रेहान वाड्रा की कला प्रदर्शनी विवाद: प्रियंक खड़गे ने भाजपा के 'सॉफ्ट लॉन्च' आरोप को नकारा
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे ने शनिवार, 24 अक्टूबर को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पुत्र रेहान वाड्रा का खुलकर बचाव किया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा रेहान की कला प्रदर्शनी को राजनीति में उनके प्रवेश की 'सॉफ्ट लॉन्चिंग' करार दिए जाने पर खड़गे ने पलटवार करते हुए कहा कि राजनीतिक नेताओं के परिजनों की गतिविधियों को केवल पारिवारिक पृष्ठभूमि के आधार पर निशाना बनाना उचित नहीं है।
मुख्य घटनाक्रम
BJP ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को आरोप लगाया था कि बीकानेर हाउस में आयोजित रेहान वाड्रा की कला प्रदर्शनी के लिए जो मूल प्रस्ताव जून में भेजा गया था, उसमें प्रकृति, वन्यजीव, कला और मूर्तिकला को थीम बताया गया था। BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि बाद में इस प्रदर्शनी में राजनीतिक तस्वीरें और सामग्री जोड़ी गई।
भंडारी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि परिवार के दबाव में रेहान की प्रदर्शनी में राजनीतिक सामग्री शामिल की गई, जिसके बाद 21 अक्टूबर 2026 को बीकानेर हाउस ने उन्हें हटाने के लिए कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस विवाद का इस्तेमाल अपने बेटे की राजनीतिक 'सॉफ्ट लॉन्चिंग' के लिए किया।
प्रियंक खड़गे की प्रतिक्रिया
खड़गे ने BJP के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, 'अगर रेहान अपनी कला प्रदर्शित करना चाहते हैं तो इसमें गलत क्या है? क्या लोगों को अपनी कला प्रदर्शित नहीं करनी चाहिए? क्या उन्हें आजीविका कमाने, राजनीति में आने या कारोबार करने का अधिकार नहीं है?'
उन्होंने अपना तर्क और आगे बढ़ाते हुए कहा, 'अगर मेरा बेटा कुछ कर रहा है तो वह सिर्फ इसलिए क्यों नहीं कर सकता कि वह प्रियंक खड़गे का बेटा और मल्लिकार्जुन खड़गे का पोता है? क्या उन्हें अपने शौक पूरे करने का अधिकार नहीं है?' खड़गे ने यह भी रेखांकित किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक भागीदारी का निर्णय मतदाता करते हैं, न कि पारिवारिक संबंध।
भाजपा पर दोहरे मापदंड का आरोप
खड़गे ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बच्चों के व्यावसायिक कार्यों और अन्य BJP नेताओं के परिजनों की सार्वजनिक जीवन में सक्रियता का उल्लेख करते हुए कहा, 'BJP नेताओं के बच्चे स्कूल चलाते हैं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय स्कूल भी शामिल हैं। वे कारोबार करते हैं और राजनीति में आते हैं। अगर वे ऐसा करते हैं तो उसे मास्टरस्ट्रोक कहा जाता है, लेकिन अगर कांग्रेस का कोई व्यक्ति ऐसा करे तो उसे परिवारवाद कहा जाता है।'
यह ऐसे समय में आया है जब 'परिवारवाद' बनाम 'वंशवाद' की बहस भारतीय राजनीति में एक स्थायी मुद्दा बन चुकी है, और दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे पर यही आरोप मढ़ते रहे हैं।
विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि रेहान वाड्रा की कला प्रदर्शनी बीकानेर हाउस में आयोजित हुई थी। BJP का आरोप है कि शुरुआती अनुमति प्रस्ताव में जो थीम बताई गई थी, वह बाद में बदल दी गई और राजनीतिक सामग्री जोड़ी गई। बीकानेर हाउस प्रबंधन ने कथित तौर पर 21 अक्टूबर 2026 को उस सामग्री को हटाने को कहा। इस पूरे प्रकरण ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
आगे की स्थिति
खड़गे ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक नेताओं के बच्चों को कला, व्यवसाय या राजनीति में आने का पूरा अधिकार है, बशर्ते उनकी गतिविधियाँ कानूनी हों। यह विवाद आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति में 'परिवारवाद' की बहस को और तीखा कर सकता है, खासकर जब कांग्रेस और BJP दोनों अपनी-अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी हैं।