क्या प्रियंका गांधी ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुए विकास को देखा?

सारांश
Key Takeaways
- प्रियंका गांधी ने बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' में भाग लिया।
- नीरज कुमार ने उनके स्वागत के साथ विकास कार्यों को देखने की सलाह दी।
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में विकास की चर्चा हुई।
- निशांत के राजनीति में आने की संभावना पर विचार किया गया।
- नक्सलवाद पर सामाजिक दृष्टिकोण से बात की गई।
पटना, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने मंगलवार को बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' में भाग लिया। इस पर जनता दल (यूनाइटेड) के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि प्रियंका का बिहार में स्वागत है और उन्हें यहाँ की विकास गतिविधियों को अवश्य देखना चाहिए।
नीरज कुमार ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "प्रियंका गांधी का बिहार में आना स्वागत योग्य है। अगर वह यहाँ आई हैं, तो उन्हें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों को देखना चाहिए। यदि वह एयरपोर्ट पर पहुँची होंगी, तो वहां के मार्बल पर अपने चेहरे को देखा होगा। उन्हें बिहार की बेटियों से मिलकर जीविका दीदी से भी बातचीत करनी चाहिए और बिहार के विकास के बारे में जानकारी हासिल करनी चाहिए।"
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत के राजनीति में आने के सवाल पर उन्होंने कहा, "हमारे पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा है कि निशांत झा को पार्टी में आना चाहिए। हमारे कार्यकर्ता इस दिन का इंतजार कर रहे हैं, जब एक कंप्यूटर इंजीनियर, जो सादगी और सौम्य स्वभाव का प्रतीक हो, राजनीति में आ जाएगा। हमारे कार्यकर्ता उस दिन को देखने के लिए उत्सुक हैं, जब निशांत कुमार चुनावी मैदान में सक्रिय रूप से उतरें।"
उपराष्ट्रपति पद के चुनाव पर जेडीयू प्रवक्ता ने कहा, "देश के उपराष्ट्रपति पद के चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार को उम्मीद थी कि कोई चुनाव नहीं होगा। उपराष्ट्रपति का चुनाव सर्वानुमति से होगा। लेकिन विपक्ष ने अपना उम्मीदवार उतारा। विपक्ष हमेशा आरोप लगाती रही है कि संवैधानिक पद का दुरुपयोग किया जाता है। अब उन्होंने पूर्व न्यायाधीश को अपना उम्मीदवार बना दिया।"
नक्सलवाद पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "नक्सलवाद एक सामाजिक मुद्दा है, जिसका लाठी और बंदूक से मुकाबला नहीं किया जा सकता। जिन पर नक्सलवाद को परोक्ष रूप से समर्थन देने का आरोप लगा था, उन्हीं को विपक्ष ने अपना उम्मीदवार बना दिया और इससे लोग आहत हैं।"