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क्या राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच संबंध अत्यंत सौहार्दपूर्ण हैं?

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क्या राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच संबंध अत्यंत सौहार्दपूर्ण हैं?

सारांश

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा पर भाजपा के प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने शांति का समर्थन किया है। उनके अनुसार, भारत और रूस के बीच संबंध बेहद मजबूत हैं। जानें इस यात्रा के पीछे के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।

मुख्य बातें

भारत हमेशा शांति का पक्षधर रहा है।
पुतिन और मोदी के बीच संबंध मजबूत हैं।
रक्षा और विज्ञान में सहयोग बढ़ेगा।
विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब दिया गया।
इंडिगो उड़ानों की स्थिति पर सरकार कार्रवाई कर रही है।

नई दिल्ली, 5 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ किए गए संयुक्त बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया है कि भारत न्यूट्रल नहीं, बल्कि शांति का दृढ़ समर्थक है।

अजय आलोक ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, यह बुद्ध की भूमि है, और भारत हमेशा शांति का पक्षधर रहा है।"

अजय आलोक ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच व्यक्तिगत संबंध बेहद सौहार्दपूर्ण हैं, और भारत और रूस के बीच ऐतिहासिक, आंतरिक और सांस्कृतिक रिश्तों ने दोनों देशों के सहयोग को और मजबूती प्रदान की है। रक्षा, अनुसंधान, विज्ञान और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग आगे बढ़ेगा। आलोक ने बताया कि पुतिन ने भी कहा कि वे अपने "दोस्त मोदी" से मिलने के लिए उत्सुक हैं।

कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला द्वारा राहुल गांधी के उस बयान का समर्थन करने पर भी अजय आलोक ने तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें दावा किया गया था कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को विदेशी डेलिगेशन से मिलने नहीं दिया जा रहा है। इस पर आलोक ने कहा कि राजीव शुक्ला जैसे वरिष्ठ नेता को यह जानकारी न होना चौंकाने वाली बात है कि सरकारी बैठकों को छोड़कर विदेश मंत्रालय किसी भी विदेशी प्रतिनिधिमंडल की बैठकें तय नहीं करता। डेलिगेशन स्वयं तय करता है कि उन्हें किससे मिलना है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत आई थीं, तब क्या सरकार ने राहुल गांधी की बैठक तय की थी? आलोक ने आरोप लगाया कि विपक्ष जानबूझकर भ्रम फैलाता है और अब यदि विदेशी प्रतिनिधिमंडल उनसे नहीं मिलना चाहता है तो इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है।

अजय आलोक ने इंडिगो की उड़ानें रद्द होने के मुद्दे पर कहा कि भारत सरकार पूरी स्थिति की निगरानी कर रही है। गृह मंत्री ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है और डीजीसीए ने अपना आदेश वापस ले लिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले 24 घंटों में सभी परिस्थितियां सामान्य हो जाएंगी और यात्रियों को राहत मिलेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच संबंधों की मजबूती से दोनों देशों के लिए लाभकारी सहयोग की संभावना बढ़ती है। भारत हमेशा से शांति का पक्षधर रहा है, और इस यात्रा के माध्यम से यह संदेश और भी मजबूत होता है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा का उद्देश्य क्या था?
राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना था।
प्रधानमंत्री मोदी ने क्या संदेश दिया?
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत शांति का दृढ़ समर्थक है और न्यूट्रल नहीं है।
अजय आलोक ने पुतिन-मोदी संबंधों पर क्या कहा?
अजय आलोक ने कहा कि पुतिन और मोदी के बीच संबंध बेहद सौहार्दपूर्ण हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ेगा।
राष्ट्र प्रेस
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