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'भूल भुलैया' साइकोलॉजिकल थ्रिलर है, हॉरर कॉमेडी नहीं — निर्देशक प्रियदर्शन का खुलासा

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'भूल भुलैया' साइकोलॉजिकल थ्रिलर है, हॉरर कॉमेडी नहीं — निर्देशक प्रियदर्शन का खुलासा

सारांश

'भूल भुलैया' को हॉरर कॉमेडी कहना गलत है — यह बात खुद निर्देशक प्रियदर्शन ने कही। उनके अनुसार यह फिल्म इंसानी मनोविज्ञान पर आधारित साइकोलॉजिकल थ्रिलर है, जिसमें डर नहीं बल्कि रहस्य, भावना और हास्य का अनूठा संतुलन है।

मुख्य बातें

निर्देशक प्रियदर्शन ने स्पष्ट किया कि 'भूल भुलैया' हॉरर कॉमेडी नहीं, बल्कि साइकोलॉजिकल थ्रिलर है।
फिल्म की बुनियाद इंसानी मनोविज्ञान और रहस्य पर है, न कि डर पर।
प्रियदर्शन के अनुसार तनावपूर्ण कहानी के बीच हास्य का छोटा पल भी दर्शकों पर गहरा प्रभाव डालता है।
उन्होंने माना कि पूरी तरह कॉमेडी फिल्म बनाना उनके करियर के सबसे कठिन कामों में से एक है।
प्रियदर्शन ने कहा कि हॉरर और हास्य को एक साथ सही तरीके से पेश करना बेहद चुनौतीपूर्ण है।

दिग्गज फिल्म निर्देशक प्रियदर्शन ने 21 जुलाई को स्पष्ट किया कि उनकी चर्चित फिल्म 'भूल भुलैया' को हॉरर कॉमेडी कहना सही नहीं है — उनके अनुसार यह एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर है, जिसकी बुनियाद इंसानी मनोविज्ञान और रहस्य पर टिकी है, न कि महज़ डर पर। यह बयान ऐसे समय में आया है जब 'भूल भुलैया' की उत्तराधिकारी फ्रेंचाइज़ी हिंदी सिनेमा में हॉरर-कॉमेडी को एक स्थापित जॉनर के रूप में आगे बढ़ा रही है।

जॉनर पर प्रियदर्शन का स्पष्टीकरण

प्रियदर्शन ने कहा, 'हमने हॉरर कॉमेडी जॉनर फिल्मों की शुरुआत करते हुए 'भूल भुलैया' फिल्म बनाई थी। उसके बाद दूसरे लोगों ने इसे आगे बढ़ाया, लेकिन मैं 'भूल भुलैया' को हॉरर फिल्म नहीं मानता। फिल्म को डरावनी कहानी के तौर पर नहीं बनाया गया था, बल्कि यह एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर है, जिसमें रहस्य, भावनाएं और हास्य का संतुलन देखने को मिला है।' गौरतलब है कि 'भूल भुलैया' को वर्षों से दर्शक और समीक्षक हॉरर-कॉमेडी की श्रेणी में रखते आए हैं, जबकि निर्देशक की यह व्याख्या उस धारणा को सीधे चुनौती देती है।

तनाव के बीच हास्य का असर

फिल्म के जॉनर को विस्तार से समझाते हुए प्रियदर्शन ने कहा, 'किसी तनावपूर्ण कहानी के बीच थोड़ा सा हास्य भी दर्शकों पर गहरा असर डाल सकता है। जब दर्शक थिएटर में किसी गंभीर या डर पैदा करने वाली कहानी को देखते हैं, तो उस बीच आने वाला छोटा सा मजेदार पल भी काफी प्रभावी हो जाता है।' यही वह बारीक संतुलन है जो 'भूल भुलैया' को भीड़ से अलग करता है और जिसे प्रियदर्शन साइकोलॉजिकल थ्रिलर की पहचान मानते हैं।

कॉमेडी फिल्म बनाना सबसे कठिन

प्रियदर्शन ने माना कि पूरी तरह कॉमेडी फिल्म बनाना उनके करियर के सबसे कठिन कामों में से एक रहा है। उन्होंने कहा, 'कॉमेडी फिल्म बनाना बहुत मुश्किल होता है। मैंने कॉमेडी फिल्में बनाते हुए काफी संघर्ष किया है। कई बार जब मैं अपनी ही फिल्मों को दोबारा देखता हूं, जो बड़ी हिट रही हैं, तो मुझे खुद हंसी नहीं आती। तब लगता है कि शायद वह असर खत्म हो गया है, लेकिन जब वही फिल्म थिएटर में चलती है और दर्शकों की प्रतिक्रिया देखता हूं तो समझ आता है कि उसका अनुभव अलग होता है।' यह टिप्पणी कॉमेडी की उस सामूहिक शक्ति को रेखांकित करती है जो एकांत में अनुभव करने से नहीं, बल्कि थिएटर में दर्शकों के साथ मिलकर महसूस होती है।

हॉरर और हास्य को साथ लाने की चुनौती

डर और हँसी को एक साथ परदे पर उतारने की जटिलता पर प्रियदर्शन ने कहा, 'हॉरर और कॉमेडी दोनों को एक साथ सही तरीके से पेश करना बेहद चुनौतीपूर्ण काम है। जब भी मैं डर और हास्य को मिलाने की कोशिश करता हूं तो मुझे खुद भी एक अलग तरह का रोमांच महसूस होता है। मैं कह सकता हूं कि यह बहुत मुश्किल काम है।' यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब हिंदी सिनेमा में हॉरर-कॉमेडी की लहर तेज़ हो रही है और 'भूल भुलैया' की विरासत पर खड़ी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफलता बटोर रही हैं।

आगे क्या

प्रियदर्शन का यह बयान हिंदी फिल्म उद्योग में जॉनर की परिभाषाओं पर नई बहस छेड़ सकता है। 'भूल भुलैया' फ्रेंचाइज़ी की अगली कड़ियाँ जिस दिशा में जाती हैं, उनकी तुलना मूल निर्देशक की इस साइकोलॉजिकल थ्रिलर वाली सोच से होती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह मूल निर्देशक की रचनात्मक मंशा से अलग दिशा में जाता दिखता है। यह विरोधाभास उद्योग की उस आदत को उजागर करता है जहाँ किसी सफल फिल्म की नकल उसकी आत्मा को समझे बिना की जाती है। असली सवाल यह है कि क्या 'भूल भुलैया' की विरासत पर बनी फिल्में उसके मनोवैज्ञानिक गहराई को भी साथ लेकर चल रही हैं, या सिर्फ उसके बाहरी ढाँचे को दोहरा रही हैं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रियदर्शन 'भूल भुलैया' को किस जॉनर की फिल्म मानते हैं?
प्रियदर्शन 'भूल भुलैया' को साइकोलॉजिकल थ्रिलर मानते हैं, हॉरर कॉमेडी नहीं। उनके अनुसार फिल्म की बुनियाद डर नहीं, बल्कि इंसानी मनोविज्ञान, रहस्य और भावनाओं का संतुलन है।
क्या 'भूल भुलैया' हॉरर कॉमेडी जॉनर की पहली फिल्म थी?
प्रियदर्शन ने खुद कहा है कि उन्होंने हॉरर कॉमेडी जॉनर की शुरुआत करते हुए 'भूल भुलैया' बनाई थी और बाद में दूसरे फिल्मकारों ने इस जॉनर को आगे बढ़ाया। हालाँकि वे स्वयं इस फिल्म को उस जॉनर में नहीं रखते।
प्रियदर्शन के अनुसार कॉमेडी फिल्म बनाना इतना कठिन क्यों है?
प्रियदर्शन का मानना है कि दर्शकों को लगातार हंसाते रहना आसान नहीं होता। उन्होंने बताया कि अपनी हिट कॉमेडी फिल्मों को दोबारा देखने पर उन्हें खुद हँसी नहीं आती, लेकिन थिएटर में दर्शकों की सामूहिक प्रतिक्रिया उस अनुभव को बिल्कुल अलग बना देती है।
हॉरर और हास्य को एक साथ पेश करना चुनौतीपूर्ण क्यों है?
प्रियदर्शन के अनुसार डर और हास्य दोनों को सही तरीके से एक साथ परदे पर उतारना बेहद कठिन है। उन्होंने कहा कि जब वे इन दोनों को मिलाने की कोशिश करते हैं तो उन्हें खुद एक अलग तरह का रोमांच महसूस होता है।
'भूल भुलैया' की सफलता का राज़ क्या है?
प्रियदर्शन के अनुसार 'भूल भुलैया' की सफलता उसमें रहस्य, भावनाओं और हास्य के अनूठे संतुलन में है। तनावपूर्ण दृश्यों के बीच हास्य के छोटे पल दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ते हैं, जो इस फिल्म को अन्य फिल्मों से अलग बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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