टीएस सिंहदेव का बड़ा हमला: राघव चड्ढा ने देश के सामने रखा अवसरवादिता का नमूना

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टीएस सिंहदेव का बड़ा हमला: राघव चड्ढा ने देश के सामने रखा अवसरवादिता का नमूना

सारांश

कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने राघव चड्ढा के भाजपा में जाने को अवसरवादिता की पराकाष्ठा बताया। ऑपरेशन लोटस, ईडी के दुरुपयोग, धीरेंद्र शास्त्री के बयान और 95 करोड़ की विदेशी फंडिंग पर भी उन्होंने बेबाक राय रखी।

Key Takeaways

  • राघव चड्ढा समेत आप के 7 सांसदों ने पार्टी छोड़ी, टीएस सिंहदेव ने इसे ऑपरेशन लोटस की नई कड़ी बताया।
  • सिंहदेव ने कहा कि राघव चड्ढा ने देश के सामने अवसरवादिता का नमूना पेश किया, जो पहले भाजपा को 'गुंडों की जमात' कहते थे।
  • पश्चिम बंगाल में एसआईआर के दौरान मुस्लिम मतदाताओं के नाम काटने और 3 लाख अर्धसैनिक बल तैनाती पर गंभीर सवाल उठाए।
  • धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के 'चार बच्चे पैदा करो' बयान को 145 करोड़ आबादी वाले देश के लिए गैर-जिम्मेदाराना बताया।
  • छत्तीसगढ़ में 95 करोड़ रुपए की कथित विदेशी फंडिंग पर कहा — असली सवाल धर्मांतरण की वजह है, न केवल फंडिंग।
  • अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की गरिमा की रक्षा न करने पर प्रधानमंत्री मोदी को आड़े हाथों लिया।

रायपुर, 26 अप्रैल। छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता त्रिभुवनेश्वर शरण सिंहदेव (टीएस सिंहदेव) ने राघव चड्ढा के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने को भारतीय राजनीति में अवसरवादिता का ताजा और शर्मनाक उदाहरण करार दिया है। उन्होंने कहा कि जो नेता कभी भाजपा को 'गुंडों की जमात' कहता था, आज उसी पार्टी का दामन थामकर वह देश को क्या संदेश दे रहा है? सिंहदेव ने राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत में ऑपरेशन लोटस, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के विवादित बयान, पश्चिम बंगाल चुनाव और ईडी के दुरुपयोग जैसे कई अहम मुद्दों पर बेबाक राय रखी।

राघव चड्ढा और ऑपरेशन लोटस: अवसरवादिता की नई परिभाषा

शुक्रवार को राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह और स्वाति मालीवाल समेत सात सांसदों ने आम आदमी पार्टी (आप) से इस्तीफा दे दिया। टीएस सिंहदेव ने इसे भाजपा के 'ऑपरेशन लोटस' की एक और कड़ी बताया।

सिंहदेव ने कहा, "राघव चड्ढा वही नेता हैं जो कभी भाजपा को गुंडों की जमात कहते थे, जिनके विरुद्ध खुलकर नीतिगत बयान देते थे — और आज उसी पार्टी का दामन थाम लिया।" उन्होंने तीखा सवाल उठाया कि अगर आप सिद्धांतों से भटक गई थी, तो राघव को नई पार्टी बनानी चाहिए थी या कोई और विकल्प तलाशना चाहिए था — न कि उस पार्टी की शरण लेनी चाहिए थी जिसे वे सार्वजनिक रूप से कोसते थे।

उन्होंने अजित पवार का उदाहरण देते हुए कहा कि जिन पर कथित तौर पर 70 हजार करोड़ रुपए के घोटाले के आरोप थे, वे एनडीए में शामिल होते ही उपमुख्यमंत्री बन गए और सारे मामले ठंडे पड़ गए। यह पैटर्न देश की राजनीतिक संस्कृति के तेज पतन का प्रमाण है।

पश्चिम बंगाल चुनाव, एसआईआर प्रक्रिया और संस्थाओं का दुरुपयोग

सिंहदेव ने पश्चिम बंगाल चुनाव के संदर्भ में कहा कि एसआईआर (Special Intensive Revision) प्रक्रिया शुरू से ही बंगाल चुनाव को प्रभावित करने के इरादे से शुरू की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के दौरान मुस्लिम समुदाय के मतदाताओं के नाम बड़े पैमाने पर सूचियों से काटे गए।

उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल में चुनाव कराने के लिए 3 लाख अर्धसैनिक बल तैनात किए गए, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची से नाम काटे जाने पर यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि 'इस बार नहीं तो अगली बार वोट दे देना।' सिंहदेव ने इसे लोकतंत्र के साथ गहरा अन्याय बताया।

उन्होंने जोड़ा कि ईडी आज पीडीएस की दुकानों तक पहुंच रही है, जो दर्शाता है कि चुनाव के दौरान एजेंसियों का किस स्तर पर राजनीतिक उपयोग हो रहा है।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान: गैर-जिम्मेदाराना और अव्यावहारिक

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हाल ही में बयान दिया था कि हिंदू परिवारों को चार बच्चे पैदा करने चाहिए और एक बच्चा आरएसएस को सौंप देना चाहिए। टीएस सिंहदेव ने इस बयान को सिरे से नकारते हुए कहा कि देश पहले ही 145 करोड़ की आबादी पार कर चुका है।

उन्होंने कहा कि जब अमेरिका की तुलना में भारत की प्रति व्यक्ति आय बेहद कम है, तब इस तरह के बयान न केवल गैर-जिम्मेदाराना हैं बल्कि परिवारों की जीवन गुणवत्ता को और नीचे धकेलने वाले हैं। उन्होंने कहा कि संसाधन सीमित होने पर दो बच्चे हों या छह — इसका सीधा असर पूरे परिवार की तरक्की पर पड़ता है।

नमामि गंगे, हुगली नाव यात्रा और अंतरराष्ट्रीय मंच पर चुप्पी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पश्चिम बंगाल में हुगली नदी पर नाव यात्रा और फोटो सेशन पर सिंहदेव ने तंज कसा कि यह किसी 'फिल्मी शूट' जैसा लगा। उन्होंने कहा कि एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की, दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नदी में फोटो खिंचवाने में व्यस्त रहे।

सिंहदेव ने कहा कि भारतीय नागरिकों को विदेशों में हथकड़ियों में भेजे जाने, व्यापार पर दबाव, तेल पर शर्तें और ईरान की ओर से जहाजों पर हमलों जैसी घटनाओं पर सरकार की ओर से कोई ठोस और मजबूत प्रतिक्रिया नहीं आती। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत माता की गरिमा की रक्षा करनी चाहिए।

धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग: मूल सवाल क्या है?

ईडी के दावों के अनुसार छत्तीसगढ़ में लगभग 95 करोड़ रुपए की विदेशी फंडिंग धर्मांतरण के लिए आई। टीएस सिंहदेव ने इस मुद्दे पर कहा कि ईसाई मिशनरी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई का खर्च अमेरिकी परिवारों द्वारा उठाए जाने की परंपरा दशकों पुरानी है और इसके लिए किसी ईडी जांच की जरूरत नहीं थी।

उन्होंने मूल सवाल उठाया कि धर्मांतरण उन्हीं वर्गों में क्यों हो रहा है जिन्हें सदियों से सामाजिक रूप से अलग-थलग रखा गया? उन्होंने कहा कि मिशनरियों ने स्कूल और अस्पताल खोलकर सेवा के जरिए लोगों तक पहुंच बनाई, जबकि हम समाज में विभाजन और घृणा फैलाने में लगे हैं। यह आत्ममंथन का विषय है, न कि केवल जांच का।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आप के सात सांसदों का एक साथ इस्तीफा और भाजपा में संभावित शामिल होना आने वाले समय में विपक्षी एकता की परीक्षा लेगा। पंजाब और दिल्ली में आप की स्थिति पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

Point of View

बल्कि उस व्यापक राजनीतिक संस्कृति का प्रतिबिंब है जहां विचारधारा की जगह सत्ता-सुविधा ने ले ली है। टीएस सिंहदेव ने जो सवाल उठाए हैं, वे असल में भारतीय लोकतंत्र के उस बुनियादी संकट की ओर इशारा करते हैं जहां ईडी, एसआईआर और ऑपरेशन लोटस जैसे हथियारों से विपक्ष को तोड़ा जाता है। विडंबना यह है कि जो नेता कल संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग पर चीखते थे, आज उन्हीं के साथ बैठे हैं और उनकी जुबान बंद है — यह लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरे की घंटी है।
NationPress
26/04/2026

Frequently Asked Questions

टीएस सिंहदेव ने राघव चड्ढा के भाजपा में शामिल होने पर क्या कहा?
टीएस सिंहदेव ने इसे अवसरवादिता की पराकाष्ठा बताया। उन्होंने कहा कि जो नेता भाजपा को गुंडों की जमात कहता था, वह आज उसी पार्टी का दामन थामकर देश के सामने गलत नजीर पेश कर रहा है।
ऑपरेशन लोटस क्या है और इसे आप के सांसदों से कैसे जोड़ा जा रहा है?
ऑपरेशन लोटस भाजपा पर लगाया जाने वाला वह आरोप है जिसमें दूसरी पार्टियों के नेताओं को पैसे, दबाव या संवैधानिक संस्थाओं के जरिए तोड़कर अपने पाले में लाया जाता है। टीएस सिंहदेव ने आप के सात सांसदों के इस्तीफे को इसी की नई कड़ी बताया।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान पर टीएस सिंहदेव की क्या प्रतिक्रिया थी?
सिंहदेव ने 'चार बच्चे पैदा करो और एक आरएसएस को दो' वाले बयान को पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना और अव्यावहारिक बताया। उन्होंने कहा कि 145 करोड़ की आबादी वाले देश में ऐसे बयान परिवारों की जीवन गुणवत्ता को नुकसान पहुंचाते हैं।
छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के लिए 95 करोड़ की विदेशी फंडिंग पर सिंहदेव का क्या कहना है?
सिंहदेव ने कहा कि ईसाई मिशनरियों द्वारा विदेशी फंडिंग से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं देना दशकों पुरानी परंपरा है। असली सवाल यह है कि जो समुदाय सदियों से हाशिए पर रहे, वे धर्म बदलने पर क्यों मजबूर होते हैं — इस पर आत्ममंथन जरूरी है।
पश्चिम बंगाल चुनाव में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सिंहदेव ने क्या आरोप लगाए?
सिंहदेव ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बंगाल में मुस्लिम मतदाताओं के नाम बड़े पैमाने पर मतदाता सूचियों से काटे गए। उन्होंने इसे बंगाल चुनाव जीतने के लिए जानबूझकर शुरू की गई कार्रवाई बताया।
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