16 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राहुल गांधी कानून से ऊपर नहीं, हलफनामा दायर करें — BJP प्रवक्ता गुरु प्रकाश का तीखा हमला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राहुल गांधी कानून से ऊपर नहीं, हलफनामा दायर करें — BJP प्रवक्ता गुरु प्रकाश का तीखा हमला

सारांश

BJP राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने पटना में राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा — वे अराजकता फैला रहे हैं, कानून से ऊपर नहीं हैं और माँगें मनवानी हों तो हलफनामा दायर करें। साथ ही तमिलनाडु में धर्मांतरित मुसलमानों का आरक्षण रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी समर्थन किया।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने 15 अक्टूबर 2026 को पटना में राहुल गांधी को 'कानून से ऊपर नहीं' करार दिया।
गुरु प्रकाश ने कहा कि राहुल गांधी बिना पूर्व सूचना या तर्क के कहीं भी जा रहे हैं, यह 'खानदानी अहंकार' है।
BJP ने माँग की कि यदि राहुल गांधी के पास ठोस आधार है तो वे हलफनामा दायर करें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करें।
गुरु प्रकाश ने सर्वोच्च न्यायालय के तमिलनाडु आरक्षण फैसले का समर्थन करते हुए कहा — धर्मांतरण से आरक्षण लेना वास्तविक पात्रों के साथ अन्याय है।
बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान का हवाला देते हुए कहा कि सभी नागरिक कानून के सामने समान हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने 15 अक्टूबर 2026 को पटना में कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अराजकता का माहौल बना रहे हैं और खुद को कानून से ऊपर समझने की गंभीर भूल कर रहे हैं। गुरु प्रकाश ने राहुल गांधी को चेताया कि लोकतंत्र में माँगें मनवाने का एक संवैधानिक तरीका होता है और उन्हें उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए हलफनामा दायर करना चाहिए।

गुरु प्रकाश का सीधा हमला

गुरु प्रकाश ने कहा, 'राहुल गांधी और उनके साथियों ने जिस तरह से अराजकता का माहौल और अराजक मानसिकता दिखाई है, वह चिंताजनक है। पिछले चार-पाँच दिनों से वे बिना किसी पूर्व सूचना, कारण, तथ्य या तर्क के कहीं भी चले जा रहे हैं।' उन्होंने जोड़ा कि यदि राहुल गांधी के पास कोई ठोस आधार है तो उन्हें देश की लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के माध्यम से हलफनामा दायर करना चाहिए।

गुरु प्रकाश ने कहा, 'बिना प्रक्रिया के वे चाहते हैं कि अपनी बात मनवा लें, तो यह खानदानी अहंकार है। यह पारिवारिक घमंड अब नहीं चलने वाला।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस और विपक्षी दल कई मुद्दों पर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

लोकतांत्रिक मर्यादा और संवैधानिक प्रक्रिया

गुरु प्रकाश ने 'मिसाल' यानी काम करने के पूर्व-निर्धारित तरीके का हवाला देते हुए कहा, 'आप किस तरह की मिसाल कायम कर रहे हैं? भविष्य में लोकतांत्रिक व्यवस्थाएँ कैसे काम करेंगी?' उनके अनुसार देश संविधान, जन-मर्यादा और संवैधानिक नैतिकता के आधार पर चलता है — किसी एक व्यक्ति की इच्छाशक्ति के आधार पर नहीं।

गौरतलब है कि यह BJP की ओर से राहुल गांधी पर हालिया हफ्तों में किए गए सिलसिलेवार हमलों की कड़ी में नवीनतम बयान है। BJP बार-बार यह तर्क देती रही है कि विपक्ष के नेता संसदीय परंपराओं और कानूनी प्रक्रियाओं की अनदेखी कर रहे हैं।

संविधान और कानून के शासन पर जोर

गुरु प्रकाश ने सीधे शब्दों में कहा, 'आप देश के प्रथम नागरिक नहीं हैं। आप कानून से ऊपर नहीं हैं।' उन्होंने कहा कि डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने जो संविधान की रचना की, उसने सभी नागरिकों को समान दर्जा दिया है — चाहे वे किसी भी परिवार या पृष्ठभूमि से आते हों। उनके अनुसार यह राहुल गांधी के लिए 'दुर्भाग्य' है कि वे इस मूल सत्य को स्वीकार नहीं कर रहे।

तमिलनाडु आरक्षण फैसले पर प्रतिक्रिया

गुरु प्रकाश ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तमिलनाडु में धर्मांतरित मुसलमानों के लिए आरक्षण लाभ रद्द करने के फैसले का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'भारत में हिंदू समाज के दलित वर्ग और अनुसूचित जाति को आरक्षण का लाभ मिलेगा — यह बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान से तय हो गया था। जिस समाज ने अन्याय, अत्याचार और दंश झेला है, उसे यह मिलना चाहिए।'

उन्होंने तर्क दिया कि धर्मांतरण करके आरक्षण लेने से वास्तविक पात्र वंचित रह जाते हैं। आलोचकों का कहना है कि यह मुद्दा संवैधानिक और सामाजिक न्याय की दृष्टि से जटिल है और इस पर व्यापक बहस होनी चाहिए।

आगे की राजनीतिक स्थिति

BJP के इस बयान के बाद कांग्रेस की प्रतिक्रिया का इंतजार है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव आने वाले हफ्तों में और तेज हो सकता है, क्योंकि संसद सत्र और राज्यों के चुनावी कार्यक्रम दोनों दलों के बीच बयानबाजी को और तीखा बनाते रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह दलित-मुस्लिम आरक्षण की बहस को राष्ट्रीय एजेंडे पर लाता है। असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष के नेता की गतिविधियों को 'अराजकता' कहना लोकतांत्रिक विमर्श को मजबूत करता है या उसे कमज़ोर — यह जवाबदेही की माँग करने वाले नागरिकों के लिए विचारणीय है।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
गुरु प्रकाश ने कहा कि राहुल गांधी अराजकता का माहौल बना रहे हैं, बिना किसी पूर्व सूचना या तर्क के कहीं भी जा रहे हैं और खुद को कानून से ऊपर समझने की भूल कर रहे हैं। उन्होंने इसे 'खानदानी अहंकार' बताया और कहा कि राहुल गांधी को माँगें मनवाने के लिए हलफनामा दायर करना चाहिए।
गुरु प्रकाश ने राहुल गांधी से हलफनामा क्यों माँगा?
गुरु प्रकाश के अनुसार लोकतंत्र में माँगें मनवाने की एक संवैधानिक प्रक्रिया होती है। उनका कहना था कि यदि राहुल गांधी के पास कोई ठोस आधार है तो उन्हें उचित कानूनी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया — यानी हलफनामा दायर करना — का पालन करना चाहिए, न कि बिना प्रक्रिया के अपनी बात मनवाने की कोशिश करनी चाहिए।
तमिलनाडु आरक्षण विवाद पर BJP का क्या रुख है?
गुरु प्रकाश ने सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले का समर्थन किया जिसमें तमिलनाडु में धर्मांतरित मुसलमानों के लिए आरक्षण लाभ रद्द किया गया। उनके अनुसार आरक्षण उसी समाज को मिलना चाहिए जिसने सामाजिक भेदभाव और अत्याचार झेला है, और धर्मांतरण के ज़रिए आरक्षण लेने से वास्तविक पात्र वंचित रह जाते हैं।
गुरु प्रकाश ने संविधान का हवाला क्यों दिया?
गुरु प्रकाश ने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सभी नागरिकों को समान दर्जा देता है — चाहे वे किसी भी परिवार से क्यों न आते हों। उन्होंने इसे राहुल गांधी पर सीधा कटाक्ष करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति संविधान या कानून के शासन से ऊपर नहीं है।
BJP और राहुल गांधी के बीच यह विवाद किस संदर्भ में उठा?
यह बयान 15 अक्टूबर 2026 को पटना में आया, जब BJP के अनुसार राहुल गांधी पिछले चार-पाँच दिनों से बिना पूर्व सूचना के विभिन्न स्थानों पर जा रहे थे। BJP ने इसे असंवैधानिक आचरण बताया और कहा कि विपक्ष को लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 6 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले