पंजाब में पुलिसकर्मी भी असुरक्षित: भाजपा नेता सुनील जाखड़ का भगवंत मान सरकार पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ ने 26 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान पंजाब की भगवंत मान सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर तीखा प्रहार किया। जाखड़ ने आरोप लगाया कि राज्य में न केवल आम नागरिक, बल्कि खुद पुलिसकर्मी भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
पुलिस एडवाइजरी का मुद्दा
जाखड़ ने दावा किया कि पुलिस मुख्यालय और राज्य सरकार की ओर से जारी एक कथित एडवाइजरी में पुलिस अधिकारियों को कई सुरक्षा-संबंधी निर्देश दिए गए हैं। उनके अनुसार इस एडवाइजरी में अधिकारियों को अकेले पुलिस स्टेशन से न निकलने, यात्रा के दौरान वर्दी न पहनने, साथ में सशस्त्र जवान रखने, हथियार लेकर चलने और दोपहिया वाहनों से यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है।
जाखड़ ने कहा, 'पंजाब में कोई भी सुरक्षित नहीं है। आम लोगों की तो बात ही छोड़िए, खुद पुलिस वाले भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।' उन्होंने तर्क दिया कि जब कानून-व्यवस्था संभालने वाले रक्षक ही भयभीत हों, तो आम जनता की सुरक्षा पर सवाल उठना स्वाभाविक है। गौरतलब है कि इस तरह की एडवाइजरी का सार्वजनिक रूप से सामने आना राज्य की सुरक्षा स्थिति को लेकर गंभीर प्रश्न उठाता है।
मतदाता सूची विवाद पर जाखड़ का रुख
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध और विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े विवाद पर जाखड़ ने कहा कि पंजाब में कंप्यूटर प्रणाली के ज़रिए लगभग 22.70 लाख आपत्तियाँ दर्ज की गई थीं। इनमें नाम, जन्मतिथि या माता-पिता की आयु से जुड़ी विसंगतियाँ शामिल थीं।
उन्होंने बताया कि लगभग 99 प्रतिशत मामलों को संबंधित अधिकारियों ने निपटा दिया। इसके अलावा, करीब 20.66 लाख मतदाताओं को ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं किया गया था। जाखड़ ने कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 2.14 करोड़ बताते हुए विपक्ष से पूछा कि हटाए गए नामों को लेकर उनकी ओर से कितनी आपत्तियाँ दर्ज कराई गईं।
पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर टिप्पणी
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के हालिया बयान को लेकर जाखड़ ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि अमरिंदर सिंह ने किस संदर्भ में क्या कहा, लेकिन वे उन्हें अपना नेता मानते हैं। जाखड़ ने कहा, 'मैं राजनीतिक जुड़ाव से हटकर भी उनका बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ। मेरा मानना है कि उन्हें किसी की स्वीकृति की ज़रूरत नहीं है। उनका अपना कद है और न सिर्फ़ पंजाब में, बल्कि पूरे भारत में उनकी अपनी पहचान है।'
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की भगवंत मान सरकार पर विपक्ष लगातार कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर दबाव बना रहा है। राज्य में गैंगस्टर गतिविधियों और लक्षित हत्याओं की घटनाओं को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। भाजपा के लिए यह मुद्दा आगामी राजनीतिक घमासान में एक प्रमुख हथियार बन सकता है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भगवंत मान सरकार इन आरोपों का जवाब किस तरह देती है और क्या राज्य पुलिस की ओर से किसी एडवाइजरी के अस्तित्व की आधिकारिक पुष्टि होती है।