26 सितंबर 2026
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पंजाब में पुलिसकर्मी भी असुरक्षित: भाजपा नेता सुनील जाखड़ का भगवंत मान सरकार पर हमला

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पंजाब में पुलिसकर्मी भी असुरक्षित: भाजपा नेता सुनील जाखड़ का भगवंत मान सरकार पर हमला

सारांश

BJP नेता सुनील जाखड़ का बड़ा दावा — पंजाब में पुलिस को कथित तौर पर एडवाइजरी जारी की गई कि वर्दी में अकेले न निकलें, हथियार साथ रखें। जब रक्षक ही असुरक्षित हों, तो आम जनता की स्थिति क्या होगी? भगवंत मान सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष का दबाव बढ़ता जा रहा है।

मुख्य बातें

BJP नेता सुनील जाखड़ ने 26 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में भगवंत मान सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर हमला बोला।
जाखड़ ने दावा किया कि एक कथित सरकारी एडवाइजरी में पुलिसकर्मियों को वर्दी में अकेले न निकलने , हथियार रखने और दोपहिया वाहन से बचने की सलाह दी गई है।
पंजाब में SIR प्रक्रिया के तहत 22.70 लाख आपत्तियाँ दर्ज हुईं; करीब 20.66 लाख मतदाता ड्राफ्ट सूची से बाहर थे।
जाखड़ ने राज्य के कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 2.14 करोड़ बताई।
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को जाखड़ ने 'अपना नेता' बताते हुए उनके राष्ट्रीय कद की सराहना की।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ ने 26 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान पंजाब की भगवंत मान सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर तीखा प्रहार किया। जाखड़ ने आरोप लगाया कि राज्य में न केवल आम नागरिक, बल्कि खुद पुलिसकर्मी भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

पुलिस एडवाइजरी का मुद्दा

जाखड़ ने दावा किया कि पुलिस मुख्यालय और राज्य सरकार की ओर से जारी एक कथित एडवाइजरी में पुलिस अधिकारियों को कई सुरक्षा-संबंधी निर्देश दिए गए हैं। उनके अनुसार इस एडवाइजरी में अधिकारियों को अकेले पुलिस स्टेशन से न निकलने, यात्रा के दौरान वर्दी न पहनने, साथ में सशस्त्र जवान रखने, हथियार लेकर चलने और दोपहिया वाहनों से यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है।

जाखड़ ने कहा, 'पंजाब में कोई भी सुरक्षित नहीं है। आम लोगों की तो बात ही छोड़िए, खुद पुलिस वाले भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।' उन्होंने तर्क दिया कि जब कानून-व्यवस्था संभालने वाले रक्षक ही भयभीत हों, तो आम जनता की सुरक्षा पर सवाल उठना स्वाभाविक है। गौरतलब है कि इस तरह की एडवाइजरी का सार्वजनिक रूप से सामने आना राज्य की सुरक्षा स्थिति को लेकर गंभीर प्रश्न उठाता है।

मतदाता सूची विवाद पर जाखड़ का रुख

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध और विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े विवाद पर जाखड़ ने कहा कि पंजाब में कंप्यूटर प्रणाली के ज़रिए लगभग 22.70 लाख आपत्तियाँ दर्ज की गई थीं। इनमें नाम, जन्मतिथि या माता-पिता की आयु से जुड़ी विसंगतियाँ शामिल थीं।

उन्होंने बताया कि लगभग 99 प्रतिशत मामलों को संबंधित अधिकारियों ने निपटा दिया। इसके अलावा, करीब 20.66 लाख मतदाताओं को ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं किया गया था। जाखड़ ने कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 2.14 करोड़ बताते हुए विपक्ष से पूछा कि हटाए गए नामों को लेकर उनकी ओर से कितनी आपत्तियाँ दर्ज कराई गईं।

पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर टिप्पणी

पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के हालिया बयान को लेकर जाखड़ ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि अमरिंदर सिंह ने किस संदर्भ में क्या कहा, लेकिन वे उन्हें अपना नेता मानते हैं। जाखड़ ने कहा, 'मैं राजनीतिक जुड़ाव से हटकर भी उनका बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ। मेरा मानना है कि उन्हें किसी की स्वीकृति की ज़रूरत नहीं है। उनका अपना कद है और न सिर्फ़ पंजाब में, बल्कि पूरे भारत में उनकी अपनी पहचान है।'

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की भगवंत मान सरकार पर विपक्ष लगातार कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर दबाव बना रहा है। राज्य में गैंगस्टर गतिविधियों और लक्षित हत्याओं की घटनाओं को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। भाजपा के लिए यह मुद्दा आगामी राजनीतिक घमासान में एक प्रमुख हथियार बन सकता है।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भगवंत मान सरकार इन आरोपों का जवाब किस तरह देती है और क्या राज्य पुलिस की ओर से किसी एडवाइजरी के अस्तित्व की आधिकारिक पुष्टि होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह पंजाब में सुरक्षा तंत्र की एक गंभीर आंतरिक स्वीकृति है। राज्य में गैंगस्टर हिंसा और लक्षित हमलों की घटनाएँ पहले भी सुर्खियों में रही हैं, और एक ऐसी एडवाइजरी का अस्तित्व — जो सरकारी चैनलों से जारी हो — आम आदमी पार्टी की 'कानून का राज बहाल करने' की कथा को सीधे चुनौती देती है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सिमट जाती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इस एडवाइजरी की स्वतंत्र पुष्टि होती है — और यदि होती है, तो सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुनील जाखड़ ने पंजाब पुलिस एडवाइजरी को लेकर क्या दावा किया?
जाखड़ ने दावा किया कि पुलिस मुख्यालय और राज्य सरकार की ओर से एक कथित एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें पुलिसकर्मियों को वर्दी में अकेले न निकलने, दोपहिया वाहन से बचने और हथियार साथ रखने की सलाह दी गई है। यह दावा उन्होंने 26 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में मीडिया के सामने किया।
पंजाब में SIR और मतदाता सूची विवाद क्या है?
जाखड़ के अनुसार पंजाब में कंप्यूटर प्रणाली के ज़रिए लगभग 22.70 लाख आपत्तियाँ दर्ज हुईं, जिनमें से 99 प्रतिशत निपटा दी गईं। करीब 20.66 लाख मतदाता ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर थे, जबकि कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 2.14 करोड़ बताई गई।
भगवंत मान सरकार पर BJP का कानून-व्यवस्था को लेकर क्या आरोप है?
BJP नेता सुनील जाखड़ का आरोप है कि पंजाब में भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में न आम नागरिक सुरक्षित हैं, न खुद पुलिसकर्मी। उन्होंने कहा कि जब रक्षक ही असुरक्षित महसूस करें, तो आम जनता की सुरक्षा पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
सुनील जाखड़ ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के बारे में क्या कहा?
जाखड़ ने कहा कि वे राजनीतिक जुड़ाव से परे भी अमरिंदर सिंह के बड़े प्रशंसक हैं और उन्हें अपना नेता मानते हैं। उन्होंने कहा कि अमरिंदर सिंह को किसी की स्वीकृति की ज़रूरत नहीं, उनका अपना राष्ट्रीय कद है।
क्या पंजाब सरकार ने पुलिस एडवाइजरी की पुष्टि की है?
जाखड़ के बयान के समय तक राज्य सरकार या पुलिस मुख्यालय की ओर से इस कथित एडवाइजरी की आधिकारिक पुष्टि या खंडन सामने नहीं आया था। यह मामला अभी भी जाँच का विषय है।
राष्ट्र प्रेस
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