चमियारी पुलिस चौकी हमला: ISI हैंडलर के इशारे पर हमला करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने 1 अगस्त 2026 को चमियारी पुलिस चौकी (अजनाला थाना क्षेत्र, अमृतसर) पर ज्वलनशील पदार्थ फेंककर हमला करने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ के अनुसार, आरोपी पाकिस्तान समर्थित ISI हैंडलर के निर्देश पर सोशल मीडिया के ज़रिए संचालित किए जा रहे थे और उन्हें हमले के लिए आर्थिक सहायता भी मुहैया कराई गई थी।
मुख्य घटनाक्रम
घटना में मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने चमियारी पुलिस चौकी पर इंसेंडियरी ऑब्जेक्ट (ज्वलनशील पदार्थ) फेंका। हमले के तत्काल बाद थाना अजनाला में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर पुलिस ने चारों आरोपियों को दबोचा।
यह कार्रवाई पंजाब पुलिस की 'वार अगेंस्ट गैंगस्टर्स' मुहिम के तहत की गई है, जो राज्य में आतंकी-गैंगस्टर गठजोड़ को तोड़ने के लिए चलाई जा रही है।
ISI कनेक्शन और फंडिंग नेटवर्क
पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक पाकिस्तान समर्थित ISI हैंडलर से संपर्क स्थापित किया था। अधिकारियों के अनुसार, उसी हैंडलर के निर्देश पर हमले की साजिश रची गई और उसे अंजाम देने के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई। जांच एजेंसियां अब इस साजिश के बैकवर्ड व फॉरवर्ड लिंक, पूरे मॉड्यूल, विदेशी संपर्कों और फंडिंग नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब में सीमा-पार प्रायोजित आतंकी गतिविधियों और ड्रोन के ज़रिए हथियार तस्करी की घटनाएं पहले से चिंता का विषय बनी हुई हैं।
डीजीपी पंजाब की प्रतिक्रिया
डीजीपी पंजाब ने कहा कि राज्य पुलिस राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में संलिप्त किसी भी तत्व के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब की शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
पुलिस ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी पारदर्शिता और गंभीरता से आगे बढ़ाई जा रही है तथा जल्द ही इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
आगे की जांच और संभावित खुलासे
सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में कौन-कौन से अन्य व्यक्ति या संगठन शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आतंकवाद, गैंगस्टर नेटवर्क और विदेशी हैंडलरों के गठजोड़ के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। यह मामला पंजाब में सीमा-पार प्रायोजित हिंसा की एक और कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।