सोने और चांदी में रिकॉर्ड तेजी क्यों हुई है?

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सोने और चांदी में रिकॉर्ड तेजी क्यों हुई है?

सारांश

सोने और चांदी की कीमतों में हालिया रिकॉर्ड वृद्धि ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। वैश्विक अस्थिरता के कारण इन कीमती धातुओं के दाम ऑल-टाइम हाई पर पहुँच गए हैं। जानें इसके पीछे के कारण और भविष्य में क्या हो सकता है।

Key Takeaways

  • सोने की कीमतें: 1,40,449 रुपए प्रति 10 ग्राम
  • चांदी की कीमतें: 2,56,776 रुपए प्रति किलो
  • ग्लोबल मार्केट: सोने का दाम 4,605.74 डॉलर प्रति औंस
  • सीपीआई महंगाई के आंकड़े: आगामी हफ्ते में महत्वपूर्ण
  • जियोपॉलिटिकल रिस्क: निवेशकों की मांग को प्रभावित कर रहा है

नई दिल्ली, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वैश्विक स्तर पर अस्थिरता के चलते सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को रिकॉर्ड तेजी देखी गई, जिससे दोनों कीमती धातुओं के दाम ऑल-टाइम हाई पर पहुँच गए हैं।

इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के अनुसार, 24 कैरेट सोने का दाम 3,327 रुपए बढ़कर 1,40,449 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,37,122 रुपए प्रति 10 ग्राम था। 22 कैरेट सोने की कीमत 1,25,604 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,28,651 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है।

18 कैरेट सोने का दाम 1,02,842 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,05,337 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है।

चांदी का दाम 13,968 रुपए बढ़कर 2,56,776 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,42,808 रुपए प्रति किलो था।

हाजिर के साथ वायदा बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। सोने के 05 फरवरी 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 1.97 प्रतिशत बढ़कर 1,41,558 रुपए हो गया है। चांदी के 5 मार्च 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 4.74 प्रतिशत बढ़कर 2,64,700 रुपए हो गया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। खबर लिखे जाने तक कॉमेक्स पर सोना 2.32 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,605.74 डॉलर प्रति औंस और चांदी की कीमत 7.09 प्रतिशत बढ़कर 84.92 डॉलर प्रति औंस हो गई है, जो कि चांदी का ऑल-टाइम हाई भी है।

एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने कहा कि एमसीएक्स पर सोने की कीमतों में आज के सत्र में 2,600 रुपए की बड़ी तेजी देखने को मिली। यह रैली अमेरिका, वेनेजुएला और अब ईरान से जुड़े बढ़ते तनाव के बीच बढ़े हुए जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम की वजह से हो रही है, जिससे सेफ-हेवन एसेट्स की मांग फिर से बढ़ गई है।

उन्होंने आगे कहा कि आने वाला हफ्ता डेटा के लिहाज से काफी अहम रहने वाला है, जिसमें अमेरिका और भारत दोनों के सीपीआई महंगाई के आंकड़े फेडरल रिजर्व के आउटलुक और रुपए की चाल को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे बुलियन में तेजी बनी रहेगी। टेक्निकल तौर पर, सोने को 1,38,500 रुपए के पास मजबूत सपोर्ट मिल रहा है, जबकि 1,42,500 रुपए के आसपास रुकावट का स्तर दिख रहा है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि सोने और चांदी की बढ़ती कीमतें केवल आर्थिक कारकों का परिणाम नहीं हैं, बल्कि वैश्विक स्थिति के प्रति एक संकेत भी हैं। हमें बाजार की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए और इसके संभावित प्रभावों पर विचार करना चाहिए।
NationPress
12/01/2026

Frequently Asked Questions

सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण क्या है?
वैश्विक अस्थिरता और जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम के कारण सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि हुई है।
क्या आने वाले दिनों में सोने की कीमतें और बढ़ेंगी?
आने वाले हफ्ते में सीपीआई महंगाई के आंकड़ों के आधार पर सोने की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
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