क्या पंजाब पुलिस ने दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी के एडिटेड वीडियो मामले में केस दर्ज किया है?
सारांश
Key Takeaways
- आतिशी का एडिटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
- पंजाब पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की है।
- फोरेंसिक जांच के माध्यम से वीडियो की सच्चाई का पता लगाया जा रहा है।
- राजनीतिक विवाद ने आम आदमी पार्टी को प्रभावित किया है।
- आतिशी ने अभी तक इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है।
चंडीगढ़, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब के जालंधर पुलिस आयुक्त कार्यालय के प्रवक्ता ने शुक्रवार को जानकारी दी कि इकबाल सिंह नामक एक व्यक्ति की शिकायत पर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी के एडिटेड वीडियो को अपलोड और वायरल करने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।
सोशल मीडिया पर कई पोस्ट्स वायरल हो रहे हैं, जिनमें एक संक्षिप्त वीडियो क्लिप है। इस क्लिप में कथित तौर पर दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी सिख गुरुओं के खिलाफ अपमानजनक और ईशनिंदा वाली टिप्पणियाँ करती नजर आ रही हैं। इन पोस्ट्स के कैप्शन भी अत्यधिक भड़काऊ हैं।
जालंधर पुलिस आयुक्त कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि जांच को वैज्ञानिक तरीके से किया गया है और आतिशी की आवाज वाला वीडियो क्लिप दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से डाउनलोड किया गया और इसे फोरेंसिक जांच के लिए मोहाली स्थित फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के निदेशक को भेजा गया है।
9 जनवरी की फोरेंसिक रिपोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो क्लिप की ऑडियो में आतिशी ने 'गुरु' शब्द का उच्चारण नहीं किया है।
वीडियो में जानबूझकर छेड़छाड़ की गई है ताकि कैप्शन में ऐसे शब्द जोड़े जा सकें, जो दिल्ली की विपक्ष नेता ने कभी नहीं बोले।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने बुधवार को दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। आतिशी पर आरोप है कि उन्होंने हाल ही में हुए विधानसभा सत्र के दौरान एक सिख गुरु के खिलाफ 'असंवेदनशील शब्दों' का इस्तेमाल किया था।
पत्रकारों से बात करते हुए दिल्ली के मंत्री परवेश वर्मा ने कहा कि मंगलवार को राज्य विधानसभा सत्र के दौरान सदस्यों ने सिख गुरुओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर की 354वीं शहादत वर्षगांठ के उपलक्ष्य में सदन में एक विशेष चर्चा आयोजित की गई थी, जिसे पूरे देश में मनाया जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि एक तरफ हम श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे थे और सम्मान दिखा रहे थे, लेकिन दूसरी तरफ आतिशी ने सार्थक रूप से भाग नहीं लिया और एक ऐसा बयान दिया जिससे हमारी भावनाओं को ठेस पहुंची। हमें गहरा दुख है कि आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री ने सिख गुरु का अपमान किया है। आज वह विधानसभा में उपस्थित भी नहीं हैं। उन्होंने न तो माफी मांगी है और न ही सत्र में भाग लिया है।
दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने भी आतिशी के आचरण की आलोचना करते हुए इसे “बेहद शर्मनाक” बताया।