रेहान वाड्रा प्रदर्शनी विवाद: तेलंगाना BJP अध्यक्ष रामचंद्र राव बोले — राजनीति गलत, बीकानेर हाउस का फैसला जायज
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र राव ने 23 अक्टूबर 2026 को बीकानेर हाउस में फोटोग्राफर रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से कुछ तस्वीरें हटाए जाने के विवाद पर स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने इस कदम को प्रबंधन के नीतिगत अधिकार के दायरे में बताया और कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति करना उचित नहीं है। रेहान वाड्रा, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पुत्र हैं।
बीकानेर हाउस प्रबंधन का अधिकार
रामचंद्र राव ने कहा कि बीकानेर हाउस में आयोजित इस फोटो प्रदर्शनी में कुछ ऐसी तस्वीरें शामिल की गई थीं, जो प्रबंधन की नीतियों के अनुरूप नहीं थीं। उन्होंने तर्क दिया कि हर संस्था और सोसाइटी के अपने नियम-कायदे होते हैं, और यदि कोई प्रदर्शनी उन नियमों के विरुद्ध सामग्री प्रस्तुत करती है, तो आपत्ति जताना और उसे हटाना प्रबंधन का स्वाभाविक अधिकार है।
उनके अनुसार, बीकानेर हाउस प्रबंधन ने नियमों के तहत ही कांग्रेस नेताओं से जुड़ी कुछ तस्वीरों पर रोक लगाई, जो पूरी तरह उनके अधिकार क्षेत्र में आता है।
राजनीतिकरण पर आपत्ति
राव ने स्पष्ट किया कि इस प्रशासनिक निर्णय को राजनीतिक रंग देना गलत है। उनके मुताबिक, किसी भी प्रदर्शनी का आयोजन उस स्थान के प्रबंधन के नियम एवं विनियमों के अधीन ही होना चाहिए। जब प्रबंधन स्वयं किसी सामग्री पर आपत्ति जताए, तो उसे प्रदर्शित करना न केवल अनुचित है, बल्कि संस्थागत मर्यादाओं का उल्लंघन भी है।
गौरतलब है कि यह प्रदर्शनी विवाद तब उठा जब बीकानेर हाउस प्रशासन ने रेहान वाड्रा की कुछ तस्वीरें हटाने का निर्देश दिया, जिसके बाद विपक्षी दलों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया।
इज़राइल-भारत संबंध और PM मोदी को निमंत्रण
राव ने उसी संवाद में इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इज़राइल के स्वतंत्रता दिवस पर आमंत्रित किए जाने का भी स्वागत किया। उन्होंने इसे भारत के लिए गर्व और सम्मान का प्रतीक बताया। उनके अनुसार, यह निमंत्रण दोनों देशों के बीच मज़बूत होते द्विपक्षीय संबंधों का प्रमाण है।
राव ने कहा कि भारत और इज़राइल दोनों आतंकवाद के पीड़ित रहे हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग इस वैश्विक खतरे से मिलकर लड़ने की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि आंतरराष्ट्रीय आतंकवाद ने आज एक नया और खतरनाक रूप ले लिया है, जिससे निपटने के लिए सभी प्रभावित देशों को एकजुट होना होगा।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब कांग्रेस और BJP के बीच वाड्रा परिवार से जुड़े मुद्दों पर तनातनी पहले से चल रही है। आलोचकों का कहना है कि सरकारी वित्त पोषित या नियंत्रित परिसरों में प्रदर्शनी पर प्रतिबंध को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संदर्भ में भी परखा जाना चाहिए। वहीं, BJP समर्थक इसे संस्थागत नियमों का पालन मात्र बता रहे हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस मुद्दे को संसद में या जनांदोलन के स्तर पर कितना आगे ले जाती है।