26 जुलाई 2026
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क्या पुंछ के जिला अस्पताल में स्थापित प्रधानमंत्री डायलिसिस यूनिट रोगियों के लिए वरदान है?

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क्या पुंछ के जिला अस्पताल में स्थापित प्रधानमंत्री डायलिसिस यूनिट रोगियों के लिए वरदान है?

सारांश

क्या पुंछ का यह डायलिसिस यूनिट सच में रोगियों के लिए वरदान है? जानें कैसे यह सुविधा किडनी रोगियों को आर्थिक राहत प्रदान कर रही है।

मुख्य बातें

पुंछ में स्थापित प्रधानमंत्री डायलिसिस यूनिट ने रोगियों को राहत दी है।
यह यूनिट मुफ्त डायलिसिस सेवाएं प्रदान करती है।
मौजूदा क्षमता को बढ़ाने की आवश्यकता है।
उच्च गुणवत्ता वाली मशीनरी का उपयोग होता है।
सरकार का इस सेवा के लिए आभार व्यक्त किया गया है।

पुंछ, 4 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार की पहल के तहत जम्मू-कश्मीर के दूरदराज स्थित पुंछ जिला मुख्यालय के राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल में स्थापित प्रधानमंत्री डायलिसिस यूनिट अब सैकड़ों किडनी रोगियों के लिए एक अमूल्य वरदान बन चुकी है।

इस डायलिसिस यूनिट ने रोगियों और उनके परिवारों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। पहले किडनी रोगियों को चंडीगढ़, जम्मू या श्रीनगर जाकर डायलिसिस कराना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें मुफ्त में यही सेवा मिल रही है। इससे किडनी रोगियों के परिवारों पर आर्थिक बोझ भी कम हुआ है। कई तीमारदार सरकार का धन्यवाद कर रहे हैं। कुछ ने अस्पताल की डायलिसिस यूनिट की क्षमता बढ़ाने की मांग की है, क्योंकि यहां अभी केवल छह बेड उपलब्ध हैं। अगर इसे 15-20 बेड किया जाए तो अधिक रोगियों को मदद मिलेगी।

राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. मोहम्मद शफीक ने बताया कि इस डायलिसिस यूनिट से लोगों को बहुत लाभ हो रहा है। अब किसी को जम्मू या श्रीनगर जाने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि यहां विश्वस्तरीय डायलिसिस यूनिट है। हर महीने 250 से 300 रोगियों का डायलिसिस किया जा रहा है। यहां की मशीनरी अत्याधुनिक है। यह सरकार के सहयोग से संभव हो पाया है। इसके लिए हम सरकार का आभार व्यक्त करते हैं।

जहांगीर खान ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि वह अपनी मां के इलाज के लिए यहां आए हैं। अस्पताल में डॉक्टर और सभी कर्मचारी मरीजों का अच्छे से ख्याल रख रहे हैं। यह सुविधा पीएम मोदी के प्रयासों की वजह से संभव हो पाई है। यहां सभी सुविधाएं मुफ्त में उपलब्ध हैं। डायलिसिस यूनिट में स्वच्छता पर खास ध्यान दिया जाता है। सरकार से अनुरोध है कि बेड की संख्या बढ़ाई जाए। पहले डायलिसिस के लिए चंडीगढ़ जाना पड़ता था, जिससे मरीजों पर आर्थिक भार पड़ता था। पहले यह सुविधा नहीं होने के कारण कई मरीजों की जान भी चली गई। पुंछ में डायलिसिस की सुविधा होने से स्थानीय लोगों को बहुत लाभ हुआ है।

किडनी रोगी मोहम्मद सदीक ने कहा कि डायलिसिस की सुविधा से गरीब लोगों पर आर्थिक बोझ कम हुआ है। सरकार का बहुत आभार।

यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री डायलिसिस यूनिट प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम (पीएमएनडीपी) के अंतर्गत संचालित की जाती है, जिसका लक्ष्य गरीबों और जरूरतमंदों को मुफ्त या रियायती दरों पर डायलिसिस सेवाएं प्रदान करना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री डायलिसिस यूनिट का उद्देश्य क्या है?
यह यूनिट गरीबों और जरूरतमंदों को मुफ्त या रियायती दरों पर डायलिसिस सेवाएं प्रदान करने के लिए स्थापित की गई है।
डायलिसिस यूनिट में कितने बेड उपलब्ध हैं?
वर्तमान में इस यूनिट में एक समय में छह बेड उपलब्ध हैं।
क्या यहां डायलिसिस के लिए कोई शुल्क लिया जाता है?
नहीं, यहां डायलिसिस की सभी सेवाएं मुफ्त में उपलब्ध हैं।
इस यूनिट की स्थापना कब हुई थी?
यह यूनिट हाल ही में केंद्र सरकार की पहल के तहत स्थापित की गई है।
क्या मरीजों की संख्या बढ़ रही है?
जी हां, हर महीने 250 से 300 मरीजों का डायलिसिस किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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