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पीएमसीएच टावर-3 का उद्घाटन: सम्राट चौधरी बोले — 2,500 बेड पर मिलेगी आधुनिक चिकित्सा सुविधा

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पीएमसीएच टावर-3 का उद्घाटन: सम्राट चौधरी बोले — 2,500 बेड पर मिलेगी आधुनिक चिकित्सा सुविधा

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीएमसीएच के टावर-3 का उद्घाटन कर एक बड़ा संकेत दिया — राज्य के सबसे पुराने और सबसे व्यस्त सरकारी अस्पताल में अब 2,500 बेड पर एक साथ आधुनिक इलाज होगा। पीकू, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और रेडियोलॉजी सुविधाओं के साथ पीएमसीएच के नए स्वरूप की यह पहली झलक है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 12 अक्टूबर 2026 को पीएमसीएच के पुनर्विकास के पहले चरण के तहत टावर-3 का उद्घाटन किया।
अब पीएमसीएच में एक साथ 2,500 बेड पर आधुनिक चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ मरीजों का उपचार होगा।
पाँचवें तल पर पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू) और छठे तल पर मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर-22 का उद्घाटन किया गया।
भूतल पर ओपीडी पंजीकरण के लिए कियोस्क और काउंटर स्थापित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बाल मरीजों के बीच पोषण किट वितरित की और अधिकारियों को गुणवत्ता व रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 12 अक्टूबर 2026 को पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) के पुनर्विकास योजना के पहले चरण के अंतर्गत नवनिर्मित टावर-3 का उद्घाटन किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि अब पीएमसीएच में एक साथ 2,500 बेड पर मरीजों को आधुनिक चिकित्सकीय सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। राज्य सरकार का लक्ष्य पीएमसीएच को बिहार के अग्रणी आधुनिक चिकित्सा संस्थान के रूप में स्थापित करना है।

उद्घाटन और निरीक्षण

उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित भवन का विस्तृत निरीक्षण किया और अधिकारियों से मरीजों के पंजीकरण, उपचार व्यवस्था तथा निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने टावर-3 के भूतल पर ओपीडी पंजीकरण के लिए स्थापित कियोस्क और काउंटर की व्यवस्था का मुआयना किया, साथ ही अल्पाहार गृह और मरीजों के परिजनों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ देने में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए और सभी सुविधाओं का समुचित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य चिकित्सा इकाइयों का उद्घाटन

मुख्यमंत्री ने भवन के पाँचवें तल पर पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू) का उद्घाटन किया। इसके पश्चात उन्होंने प्रतीक्षालय, स्त्री रोग एवं प्रसूति आईसीयू, नर्स स्टेशन, उपचार कक्ष और प्रसवोत्तर वार्ड का निरीक्षण किया। छठे तल पर स्थित मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर-22 का भी निरीक्षण किया गया, जहाँ विभिन्न शल्य चिकित्सा कक्षों और स्त्री रोग से जुड़े ऑपरेशन थिएटर की सुविधाओं की समीक्षा की गई।

प्रथम तल पर स्थित रेडियोलॉजी विभाग का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने चिकित्सा सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचे की गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से माँगें उठती रही हैं।

समन्वय और साफ-सफाई पर जोर

सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल के विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए ताकि मरीजों के उपचार में कोई बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने परिसर में साफ-सफाई, सुविधाओं के रखरखाव और मरीजों तथा उनके परिजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष ध्यान देने को कहा। पुनर्विकास योजना के शेष निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।

पोषण किट वितरण और उपस्थित गणमान्य

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भूतल पर बाल मरीजों के बीच पोषण किट का वितरण भी किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव, स्वास्थ्य मंत्री निशांत, सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव, विधायक संजीव चौरसिया और संजय कुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

गौरतलब है कि पीएमसीएच देश के सबसे पुराने और सबसे अधिक भार वाले सरकारी अस्पतालों में से एक है, और इसका पुनर्विकास बिहार की स्वास्थ्य प्राथमिकताओं का केंद्रबिंदु रहा है। टावर-3 के चालू होने से राज्य के लाखों मरीजों को बेहतर और सुगम चिकित्सा सेवाएँ मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा बुनियादी ढाँचे की नहीं, बल्कि संचालन की है। देश के सबसे अधिक भार वाले सरकारी अस्पतालों में से एक में नए भवन और बेड जोड़ना तभी सार्थक होगा जब पर्याप्त डॉक्टर, नर्स और तकनीशियन भी तैनात हों — जो बिहार के सरकारी अस्पतालों की पुरानी कमज़ोरी रही है। मुख्यमंत्री ने साफ-सफाई और रखरखाव पर जोर दिया, जो स्वागतयोग्य है, पर यह भी देखना होगा कि पुनर्विकास की शेष योजनाएँ समयसीमा में पूरी होती हैं या नहीं।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएमसीएच टावर-3 का उद्घाटन किसने और कब किया?
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 12 अक्टूबर 2026 को पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) के पुनर्विकास योजना के पहले चरण के तहत टावर-3 का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सहित कई वरिष्ठ मंत्री और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
पीएमसीएच में अब कितने बेड पर इलाज होगा?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अनुसार, टावर-3 के चालू होने के बाद पीएमसीएच में एक साथ 2,500 बेड पर आधुनिक चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ मरीजों का उपचार किया जाएगा।
टावर-3 में कौन-कौन सी नई चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हैं?
टावर-3 में पाँचवें तल पर पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू), स्त्री रोग एवं प्रसूति आईसीयू, प्रसवोत्तर वार्ड, छठे तल पर मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर-22, और प्रथम तल पर रेडियोलॉजी विभाग शामिल हैं। भूतल पर ओपीडी पंजीकरण के लिए कियोस्क और काउंटर भी स्थापित किए गए हैं।
पीएमसीएच पुनर्विकास योजना क्या है?
पीएमसीएच पुनर्विकास योजना बिहार सरकार की एक बड़ी परियोजना है, जिसके तहत पटना के इस ऐतिहासिक सरकारी अस्पताल को आधुनिक चिकित्सा संस्थान में बदला जा रहा है। टावर-3 का उद्घाटन इस योजना के पहले चरण का हिस्सा है; शेष निर्माण कार्य अभी जारी हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएँ देने में कोई लापरवाही न हो, विभागों के बीच समन्वय बेहतर हो, परिसर में साफ-सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, और शेष निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएँ।
राष्ट्र प्रेस
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