क्या पुणे आईएसआईएस मॉड्यूल केस में ईडी और एटीएस ने 40 ठिकानों पर छापे मारे?

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क्या पुणे आईएसआईएस मॉड्यूल केस में ईडी और एटीएस ने 40 ठिकानों पर छापे मारे?

सारांश

पुणे आईएसआईएस मॉड्यूल केस में ईडी और एटीएस की संयुक्त छापेमारी से इलाके में हड़कंप। जानें इस कार्रवाई के पीछे की वजह और क्या हैं संभावित कड़ी।

Key Takeaways

  • ईडी और एटीएस ने 40 ठिकानों पर छापेमारी की।
  • छापे टेरर फंडिंग से जुड़े हैं।
  • सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई।
  • संयुक्त रियल-टाइम ऑपरेशनल ग्रिड का उपयोग किया गया।
  • फॉरेंसिक जांच के आधार पर गिरफ्तारियां संभव।

मुंबई, 11 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के पाडघा क्षेत्र में ईडी और एटीएस के संयुक्त अभियान ने पूरे इलाके में हलचल पैदा कर दी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) की टीमें बुधवार-गुरुवार की मध्य रात्रि में कार्रवाई की शुरुआत की। एक साथ कई आवासीय परिसरों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

जानकारों के अनुसार, इस संयुक्त कार्रवाई का दायरा केवल ठाणे तक सीमित नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र के लगभग 40 स्थानों (पाडघा, पुणे और मालेगांव) पर छापेमारी की गई है। यह पूरी कार्रवाई आतंक से जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जांच से संबंधित है।

ईडी के अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में एजेंसी ने एक नया ईसीआईआर दर्ज किया है, जो एनआईए की उस जांच से संबंधित है जिसमें साकिब नाचन को आईएसआईएस मॉड्यूल मामले में आरोपी बनाया गया है। यह कार्रवाई पुणे आईएसआईएस मॉड्यूल केस से भी जुड़ी हुई है, जिसमें कई संदिग्धों पर टेरर फंडिंग और मॉड्यूल को सक्रिय करने में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं।

पुणे और मालेगांव में जिन ठिकानों पर कार्रवाई की गई है, वे उन संदिग्धों से जुड़े बताए जाते हैं जिनकी गतिविधियों का लिंक कथित तौर पर टेरर नेटवर्क और फंडिंग चैनल से जुड़ता पाया गया है। ईडी को यह आशंका है कि इन मॉड्यूल्स के लिए धन जुटाने, उसे स्थानांतरित करने या छिपाने से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सबूत इन स्थानों पर मौजूद हो सकते हैं।

विशेष बात यह है कि इस बार जांच एजेंसियों ने एक संयुक्त रियल-टाइम ऑपरेशनल ग्रिड तैयार किया है। दोनों एजेंसियां (ईडी और एटीएस) सर्च ऑपरेशन के दौरान लगातार सूचनाएं, इनपुट और तकनीकी डेटा एक-दूसरे से साझा कर रही हैं ताकि किसी भी महत्वपूर्ण सुराग को तुरंत आगे बढ़ाया जा सके और कार्रवाई में तालमेल बना रहे। इलाके में छापेमारी के दौरान सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है।

अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक कार्रवाई पूरी होने के बाद जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री की फॉरेंसिक जांच की जाएगी, जिसके आधार पर आगे गिरफ्तारियां और पूछताछ संभव हैं।

Point of View

हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि इन कार्यवाहियों में मानवीय अधिकारों का सम्मान किया जाए।
NationPress
10/02/2026

Frequently Asked Questions

ईडी और एटीएस ने क्यों छापे मारे?
इन छापों का उद्देश्य टेरर फंडिंग और आईएसआईएस मॉड्यूल से जुड़े संदिग्धों की गतिविधियों की जांच करना है।
क्या कार्रवाई का दायरा केवल ठाणे तक सीमित है?
नहीं, कार्रवाई महाराष्ट्र के लगभग 40 स्थानों पर की गई है।
छापेमारी के दौरान किन चीजों की जांच की जा रही है?
छापेमारी के दौरान दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री की फॉरेंसिक जांच की जाएगी।
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