22 अक्टूबर 2026
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बीकानेर हाउस प्रदर्शनी विवाद: रेहान वाड्रा बोले — 'पॉलिसी पढ़कर चुनी थीं 70 तस्वीरें, फिर भी हटाने का फरमान'

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बीकानेर हाउस प्रदर्शनी विवाद: रेहान वाड्रा बोले — 'पॉलिसी पढ़कर चुनी थीं 70 तस्वीरें, फिर भी हटाने का फरमान'

सारांश

बीकानेर हाउस ने रेहान वाड्रा की पूरी प्रदर्शनी की 70 से अधिक तस्वीरें हटाने का फरमान दे दिया — बिना ठोस कारण बताए। रेहान का कहना है कि उन्होंने संस्थान की नीति पढ़कर ही तस्वीरें चुनी थीं। यह विवाद सार्वजनिक कला संस्थानों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बड़े सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

बीकानेर हाउस प्रबंधन ने रेहान वाड्रा की सोलो फोटो प्रदर्शनी की 70 से अधिक तस्वीरें हटाने का निर्देश दिया।
रेहान ने कहा कि उन्होंने बीकानेर हाउस की राजनीतिक सामग्री नीति पढ़कर सावधानी से तस्वीरें चुनी थीं।
प्रदर्शनी में कोई राजनीतिक नारे नहीं थे; राहुल गांधी व प्रियंका गांधी की 'एक-दो तस्वीरों में हल्की झलक' थी।
रेहान ने 4-5 तस्वीरें हटाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन प्रबंधन ने सभी 70 तस्वीरें हटाने की माँग की।
बीकानेर हाउस ने अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया; प्रदर्शनी का भविष्य अनिश्चित।

नई दिल्ली में बीकानेर हाउस में आयोजित होने वाली रेहान वाड्रा की सोलो फोटो प्रदर्शनी विवाद में घिर गई है, जब प्रबंधन ने उनकी 70 से अधिक तस्वीरों को हटाने का निर्देश दिया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान ने 22 अक्टूबर 2026 को अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने बीकानेर हाउस की राजनीतिक सामग्री-संबंधी नीति को पढ़कर ही तस्वीरों का चयन किया था, फिर भी उन्हें बिना स्पष्ट कारण के सभी तस्वीरें हटाने को कहा गया।

विवाद की पृष्ठभूमि

रेहान वाड्रा की यह सोलो प्रदर्शनी नई दिल्ली के बीकानेर हाउस में प्रस्तावित थी। प्रबंधन ने आपत्ति जताते हुए उनसे उनकी समस्त 70 तस्वीरें हटाने को कहा। रेहान के अनुसार, उन्होंने प्रदर्शनी में किसी भी राजनीतिक नारे का उपयोग नहीं किया था और नेताओं की तस्वीरें भी बेहद कम रखी थीं।

यह विवाद ऐसे समय में आया है जब कला और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर सार्वजनिक संस्थानों की भूमिका पर बहस चल रही है। गौरतलब है कि बीकानेर हाउस एक प्रतिष्ठित सरकारी इमारत है जिसे कला और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए उपयोग किया जाता है।

रेहान वाड्रा का पक्ष

रेहान ने कहा, 'ये जो हुआ है, मुझे लगता है गलत हुआ है। मैंने जितना संभव था, बीकानेर हाउस के साथ सहयोग किया था। उनकी जो राजनीतिक सामग्री की पॉलिसी थी, उसे पढ़कर ही मैंने अपनी फोटोज सेलेक्ट की थीं। हमने पॉलिटिकल स्लोगन नहीं लगाए थे। नेताओं की ज्यादा फोटो नहीं थीं।'

उन्होंने आगे बताया कि जब प्रबंधन ने तस्वीरें हटाने को कहा, तो उन्होंने सहयोग का प्रस्ताव रखा। उनके अनुसार, 'जब उन्होंने हटाने के लिए बताया भी तो मैंने उनको बोला कि हम कोऑपरेट कर लेंगे। चार-पांच फोटो अगर आपको हटानी हैं तो हटा सकते हैं, आप कारण दे दो। हमें वो मिली नहीं। उन्होंने बोला 70 की 70 फोटो हटा दो।'

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल

रेहान वाड्रा ने कहा कि एक सार्वजनिक संस्थान के रूप में बीकानेर हाउस की जिम्मेदारी है कि वह कलाकारों और दीर्घाओं की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करे। उन्होंने कहा कि उनकी अधिकांश तस्वीरें विरोध प्रदर्शनों में आम जनता को दर्शाती हैं और उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी उपलब्ध हैं।

उन्होंने सुझाव दिया कि बीकानेर हाउस को अपनी नीति अधिक स्पष्ट एवं विस्तृत बनानी चाहिए — जिसमें यह परिभाषित हो कि 'राजनीतिक सामग्री' क्या है और इस पर निर्णय लेने का अधिकार किसे होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकांश कलाकार राजनीतिक दृष्टिकोण रखते हैं, इसलिए ऐसी कठोर नीति उचित नहीं।

परिवार की प्रतिक्रिया और 'टारगेटिंग' के सवाल

जब रेहान से पूछा गया कि क्या उनकी तस्वीरों में राहुल गांधी या प्रियंका गांधी वाड्रा की तस्वीरें थीं, तो उन्होंने स्वीकार किया कि 'एक-दो तस्वीरों में उनकी हल्की सी झलक थी।' उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने जान-बूझकर विवाद से बचने के लिए सावधानीपूर्वक तस्वीरों का चयन किया था।

क्या उन्हें परिवार के कारण निशाना बनाया गया — इस सवाल पर उन्होंने सीधा जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि इसका उत्तर बीकानेर हाउस प्रबंधन ही दे सकता है। माँ प्रियंका गांधी की प्रतिक्रिया के बारे में उन्होंने बताया कि 'उन्होंने बोला कि तुम जो सही समझते हो वही करो।'

आगे क्या होगा

बीकानेर हाउस प्रबंधन ने अभी तक इस विवाद पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। यह मामला कला संस्थानों में सेंसरशिप और राजनीतिक दबाव की बहस को नया आयाम दे सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इसे एक उपकरण बनाती है — न कि एक मानक। तथ्य यह भी है कि रेहान वाड्रा का नाम गांधी-वाड्रा परिवार से जुड़ा है, जो इस मामले की राजनीतिक परतों को नज़रअंदाज़ करना मुश्किल बनाता है। जब तक बीकानेर हाउस अपनी नीति पारदर्शी नहीं करता और इस निर्णय के लिए स्पष्ट आधार नहीं देता, तब तक यह मामला सेंसरशिप के आरोपों से मुक्त नहीं हो सकता।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीकानेर हाउस प्रदर्शनी विवाद क्या है?
दिल्ली के बीकानेर हाउस में प्रस्तावित रेहान वाड्रा की सोलो फोटो प्रदर्शनी विवाद में आ गई जब प्रबंधन ने 70 से अधिक तस्वीरें हटाने का निर्देश दिया। रेहान का कहना है कि उन्होंने संस्थान की नीति के अनुसार ही तस्वीरें चुनी थीं और कोई ठोस कारण नहीं बताया गया।
रेहान वाड्रा कौन हैं?
रेहान वाड्रा कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और रॉबर्ट वाड्रा के पुत्र हैं। वे फोटोग्राफी में रुचि रखते हैं और यह उनकी पहली सोलो फोटो प्रदर्शनी थी।
बीकानेर हाउस ने तस्वीरें हटाने का कारण क्या बताया?
रेहान वाड्रा के अनुसार प्रबंधन ने कहा कि तस्वीरें संस्थान की राजनीतिक सामग्री नीति के विरुद्ध हैं, लेकिन कोई विस्तृत या लिखित कारण नहीं दिया गया। बीकानेर हाउस ने अभी तक इस मामले पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।
क्या प्रदर्शनी में राहुल गांधी या प्रियंका गांधी की तस्वीरें थीं?
रेहान वाड्रा ने स्वयं बताया कि एक-दो तस्वीरों में राहुल गांधी या प्रियंका गांधी की हल्की झलक थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने सोच-समझकर तस्वीरें चुनी थीं ताकि विवाद से बचा जा सके।
इस विवाद का कला और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर क्या असर है?
रेहान वाड्रा ने कहा कि सार्वजनिक संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे कलाकारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करें। उन्होंने बीकानेर हाउस से नीति को अधिक स्पष्ट और विस्तृत बनाने की माँग की है, जिसमें यह परिभाषित हो कि राजनीतिक सामग्री क्या है और निर्णय लेने का अधिकार किसे है।
राष्ट्र प्रेस
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