प्रियंका चतुर्वेदी: ईरान संघर्ष से भारत को होगा गंभीर आर्थिक नुकसान
सारांश
Key Takeaways
- ईरान संघर्ष से भारत की ऊर्जा सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
- भारत को वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
- राजनीतिक स्थिरता और विपक्ष के अधिकारों का संरक्षण आवश्यक है।
नई दिल्ली, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना यूबीटी की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष पर चिंता जताते हुए कहा कि यह स्थिति वैश्विक स्तर पर गंभीर नुकसान का कारण बन रही है। भारत को इस संघर्ष से खासकर नुकसान उठाना पड़ेगा, क्योंकि हमारी ऊर्जा सुरक्षा मुख्य रूप से आयात पर निर्भर है।
उन्होंने बताया कि ईरान में जारी संघर्ष से उत्पन्न आर्थिक चुनौतियों का सामना हर देश को करना होगा, लेकिन भारत पर इसका प्रभाव अधिक गहरा होगा। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारत को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
ममता बनर्जी द्वारा एसआईआर के खिलाफ किए गए प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं है, बल्कि हर चुनावी राज्य में एसआईआर के जरिए मतदाताओं के अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है।
चतुर्वेदी ने कहा कि भाजपा ने पहले से ही एक योजना बना ली है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार बनाने की रणनीति में विपक्ष के दलों को तोड़ना और चुनाव आयोग का दुरुपयोग शामिल है।
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने उन्हें वोट दिया, लेकिन भाजपा की मंशा के चलते उन्हें रातोंरात राज्यसभा भेज दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में हमारी सरकार थी, लेकिन पार्टी के विभाजन के जरिये नई सरकार बनाई गई। सत्ता का यह खेल हमारे लोकतंत्र को खतरे में डाल रहा है।
लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर उन्होंने कहा कि स्पीकर का रवैया विपक्ष को दबाने का है, जहां विपक्ष के नेताओं के माइक बंद कर दिए जाते हैं। उम्मीद है कि इस मुद्दे पर संसद में पहले दिन चर्चा होगी।