9 जुलाई 2026
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क्या बिहार के सीएम नीतीश कुमार को हिजाब मामले में माफी मांगनी चाहिए?

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क्या बिहार के सीएम नीतीश कुमार को हिजाब मामले में माफी मांगनी चाहिए?

सारांश

शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार द्वारा महिला का बुर्का खींचने की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस अशोभनीय व्यवहार के लिए माफी की आवश्यकता व्यक्त की है। जानें क्या कहा प्रियंका ने और इस मुद्दे पर उनका दृष्टिकोण क्या है।

मुख्य बातें

प्रियंका चतुर्वेदी ने नीतीश कुमार के व्यवहार की निंदा की।
महिला सशक्तिकरण और लोकतंत्र के सिद्धांतों का सम्मान करना आवश्यक है।
ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए गए हैं।

नई दिल्ली, 16 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने एक कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा महिला का बुर्का खींचने की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को अपने किए पर माफी मांगनी चाहिए।

प्रियंका चतुर्वेदी ने मंगलवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि इस तरह का व्यवहार किसी मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता। यह बिल्कुल अशोभनीय है। इसकी जितनी निंदा करें, उतनी कम है। अगर मुख्यमंत्री को उस महिला को कुछ समझाना था, तो इसके कई तरीके हो सकते थे। इस तरह से किसी महिला का बुर्का खींचने का क्या मतलब है?

राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह व्यवहार बिल्कुल गलत है। यह एक तरह का शोषण है। एक सार्वजनिक मंच पर किसी मुख्यमंत्री का इस तरह का रवैया बिल्कुल गलत है।

उन्होंने एनसीपी (शरदचंद्र गुट) नेता सुप्रिया सुले की ओर से ईवीएम के संदर्भ में दिए बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अब ईवीएम पर जिसके मन में जो आए, वो बयान दे सकता है, लेकिन इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि आज की तारीख में आम लोगों के बीच में ईवीएम की विश्वसनीयता पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। आज कोई भी इस बात की पैरोकारी नहीं करेगा कि ईवीएम से चुनाव कराया जाए। यहां तक कि महाराष्ट्र चुनाव के दौरान भी आम लोगों के बीच में ईवीएम से चुनाव कराने की मांग उठी थी।

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि हम आम लोगों के बीच में जाकर लगातार वोट चोरी और ईवीएम के मुद्दे को लेकर जा रहे हैं और उन्हें इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं। उन्हें हम बता रहे हैं कि किस तरह से वोट चोरी और ईवीएम को सहारा बनाकर लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम ऐसा होने नहीं देंगे। हम लोकतंत्र को बचाने की दिशा में हमेशा से प्रतिबद्ध रहे हैं और आगे भी रहेंगे।

वोट चोरी पर उमर अब्दुल्ला के बयान पर भी प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि उमर अब्दुल्ला ने अपना पक्ष रखा। उस पर वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहेंगी। अगर मैं अपनी पार्टी और इंडिया गठबंधन का पक्ष रखूं, तो हम हमेशा से ही वोट चोरी और ईवीएम के मुद्दे को जोरशोर से उठाते रहे हैं।

आदित्य ठाकरे ने भी अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वोट चोरी का जिक्र किया था। उन्होंने बताया था कि किस तरह से उनके विधानसभा क्षेत्र में अतिरिक्त मतदाताओं को जोड़ा गया था ताकि राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को अपने पक्ष में किया जा सके।

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि बिल्कुल, इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाताओं को जोड़ा जा रहा है। कुल मिलाकर, हम इस मुद्दे को जोरशोर से उठाते रहेंगे और इसमें सुधार की मांग करते रहेंगे। इस तरह की स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रियंका चतुर्वेदी ने नीतीश कुमार के व्यवहार पर क्या कहा?
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि नीतीश कुमार का यह व्यवहार अशोभनीय है और उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
क्या ईवीएम की विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है?
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि आम लोगों के बीच ईवीएम की विश्वसनीयता पूरी तरह से खत्म हो चुकी है।
राष्ट्र प्रेस
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