क्या भारत के टॉप पोल-वॉल्टर को टीटीई ने ट्रेन से उतारा? वायरल वीडियो से विवाद बढ़ा

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क्या भारत के टॉप पोल-वॉल्टर को टीटीई ने ट्रेन से उतारा? वायरल वीडियो से विवाद बढ़ा

सारांश

वरिष्ठ एथलीटों के साथ हुए इस विवाद ने भारतीय रेलवे में खेल उपकरणों के परिवहन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या टीटीई का यह व्यवहार उचित था? जानिए पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • देव मीना और कुलदीप यादव के साथ हुई घटना ने रेलवे के कर्मचारियों के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं।
  • एथलीटों के लिए खेल उपकरण ले जाना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
  • सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है।
  • यह मामला भारतीय रेलवे में सुधार की आवश्यकता को उजागर करता है।
  • खेल जगत में एथलीटों के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए।

भोपाल, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नेशनल रिकॉर्ड धारक देव मीना और उनके साथी एथलीट कुलदीप यादव को पनवेल स्टेशन पर एक टीटीई द्वारा ट्रेन से उतरने के लिए कहा गया, जिससे विवाद बढ़ता जा रहा है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं।

देव मीना, जो एक प्रतियोगिता से लौट रहे थे, अपने खेल का जरूरी सामान ट्रेन में ले जा रहे थे। इसी दौरान, एक ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर (टीटीई) ने उन्हें पनवेल स्टेशन पर ट्रेन से उतरने के लिए कहा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है, जिसमें मीना रेलवे के अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न के बारे में खुलकर बात कर रहे हैं।

कुलदीप यादव, जो कि भारत के प्रमुख पोल वॉल्टर में से एक हैं, भी इस घटना का शिकार बने। टीटीई ने उनसे कहा कि वे ट्रेन में अपने पोल ले जाने के लिए अधिकृत नहीं हैं।

दोनों खिलाड़ी ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में भाग लेने के बाद अपने बेस पर लौट रहे थे।

इस घटना ने खिलाड़ियों के सामने आने वाली चुनौतियों और रेलवे कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर एक महत्वपूर्ण बहस को जन्म दिया है।

स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म एनएनआईएस ने इस घटना का पूरा वीडियो साझा किया है, जिसमें मीना ने टिप्पणी की है कि यदि उनके जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को एक टीटीई की मनमर्जी से ट्रेन से उतरने के लिए मजबूर किया जा सकता है, तो जूनियर एथलीटों को किस तरह के उत्पीड़न का सामना करना पड़ता होगा।

सोशल मीडिया पर इस घटना पर लोगों ने भारतीय रेलवे और उसके कर्मचारियों की कड़ी आलोचना की है, खासकर उन एथलीटों के प्रति जो देश के लिए पदक जीतते हैं।

देव कुमार मीना मध्य प्रदेश के एक युवा और प्रतिभाशाली पोल-वॉल्टर हैं, जिन्होंने 2025 में राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने की उपलब्धि हासिल की थी। उन्हें देश के सबसे होनहार ट्रैक एंड फील्ड एथलीटों में से एक माना जाता है।

Point of View

हमें उनके अधिकारों की रक्षा के लिए अधिक सजग रहना चाहिए। यह सिर्फ एक घटना नहीं है, बल्कि हमें एक बड़े बदलाव की आवश्यकता है।
NationPress
20/01/2026

Frequently Asked Questions

टीटीई ने देव मीना और कुलदीप यादव को क्यों उतारा?
टीटीई ने उन्हें ट्रेन में अपने पोल ले जाने की अनुमति नहीं दी और इस कारण उन्हें उतरने के लिए कहा।
क्या यह मामला केवल एक घटना है?
नहीं, यह घटना खिलाड़ियों के सामने आने वाली समस्याओं की ओर इशारा करती है और रेलवे के कर्मचारियों के व्यवहार पर सवाल उठाती है।
सोशल मीडिया पर इस घटना के बारे में क्या प्रतिक्रियाएं आई हैं?
लोगों ने भारतीय रेलवे और उसके कर्मचारियों की आलोचना की है, विशेष रूप से एथलीटों के साथ इस तरह के व्यवहार के लिए।
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