रेहान वाड्रा प्रदर्शनी विवाद: पवन खेड़ा बोले — संघ युवाओं की अभिव्यक्ति दबाना चाहता है
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पुत्र रेहान वाड्रा की कला प्रदर्शनी से 70 तस्वीरें हटाए जाने के विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) युवाओं की आवाज़ को दबाने का प्रयास कर रहा है। खेड़ा ने केंद्र सरकार और संघ पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन करने का आरोप लगाते हुए कई मुद्दों पर एक साथ निशाना साधा।
प्रदर्शनी विवाद और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
पवन खेड़ा ने कहा कि मौजूदा सरकार को युवाओं की अभिव्यक्ति से परेशानी है — चाहे वे सड़क पर प्रदर्शन करें, कविता लिखें, साहित्य के माध्यम से विचार रखें या कला के ज़रिये अपनी भावनाएँ व्यक्त करें। उनके अनुसार, हर मोर्चे पर युवाओं को रोकने की कोशिश की जाती है। खेड़ा ने दावा किया कि उन्होंने स्वयं प्रदर्शनी में लगे चित्र देखे हैं और उनमें किसी राजनीतिक दल से जुड़ी कोई सामग्री नहीं थी — ये केवल युवा अभिव्यक्ति का माध्यम थे।
इस मुद्दे को उन्होंने संघ और युवाओं के बीच वैचारिक टकराव बताया और संघ की मानसिकता की तुलना अंग्रेज़ी हुकूमत की सोच से की। उनके ये बयान कांग्रेस के उस व्यापक आख्यान को आगे बढ़ाते हैं जिसमें संघ और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को नागरिक स्वतंत्रताओं का विरोधी बताया जाता है।
आरएसएस और महिलाओं पर टिप्पणी
आरएसएस नेता रामलाल के उस बयान पर, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संघ में महिलाओं के सम्मान संबंधी दावे को गलत बताया गया था, खेड़ा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि रामलाल को संघ प्रमुख मोहन भागवत के पुराने बयान देखने चाहिए, जिनमें कथित तौर पर महिलाओं के चारदीवारी में रहने और हिंदू महिलाओं के चार बच्चे पैदा करने जैसे विचार व्यक्त किए गए थे। खेड़ा ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यदि रामलाल का संपर्क नंबर मिले तो वह संबंधित वीडियो भेज सकते हैं।
उनके अनुसार, संघ की मानसिकता महिलाओं को घर तक सीमित रखने की है और राहुल गांधी ने इसी सोच पर सवाल उठाए हैं।
राहुल गांधी के वियतनाम दौरे पर भाजपा के आरोप
राहुल गांधी के वियतनाम दौरे को सत्ता-परिवर्तन की तैयारी से जोड़ने वाले BJP के आरोपों को खेड़ा ने 'रोज़ का मज़ाक' करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास नए आरोपों के लिए मुद्दे नहीं बचे हैं। खेड़ा ने सोरोस और उनसे जुड़ी संस्थाओं के वित्तपोषण तथा भाजपा नेताओं के संबंधों का भी उल्लेख किया और चुनौती दी कि यदि राहुल गांधी ने कुछ गलत किया है तो सरकार तथ्यों के साथ कार्रवाई करे।
एसबीआई डेटा लीक और जवाबदेही की माँग
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के कथित डेटा लीक से 3.75 लाख ग्राहकों के प्रभावित होने की रिपोर्टों पर खेड़ा ने कहा कि देश के सबसे बड़े बैंकों में से एक SBI पर करोड़ों लोग भरोसा करते हैं, इसलिए यह मामला मामूली नहीं है। उन्होंने बैंक से माँग की कि वह प्रभावित ग्राहकों को स्पष्ट करे कि कौन-सा डेटा लीक हुआ और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या उपाय किए जाएंगे।
सोनिया गांधी की पुस्तक पर खेड़ा की प्रतिक्रिया
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की आगामी पुस्तक के विमोचन पर खेड़ा ने शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक केवल एक किताब नहीं, बल्कि सोनिया गांधी की उस भावनात्मक यात्रा का विवरण है जो 1960 के दशक में भारत के साथ शुरू हुई थी। तमाम कठिन परिस्थितियों के बावजूद देश के प्रति उनकी निष्ठा अडिग रही — इसे खेड़ा ने प्रेरणादायक बताया। यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी में गांधी परिवार की सार्वजनिक छवि को नए सिरे से पेश करने की कोशिश में है।