकंड से घटकर 133 सेकंड हो गया है — यह लगभग 30 प्रतिशत का सुधार है।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रसंस्करण और प्रेषण चरणों में बचाया गया प्रत्येक सेकंड जीवन बचाने और संकट में फंसे लोगों को समय पर सहायता पहुँचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

आपातकालीन प्रतिक्रिया समय: राष्ट्रीय तुलना

वर्तमान में तेलंगाना में शहरी क्षेत्रों में आपातकालीन प्रतिक्रिया का औसत समय लगभग 6 मिनट, ग्रामीण क्षेत्रों में 15 मिनट और राज्य का समग्र औसत 10 मिनट 30 सेकंड है। यह राष्ट्रीय औसत लगभग 18 मिनट से काफी बेहतर है, जो तेलंगाना को आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रदर्शन में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करता है।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में स्मार्ट पुलिसिंग और प्रौद्योगिकी-आधारित नागरिक सेवाओं की माँग तेज़ी से बढ़ रही है। TG-ERSS का सफल क्रियान्वयन अन्य राज्यों के लिए एक संदर्भ मॉडल बन सकता है। गौरतलब है कि एकीकृत आपातकालीन नंबर 112 की अवधारणा केंद्र सरकार की पहल पर आधारित है, लेकिन तेलंगाना ने इसे एआई-संचालित क्षमताओं के साथ अगले स्तर पर ले जाने का दावा किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 30% कॉल-प्रोसेसिंग सुधार और 10.5 मिनट का राज्य-औसत प्रतिक्रिया समय तभी सार्थक हैं जब ये आँकड़े स्वतंत्र रूप से सत्यापित हों — अभी तक ये केवल पुलिस के अपने दावे हैं। असली कसौटी यह होगी कि क्या ग्रामीण क्षेत्रों में 15 मिनट का प्रतिक्रिया समय वास्तव में घटता है, जहाँ कनेक्टिविटी और संसाधन दोनों सीमित हैं। एआई-आधारित फ़िल्टरिंग से गैर-आपातकालीन कॉलों में कमी की बात तो है, पर यह भी देखना होगा कि कहीं वैध आपातकालीन कॉलें तो नहीं छूट रहीं। देश के अन्य राज्यों के लिए यह मॉडल तभी अनुकरणीय होगा जब इसके दीर्घकालिक परिणाम पारदर्शी तरीके से सामने आएँ।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

TG-ERSS — डायल 112 क्या है?
TG-ERSS (तेलंगाना आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली) एक एआई-संचालित एकीकृत आपातकालीन मंच है, जिसे 5 अगस्त 2026 को हैदराबाद में लॉन्च किया गया। यह पुलिस, अग्निशमन, एम्बुलेंस, महिला सुरक्षा और आपदा प्रतिक्रिया जैसी सभी सेवाओं को एकल नंबर 112 पर एकीकृत करता है।
नई प्रणाली से कॉल प्रोसेसिंग में कितना सुधार हुआ है?
DGP सीवी आनंद के अनुसार, कुल कॉल सेंटर प्रोसेसिंग समय 190 सेकंड से घटकर 133 सेकंड हो गया है, जो लगभग 30% का सुधार है। कॉल लेने वालों का समय 100 से 69 सेकंड और डिस्पैचर का समय 90 से 64 सेकंड पर आ गया है।
तेलंगाना में आपातकालीन प्रतिक्रिया का औसत समय क्या है?
तेलंगाना में शहरी क्षेत्रों में औसत प्रतिक्रिया समय लगभग 6 मिनट, ग्रामीण क्षेत्रों में 15 मिनट और राज्य का समग्र औसत 10 मिनट 30 सेकंड है। यह राष्ट्रीय औसत लगभग 18 मिनट से काफी बेहतर है।
इस प्रणाली में एआई का उपयोग कैसे होता है?
प्रणाली में एआई का उपयोग गैर-आपातकालीन और डुप्लिकेट कॉलों की फ़िल्टरिंग, घटनाओं की गंभीरता के अनुसार प्राथमिकता निर्धारण, स्मार्ट कॉल रूटिंग और फील्ड संसाधनों के प्रेषण में होता है। इसके अलावा ध्वनि-से-पाठ प्रतिलेखन और गूगल मैप्स-आधारित कॉलर-स्थान पहचान भी इसमें शामिल है।
इस प्रणाली का उद्घाटन किसने और कहाँ किया?
TG-ERSS का उद्घाटन तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (DGP) सीवी आनंद ने हैदराबाद स्थित तेलंगाना एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र (TGICCС) में किया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सरकारी अधिकारी और सहयोगी एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
राष्ट्र प्रेस
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