शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गार्गी कॉलेज में किया श्रमदान, छात्रों से बोले — स्वच्छता को रोज़मर्रा की आदत बनाएं
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कॉलेज में छात्रों के साथ श्रमदान कर स्वच्छता अभियान में भाग लिया। उन्होंने छात्रों से स्पष्ट आह्वान किया कि स्वच्छता को किसी एक अभियान तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी नियमित जिम्मेदारी और दैनिक आदत का हिस्सा बनाएं। मंत्री ने कहा कि स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भारत के निर्माण में युवा विद्यार्थियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अभियान का स्वरूप और मंत्री की भागीदारी
'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' पहल के तहत आयोजित इस स्वच्छता कार्यक्रम में प्रह्लाद जोशी ने स्वयं सफाई गतिविधियों में हिस्सा लिया, जिससे उपस्थित छात्रों को व्यावहारिक प्रेरणा मिली। इसके साथ ही उन्होंने कॉलेज परिसर में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण भी किया। इस कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह, गार्गी कॉलेज के शिक्षक और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
छात्रों को दिया स्वच्छता और स्वास्थ्य का संदेश
छात्रों से सीधे संवाद करते हुए जोशी ने कहा कि स्वच्छता का सीधा संबंध नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता से है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक छात्र कम से कम 30 मिनट प्रतिदिन स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों के लिए समर्पित करे। उनका कहना था कि चाहे कॉलेज परिसर हो, घर हो या सार्वजनिक स्थल — हर जगह साफ-सफाई की जिम्मेदारी नागरिक की अपनी होती है।
मंत्री ने यह भी कहा कि एक व्यक्ति की छोटी-सी पहल भी दूसरों को प्रेरित कर सकती है। जब हज़ारों-लाखों लोग एकजुट होकर यही प्रयास करते हैं, तो वह एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले लेता है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण को जमीनी स्तर तक ले जाने पर बल दे रही है।
युवाओं की शारीरिक फिटनेस पर भी जोर
जोशी ने स्वच्छता के साथ-साथ युवाओं की शारीरिक सक्रियता पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने छात्रों को खेलों में भाग लेने और मैदान पर समय बिताने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही उन्होंने डिजिटल स्क्रीन पर बिताए जाने वाले समय और शारीरिक गतिविधियों के बीच उचित संतुलन बनाए रखने की सलाह दी। गौरतलब है कि यह संदेश ऐसे समय में आया है जब देशभर के विश्वविद्यालयों में छात्रों की स्क्रीन-टाइम आदतें चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
विकसित भारत 2047 और विद्यार्थियों की भूमिका
शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में आज के विद्यार्थी निर्णायक भूमिका निभाएंगे। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, स्वच्छ भारत का सपना केवल सरकारी अभियानों से पूरा नहीं होगा — इसके लिए हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है और युवा इसमें सबसे बड़ी ताकत बन सकते हैं।
NMMSS छात्रवृत्ति की अंतिम तिथि बढ़ी
इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना (NMMSS) के तहत शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026 कर दी है। मंत्रालय के अनुसार, इस विस्तार से पात्र छात्रों को राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) पर अपना आवेदन पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा और संबंधित अधिकारियों द्वारा समय पर सत्यापन भी सुनिश्चित हो सकेगा। पात्र छात्रों को इस अवसर का लाभ उठाने की सलाह दी गई है।