लखनऊ की प्रतिभा जोशी ने मनाया 100वाँ जन्मदिन, सीएम योगी ने दी बधाई; डीएम-मेयर ने किया सम्मान
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ की प्रतिभा जोशी ने 16 जुलाई 2026 को अपना 100वाँ जन्मदिन मनाया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें विशेष बधाई संदेश भेजा, जबकि लखनऊ के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं उनके घर पहुँचकर शुभकामनाएँ देने आए। शताब्दी वर्ष की इस उपलब्धि ने प्रतिभा जोशी के संघर्षशील जीवन और उनकी अदम्य जिजीविषा को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया।
मुख्यमंत्री की बधाई और अधिकारियों का सम्मान
जिलाधिकारी विशाक अय्यर और लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल प्रतिभा जोशी के आवास पर पहुँचे और मुख्यमंत्री की ओर से व्यक्तिगत रूप से बधाई दी। डीएम अय्यर ने कहा, "आज हम प्रतिभा जोशी के साथ हैं, जो अपना 100वाँ जन्मदिन मना रही हैं। मुख्यमंत्री ने भी उन्हें शुभकामनाएँ भेजी हैं। मेयर और मैं यहाँ मुख्यमंत्री की बधाई और पूरे शहर की शुभकामनाएँ व्यक्तिगत रूप से देने आए हैं। दादी ने सच में एक प्रेरणादायक जीवन जिया है — वह बहुत होनहार छात्रा थीं और 1940 में राज्य में टॉपर रही थीं।"
प्रतिभा जोशी की जुबानी — शताब्दी की अनुभूति
प्रतिभा जोशी ने अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा, "आज मैं 100 साल की हो गई हूँ। इसे सभी लोग सेलिब्रेट कर रहे हैं। बहुत अच्छा लग रहा है। वैसे तो मैं स्वस्थ हूँ, लेकिन खुद चल नहीं सकती और वॉकर का इस्तेमाल करती हूँ। इतना सम्मान और आदर पाकर बहुत अच्छा लग रहा है।" उन्होंने अपने जीवन का सार इन शब्दों में समेटा — "किसी से बुरा व्यवहार मत करो और झूठ मत बोलो।"
आज़ादी के दौर की खट्टी-मीठी यादें
प्रतिभा जोशी ने स्वतंत्रता के दौर के अपने संस्मरण भी साझा किए। उनकी यादों में उस युग की कठिनाइयाँ और उत्साह दोनों झलकते हैं। उन्होंने कहा कि देश के बड़े लोगों की शुभकामनाएँ पाकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई।
संघर्ष से शिखर तक — मेयर की नज़र में
मेयर सुषमा खर्कवाल ने प्रतिभा जोशी की जीवन-यात्रा को रेखांकित करते हुए कहा, "हमारी 'माँ' ऐसे इलाके से आती हैं, जहाँ शिक्षा तक पहुँचना एक बड़ी चुनौती थी। बच्चों को स्कूल जाने के लिए दो-तीन किलोमीटर का सफर करना पड़ता था और उन दिनों गाँवों में लड़कियों को अक्सर कम उम्र में स्कूल नहीं भेजा जाता था। उन सभी मुश्किलों और संघर्षों के बावजूद, उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और उत्तर प्रदेश में टॉपर बनीं।" यह उपलब्धि उस दौर में असाधारण थी, जब महिला शिक्षा को लेकर सामाजिक बाधाएँ चरम पर थीं।
प्रेरणा का प्रतीक
प्रतिभा जोशी का यह शताब्दी समारोह केवल एक व्यक्ति का जन्मदिन नहीं, बल्कि एक पूरी पीढ़ी के संघर्ष और दृढ़ता का उत्सव है। गौरतलब है कि उनकी यह यात्रा उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो विषम परिस्थितियों में भी शिक्षा और आत्मसम्मान की राह चुनती हैं। आने वाले समय में उनकी जीवन-गाथा नई पीढ़ी को दिशा देती रहेगी।