29 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

BJP प्रवक्ता गुरु प्रकाश का विपक्ष पर हमला: 'बाबा साहेब के संविधान से चलेगा देश, कांग्रेस फैला रही अराजकता'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
BJP प्रवक्ता गुरु प्रकाश का विपक्ष पर हमला: 'बाबा साहेब के संविधान से चलेगा देश, कांग्रेस फैला रही अराजकता'

सारांश

BJP राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने पटना से विपक्ष पर बहुमोर्चीय हमला बोला — मतदाता सूची आँकड़ों की सफाई दी, राहुल गांधी को 'हवा-हवाई' बताया, और बाबा साहेब के 'ग्रामर ऑफ एनार्की' की दुहाई देते हुए कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया। एमएलसी नतीजों और एक नवंबर की रैली को लेकर भी आक्रामक प्रतिक्रिया दी।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने 29 अक्टूबर 2026 को पटना में विपक्षी दलों पर कई मोर्चों पर हमला बोला।
मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाए जाने के आरोपों पर कहा — 2 करोड़ 80 लाख मृत मतदाता और 5 करोड़ से अधिक के बदले पते आँकड़ों की व्याख्या करते हैं।
कांग्रेस पर संविधान-विरोधी मानसिकता का आरोप; राहुल गांधी को 'हवा-हवाई नेता' कहा।
1 नवंबर की रैली को लेकर CJP और विपक्ष की एकजुटता पर AAP से जुड़ाव का आरोप लगाया।
दरभंगा ग्रेजुएट सीट पर RJD की जीत स्वीकारी; लालू यादव के शासनकाल में दलितों के मताधिकार हनन का आरोप दोहराया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने 29 अक्टूबर 2026 को पटना में विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि देश केवल बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान के अनुसार चलेगा और विपक्षी राजनीति अराजकता पर आधारित है। एमएलसी चुनाव परिणामों से लेकर मतदाता सूची विवाद तक, उन्होंने कई मोर्चों पर कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को घेरा।

मतदाता सूची विवाद पर BJP का पक्ष

मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम गायब होने के विपक्षी आरोपों पर गुरु प्रकाश ने कहा कि इन आँकड़ों का कई बार वर्गीकरण सामने आ चुका है। उनके अनुसार, 2 करोड़ 80 लाख मतदाता मृत पाए गए, 5 करोड़ से अधिक लोगों के पते बदल चुके हैं और शेष लोगों का पता नहीं चल सका। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भारतीय नागरिक नहीं हैं, उन्हें मतदाता सूची में स्थान नहीं मिल सकता।

कांग्रेस पर संविधान-विरोधी मानसिकता का आरोप

गुरु प्रकाश ने बाबा साहेब आंबेडकर के 'ग्रामर ऑफ एनार्की' यानी अराजकता के व्याकरण का हवाला देते हुए कहा कि विपक्ष की राजनीति इसी सोच पर टिकी है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें 'हवा-हवाई नेता' बताया और दावा किया कि रेहान वाड्रा के राजनीतिक रूप से चर्चा में आने के बाद राहुल गांधी अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए अलग-अलग मुद्दे उठा रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आयोजित 'मॉक पार्लियामेंट' को उन्होंने मज़ाक की संज्ञा दी।

एसआईआर प्रक्रिया और कर्नाटक विवाद

कर्नाटक के मंत्री जारकीहोली की एसआईआर (SIR) के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर की गई टिप्पणी पर गुरु प्रकाश ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक है और इसमें कोई अनियमितता नहीं है। उन्होंने नेहा बोरा और शरजील इमाम का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस ऐसे नेताओं को प्रश्रय देती है जो भारतीय संविधान को 'केवल एक दस्तावेज' मानते हैं, तो जनता के सामने कांग्रेस का रुख स्वयं स्पष्ट हो जाता है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को भी इस संदर्भ में उन्होंने जवाबदेह ठहराया।

एक नवंबर की रैली और सीजेपी पर आरोप

1 नवंबर को प्रस्तावित रैली के लिए विपक्ष और सीजेपी (CJP) की एकजुटता पर गुरु प्रकाश ने आरोप लगाया कि यह समूह पहले खुद को गैर-राजनीतिक बता रहा था, लेकिन अब उसकी मंशा जगजाहिर हो चुकी है। उनका दावा है कि इस समूह के लोग आम आदमी पार्टी (AAP) के छात्र संगठन से जुड़े हैं और पुरानी तस्वीरें उनकी राजनीतिक संबद्धता उजागर करती हैं।

एमएलसी चुनाव परिणाम और RJD पर प्रहार

एमएलसी चुनाव परिणामों पर गुरु प्रकाश ने कहा कि जीत-हार लोकतंत्र का अभिन्न अंग है और भाजपा ने बांकीपुर विधानसभा की हार भी विनम्रता से स्वीकार की थी। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों का हवाला देते हुए आत्ममंथन की नसीहत दी। दरभंगा ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र में RJD की बैलेट से हुई जीत स्वीकार करते हुए उन्होंने पूछा कि अन्य राज्यों के चुनावों में विपक्षी दलों का प्रदर्शन कैसा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि लालू यादव के शासनकाल में दलितों और वंचितों को मतदान के अधिकार से वंचित होना पड़ता था और सवाल किया कि क्या विपक्ष उसी दौर की राजनीति वापस लाना चाहता है। गुरु प्रकाश ने यह कहते हुए अपनी बात समाप्त की कि देश आगे बढ़ चुका है और चुनावी पारदर्शिता पर जनता का भरोसा कायम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें आंबेडकर के नाम और संविधान की भाषा को विपक्ष के विरुद्ध ही इस्तेमाल किया जाता है — एक ऐसा मोर्चा जहाँ कांग्रेस खुद को बचाव की मुद्रा में पाती है। मतदाता सूची के आँकड़ों की सफाई तकनीकी रूप से सुसंगत हो सकती है, लेकिन विपक्ष के असल सवाल — कि किन परिस्थितियों में नाम हटाए गए — अनुत्तरित हैं। रेहान वाड्रा के संदर्भ में राहुल गांधी की प्रासंगिकता पर टिप्पणी दर्शाती है कि BJP कांग्रेस के नेतृत्व संकट को एक चुनावी हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है। एमएलसी नतीजों पर 'हार-जीत लोकतंत्र का हिस्सा है' की दार्शनिक भाषा वही BJP बोल रही है, जो एक चुनाव में हार पर विपक्ष को ईवीएम तक घेरती रही है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने मतदाता सूची विवाद पर क्या कहा?
गुरु प्रकाश ने कहा कि 13 करोड़ नाम हटाए जाने के आँकड़ों का वर्गीकरण पहले ही सामने आ चुका है — 2 करोड़ 80 लाख मतदाता मृत पाए गए और 5 करोड़ से अधिक के पते बदल चुके हैं। उन्होंने कहा कि गैर-नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जा सकता।
गुरु प्रकाश ने 'ग्रामर ऑफ एनार्की' का उल्लेख क्यों किया?
उन्होंने बाबा साहेब आंबेडकर के 'ग्रामर ऑफ एनार्की' यानी अराजकता के व्याकरण की अवधारणा का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष — विशेषकर कांग्रेस — की राजनीति इसी अराजकतावादी सोच पर आधारित है। उनका कहना था कि देश संविधान के अनुसार चलेगा, न कि 'पुरानी और दकियानूसी सोच' के आधार पर।
एक नवंबर की रैली पर BJP का क्या रुख है?
गुरु प्रकाश ने आरोप लगाया कि 1 नवंबर की रैली में शामिल विपक्ष और CJP का समूह पहले खुद को गैर-राजनीतिक बताता था, लेकिन अब उसकी राजनीतिक मंशा स्पष्ट हो गई है। उन्होंने दावा किया कि यह लोग AAP के छात्र संगठन से जुड़े हैं।
दरभंगा एमएलसी चुनाव में RJD की जीत पर BJP ने क्या प्रतिक्रिया दी?
गुरु प्रकाश ने दरभंगा ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र में बैलेट से हुए चुनाव में RJD की जीत स्वीकार की। लेकिन उन्होंने अन्य राज्यों के चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए कहा कि किसी एक जीत से व्यापक राजनीतिक निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।
राहुल गांधी पर गुरु प्रकाश ने क्या आरोप लगाए?
गुरु प्रकाश ने राहुल गांधी को 'हवा-हवाई नेता' बताया और दावा किया कि रेहान वाड्रा के राजनीतिक रूप से सक्रिय होने के बाद राहुल गांधी अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए अलग-अलग मुद्दे उठा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस के भीतर वर्चस्व की लड़ाई का भी दावा किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 6 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 साल पहले