पंजाब BJP की बैठक: 2027 चुनाव के लिए रणनीति, AAP सरकार पर आरोपपत्र और 'डबल इंजन' का आह्वान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पंजाब कार्यकारी समिति की बैठक शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को संगरूर में प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इस दिनभर चली बैठक में 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारी, संगठन सुदृढ़ीकरण और आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के विरुद्ध आरोपपत्र तैयार करने पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली 'डबल इंजन' सरकार की आवश्यकता को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए ढिल्लों ने AAP सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं का खतरा, गुंडागर्दी, भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून-व्यवस्था पंजाब के आम नागरिकों, व्यापारियों, सरकारी कर्मचारियों और युवाओं के लिए गंभीर संकट बन चुकी है। उन्होंने दावा किया कि केवल भाजपा ही राज्य की इन समस्याओं का स्थायी समाधान प्रदान कर सकती है।
बैठक में पार्टी की संगठनात्मक रणनीति को आकार देने के साथ-साथ AAP सरकार की कथित विफलताओं को रेखांकित करने वाला एक आरोपपत्र तैयार करने पर भी सहमति बनी।
मोदी की 25 वर्षीय जनसेवा पर प्रस्ताव
उद्घाटन सत्र में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और बाद में प्रधानमंत्री के रूप में 25 वर्ष की सार्वजनिक सेवा पर एक विशेष प्रस्ताव प्रस्तुत किया। बैठक में उपस्थित नेताओं ने सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को पारित कर मोदी को बधाई दी। इस चर्चा में पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोरंजन कालिया, विधायक अश्वनी शर्मा और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनप्रीत सिंह बादल ने भाग लिया।
संगठन एवं भविष्य की योजना
'संगठन और भविष्य की योजना' पर केंद्रित महत्त्वपूर्ण सत्र को पार्टी के प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया ने संबोधित किया। प्रदेश महासचिव (संगठन) श्रीनिवासुलु मंत्री ने पार्टी संगठन को मजबूत करने की विस्तृत योजना प्रस्तुत की और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा की। पंजाब के सह-प्रभारी वीरेंद्र सचदेवा और राज्यसभा सांसद अलका गुर्जर ने भी सभा को संबोधित किया।
AAP सरकार पर आलोचना
राज्य सरकार की कथित विफलताओं पर केंद्रित सत्र में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजय सांपला, अविनाश राय खन्ना और श्वेत मलिक ने AAP सरकार को हर मोर्चे पर विफल करार दिया। राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने AAP सरकार के विरुद्ध तैयार आरोपपत्र पर चर्चा की। वहीं, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सुनील जाखड़ ने चुनाव घोषणापत्र से जुड़े मामलों की जानकारी साझा की।
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव अब डेढ़ वर्ष से भी कम समय में होने हैं, और यह बैठक भाजपा की उस व्यापक तैयारी का हिस्सा है जिसमें पार्टी संगठन के हर स्तर को सक्रिय किया जा रहा है। 'डबल इंजन' सरकार की अवधारणा — जिसमें केंद्र और राज्य दोनों में एक ही पार्टी की सरकार होने का तर्क दिया जाता है — को चुनावी नैरेटिव का केंद्रबिंदु बनाने की तैयारी स्पष्ट दिखती है। आने वाले महीनों में आरोपपत्र जारी होने और संगठनात्मक विस्तार अभियान शुरू होने की संभावना है।