प्रियंका गांधी का एलडीएफ-भाजपा पर हमला: केरलम में बदलाव की संकेत
सारांश
Key Takeaways
- प्रियंका गांधी ने बदलाव की आहट की बात की।
- एलडीएफ और भाजपा के बीच सांठगांठ का आरोप।
- महिला आरक्षण पर प्रधानमंत्री की नीति की आलोचना।
कोझिकोड, ६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केरलम चुनाव में प्रचार के दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि यहाँ बदलाव की संकेत मिल रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने एलडीएफ और भाजपा पर तीखा हमला किया।
प्रियंका ने कोझिकोड में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि लोग अब यह समझ चुके हैं कि एलडीएफ और भाजपा के बीच गुप्त समझौता है। पिछले दस वर्षों में लोगों की प्रगति नहीं हुई है। अगर आप लोगों से बातचीत करेंगे, तो पाएंगे कि रोजगार की कमी और कीमतों में वृद्धि ने लोगों को परेशान कर दिया है। केरलम जैसे राज्य में स्थिति को समझा जा रहा है और यहां बदलाव की आहट स्पष्ट है।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर प्रियंका ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री चाहते थे कि सभी दल एक साथ आएं और इस पर चर्चा करें, तो उन्हें कम से कम उन दलों से बातचीत करनी चाहिए थी। हमें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है कि सरकार क्या करने की योजना बना रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जो निर्णय लिए जा रहे हैं, उनमें सभी की सहमति की आवश्यकता है। लोकतंत्र में इस तरह की चर्चा आवश्यक है। यदि मैं आपके लिए कोई नीति बनाना चाहती हूँ, तो मुझे यह जानना होगा कि आप क्या चाहते हैं। यदि सरकार कोई नीति बना रही है, तो उस पर चर्चा होना चाहिए।
प्रियंका ने कहा कि आप हमारी बात मानें या न मानें, लेकिन कम से कम चर्चा तो होनी चाहिए। सरकार ने सब कुछ अपने तरीके से किया है और बातचीत नहीं की है।
असम के डिब्रूगढ़ में एक चुनावी सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "कांग्रेस ने महिला आरक्षण के मुद्दे को लटकाए रखा था। एनडीए ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पास किया है, जिससे देश की संसद और असम की विधानसभा में ३३ प्रतिशत आरक्षण मिल सकेगा। १६, १७ और १८ अप्रैल को संसद का विशेष सत्र होगा, जिसमें महिला आरक्षण कानून में संशोधन पर चर्चा की जाएगी। ऐसे प्रावधान किए जाएंगे कि २०२९ के लोकसभा चुनाव में कम से कम महिलाएं सांसद बनेंगी।"