पोरवोरिम फायरिंग केस: गोवा क्राइम ब्रांच ने फरार आरोपी गोपाल नाईक को गोवा-कर्नाटक बॉर्डर से दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
गोवा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पोरवोरिम फायरिंग केस में एक और बड़ी सफलता हासिल की है — इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी गोपाल नाईक को गोवा-कर्नाटक सीमा से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को जेएमएफसी मापुसा कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से अदालत ने उसे 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
मुख्य घटनाक्रम
यह मामला पोरवोरिम पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर नंबर 66/2026 से संबंधित है। 28 अगस्त 2026 को पोरवोरिम स्थित होटल नियो मैजेस्टिक के बाहर एक होटल और कैसीनो ग्रुप के डायरेक्टर श्रीनिवास नायक पर जानलेवा हमला हुआ था। शिकायत के अनुसार, जब श्रीनिवास नायक होटल से बाहर निकल रहे थे, तभी दो हमलावरों ने उन पर 3 से 4 राउंड फायरिंग की। गनीमत रही कि वे बाल-बाल बच गए, जबकि उनके बॉडीगार्ड ने जवाबी फायरिंग कर हमलावरों को मौके से खदेड़ दिया था।
प्रारंभ में पोरवोरिम पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। बाद में राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के मद्देनज़र मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के आदेश पर इस केस को क्राइम ब्रांच, रिबांदर को स्थानांतरित किया गया।
साजिश का खुलासा
पुलिस की प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि यह पूरा मामला कथित तौर पर कैसीनो व्यवसाय में वर्चस्व की लड़ाई और कारोबारी प्रतिद्वंद्विता से जुड़ा है। इस केस में पहले से गिरफ्तार सातवें आरोपी सतीश शिंदे से पूछताछ के दौरान गोपाल नाईक का नाम सामने आया था। सतीश ने कबूला था कि गोपाल नाईक ने हमले की योजना बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसी सुराग के आधार पर क्राइम ब्रांच ने उसे ट्रेस करते हुए गोवा-कर्नाटक बॉर्डर से धर दबोचा।
अब तक गिरफ्तार आरोपी
गोपाल नाईक की गिरफ्तारी के साथ इस केस में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 9 हो गई है। इससे पहले क्राइम ब्रांच 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है — जिनमें दो शूटर बाबू अली और अरपुथराज उर्फ अन्ना के अलावा साजिश में शामिल काजू शेख, इसरार अली, सूरज आचार्य, पवन सौर, सतीश शिंदे और दिनानाथ कोरी शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपी गोपाल नाईक कुंडईम, पोंडा तालुका का निवासी है और उसका आपराधिक इतिहास रहा है। दिसंबर 2024 में भी उसके खिलाफ पणजी पुलिस ने ईडी अधिकारियों को कथित तौर पर बंधक बनाने और सबूत मिटाने के मामले में एफआईआर दर्ज की थी।
पुलिस की प्रतिक्रिया
एसपी क्राइम राहुल गुप्ता ने बताया कि आरोपी से आगे की गहन पूछताछ क्राइम ब्रांच की टीम कर रही है। फिलहाल जाँच एजेंसी गोपाल नाईक की इस मामले में सटीक भूमिका, उसके नेटवर्क और इस पूरे गैंग से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है।
आगे क्या होगा
पाँच दिन की रिमांड अवधि में क्राइम ब्रांच के जाँचकर्ता गोपाल नाईक से हमले की फंडिंग, हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला और किसी भी बड़े सूत्रधार की संलिप्तता की जाँच करेंगे। यह मामला गोवा में कैसीनो उद्योग से जुड़े आपराधिक नेटवर्क पर बड़े सवाल खड़े करता है, और राज्य सरकार पर संगठित अपराध पर अंकुश लगाने का दबाव बढ़ता जा रहा है।