पाकिस्तानी पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को मार्च करने से रोका

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पाकिस्तानी पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को मार्च करने से रोका

सारांश

इस्लामाबाद में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पुलिस ने महिला अधिकार कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। यह घटना महिलाओं के अधिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण संघर्ष को दर्शाती है।

Key Takeaways

  • पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को हिरासत में लिया।
  • यह कार्रवाई क्रिमिनल प्रोसीजर कोड की धारा 144 के अंतर्गत की गई।
  • फरजाना बारी सहित कई महिला कार्यकर्ता हिरासत में ली गईं।
  • महिलाओं ने गिरफ्तारी के खिलाफ निंदा की और अपनी रिहाई की मांग की।
  • औरत मार्च ने इस कार्रवाई को चुनौती देने का मन बनाया है।

इस्लामाबाद, ८ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान की राजधानी में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रस्तावित रैली से पहले, पुलिस ने महिला अधिकार कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कई लोगों को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में औरत मार्च की सदस्याएं और अन्य महिला अधिकार कार्यकर्ता शामिल हैं।

प्रमुख अंग्रेजी दैनिक डॉन के अनुसार, पुलिस ने इन कार्यकर्ताओं को राजधानी के सुपर मार्केट के निकट हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारियों का इरादा नेशनल प्रेस क्लब तक मार्च करने का था, लेकिन वहां पहले से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। जैसे ही प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें रोककर हिरासत में ले लिया और बाद में विमेंस पुलिस स्टेशन भेज दिया।

पुलिस ने पुष्टि की है कि हिरासत में लिए गए लोगों में प्रसिद्ध महिला अधिकार कार्यकर्ता फरजाना बारी भी शामिल हैं। उनके साथ औरत मार्च के अन्य आयोजक और रैली में भाग लेने वाले कई लोग भी पुलिस कार्रवाई के शिकार हुए।

पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि उस समय संघीय राजधानी में क्रिमिनल प्रोसीजर कोड की धारा १४४ लागू थी। यह प्रावधान जिला प्रशासन को किसी क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अस्थायी रूप से चार या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाने का अधिकार देता है।

इसी बीच, औरत मार्च इस्लामाबाद ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो भी साझा किया है। इस वीडियो में डॉ. फरजाना बारी और अन्य महिलाएं पुलिस वाहन के अंदर बैठी नजर आ रही हैं। यह घटना अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों से पहले हुई, जिससे महिला अधिकार संगठनों और कार्यकर्ताओं में चिंता और नाराजगी उत्पन्न हुई है।

मार्च में शामिल महिलाओं ने गिरफ्तारी की निंदा की और कहा कि इंटरनेशनल विमेंस डे पर महिलाओं को हिरासत में लेना अत्यंत दुखद है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की।

एक बयान में, औरत मार्च इस्लामाबाद ने कहा: “हम औरत मार्च में शामिल लोगों और आयोजकों की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हैं; ये लोग शांति से विरोध करने के अपने अधिकार का उपयोग कर रहे थे।

“जो लोग अपने साथियों की रिहाई की मांग करने के लिए पुलिस स्टेशन पहुंचे, उन्हें हिरासत में लेना अत्यंत गलत और अस्वीकार्य है।”

आयोजकों ने अपने अधिकारों का प्रयोग कर इस कार्रवाई को चुनौती देने का निर्णय लिया है।

Point of View

NationPress
10/03/2026

Frequently Asked Questions

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर पुलिस ने महिलाओं को क्यों हिरासत में लिया?
पुलिस ने क्रिमिनल प्रोसीजर कोड की धारा 144 का हवाला देते हुए चार या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाई।
कौन-कौन सी महिला अधिकार कार्यकर्ता हिरासत में ली गईं?
हिरासत में ली गई महिलाओं में प्रसिद्ध कार्यकर्ता फरजाना बारी शामिल हैं।
क्या इस घटना ने महिलाओं के अधिकारों पर प्रभाव डाला?
हाँ, इस घटना ने महिलाओं के अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता की कमी को उजागर किया है।
क्या औरत मार्च ने इस कार्रवाई का विरोध किया?
हाँ, औरत मार्च ने गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की और कार्रवाई को चुनौती देने का निर्णय लिया।
क्या इस घटना के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया गया?
महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की।
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