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क्या पीएम मोदी ने वीके मल्होत्रा के योगदान की सराहना की?

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क्या पीएम मोदी ने वीके मल्होत्रा के योगदान की सराहना की?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीके मल्होत्रा के उल्लेखनीय योगदान पर विचार साझा किए, जो उनकी सेवा और समर्पण का प्रतीक हैं। उनका जीवन और कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे। जानिए उनके संघर्ष और विजय की कहानी, जो आज भी हमें प्रेरित करती है।

मुख्य बातें

वीके मल्होत्रा का जीवन जनहित और सेवा का प्रतीक है।
उन्होंने विभाजन के समय समाज की मदद की।
उनका योगदान राजनीति से परे भी महत्वपूर्ण था।
खेलों में भी उन्होंने ग्लोबल पहचान दिलाई।
उनकी सेवा भावना आज भी प्रेरक है।

नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली भाजपा के पहले प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता वीके मल्होत्रा के जीवन एवं जनहित में उनके योगदान पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियां उनकी उपलब्धियों से प्रेरणा लेंगी।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर दिल्ली भाजपा के नए कार्यालय के उद्घाटन का उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि हाल ही में उन्होंने वीके मल्होत्रा को याद किया था। भाजपा ने तीन दशक बाद दिल्ली में सरकार बनाई, जिसके लिए वे बहुत उत्साहित थे। उनकी अपेक्षाएं बड़ी थीं, जिन्हें पूरा करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने बताया कि भाजपा परिवार ने हाल ही में अपने वरिष्ठ नेता विजय कुमार मल्होत्रा को खोया। उन्होंने अपने जीवन में कई उपलब्धियां हासिल कीं और सेवा के प्रति उनकी निष्ठा अद्वितीय थी। उनका जीवन आरएसएस, जनसंघ और भाजपा के मूल सिद्धांतों का प्रतीक था।

वीके मल्होत्रा ने विभाजन के कठिन दौर को झेला, लेकिन उन्होंने अपने को दूसरों की सेवा में समर्पित किया। उन्होंने समाज के लिए कार्य करते हुए हजारों विस्थापित परिवारों की मदद की। यही जनसंघ की प्रेरणा थी।

पीएम मोदी ने उन दिनों के साथी मदनलाल खुराना और केदारनाथ साहनी का भी उल्लेख किया, जिन्होंने सेवा कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

1967 के लोकसभा चुनाव ने कांग्रेस को चौंका दिया था। इसके अलावा, दिल्ली मेट्रोपॉलिटन काउंसिल का पहला चुनाव भी महत्वपूर्ण था, जिसमें जनसंघ ने शानदार जीत दर्ज की।

आडवाणी काउंसिल के चेयरमैन बने और मल्होत्रा को चीफ एग्जीक्यूटिव काउंसलर का पद मिला। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर और जनहित के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया।

1960 के दशक में गो रक्षा आंदोलन में उनकी भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। आपातकाल के दौरान उन्होंने शांति की आवाज उठाई।

वीके मल्होत्रा की पहचान एक ऐसे नेता के रूप में रही, जो हमेशा जनता के साथ खड़े रहे। उन्होंने राजनीति को सिद्धांतों और मूल्यों के साथ जोड़ा।

उन्होंने जनसंघ और भाजपा की स्थिर नेतृत्व दी और सिविक एडमिनिस्ट्रेशन में भी सक्रिय भूमिका निभाई।

1999 के लोकसभा चुनाव में डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ उनकी जीत आज भी याद की जाती है। उन्होंने सकारात्मक प्रचार किया और 50% से अधिक वोटों के साथ जीत हासिल की।

वीके मल्होत्रा ने राजनीति के अलावा खेल जगत में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। वह आर्चरी एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे और भारतीय तीरंदाजी को वैश्विक पहचान दिलाई।

उनकी पहचान एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में रही, जो हमेशा लोगों की मदद के लिए तत्पर रहे। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों का निर्वहन किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

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