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क्या सीआरपीएफ का पत्र राहुल गांधी को डराने की कोशिश है?

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क्या सीआरपीएफ का पत्र राहुल गांधी को डराने की कोशिश है?

सारांश

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सीआरपीएफ के पत्र को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। क्या यह सच में डराने की कोशिश है? जानें इस मामले की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

सीआरपीएफ का पत्र राजनीतिक विवाद को जन्म दे सकता है।
राहुल गांधी पर सुरक्षा प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोप हैं।
पवन खेड़ा का आरोप है कि सरकार डर रही है।

नई दिल्ली, 11 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सीआरपीएफ द्वारा राहुल गांधी को भेजे गए पत्र पर सरकार पर तीखा हमला किया है। पवन खेड़ा का कहना है कि राहुल गांधी द्वारा उजागर की गई सच्चाई के बारे में सरकार चिंतित है।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "सीआरपीएफ के पत्र की समय सीमा और इसे तुरंत सार्वजनिक करना कई परेशान करने वाले सवाल उठाता है। यह उसी समय आया है जब राहुल गांधी चुनाव आयोग की मिलीभगत से भाजपा द्वारा हो रही वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "क्या यह विपक्ष के नेता को डराने की एक छिपी हुई कोशिश है, जिन्होंने पहले ही एक और खुलासे की घोषणा कर दी है?"

उन्होंने अपने 'एक्स' पोस्ट के जरिए सवाल उठाया, "क्या सरकार राहुल गांधी द्वारा उजागर की गई सच्चाई से डरी हुई है?"

दरअसल, सीआरपीएफ प्रमुख ने पत्र में राहुल गांधी पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन न करने और कई मौकों पर उनके उल्लंघन का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि रायबरेली के सांसद, जो एक वीवीआईपी प्रोफाइल वाले राजनीतिक व्यक्ति हैं, अपनी सुरक्षा को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।

पत्र में कहा गया है, "पिछले 9 महीनों में राहुल ने 6 विदेशी दौरों के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया। ये सभी 6 विदेशी दौरे सुरक्षा एजेंसी को सूचित किए बिना किए गए, जिससे सुरक्षा एजेंसी को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा।"

यह घटनाक्रम राहुल गांधी के रायबरेली दौरे के दौरान सुरक्षा उल्लंघन के बाद सामने आया है, जहां से वे लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

बुधवार को अपने दौरे के दौरान, कांग्रेस सांसद को भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा, जिन्होंने राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया और 'राहुल गांधी, वापस जाओ' के नारे लगाए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने की कोशिश की, लेकिन राहुल का काफिला लगभग 15 मिनट तक राजमार्ग पर फंसा रहा। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस हुई और पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के बाद ही राहुल का काफिला आगे बढ़ सका।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह तो समय ही बताएगा, लेकिन देश की राजनीति में इस तरह के मुद्दे हमेशा चर्चा का विषय बने रहते हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सीआरपीएफ का पत्र राजनीतिक है?
हाँ, सीआरपीएफ का पत्र राहुल गांधी के खिलाफ राजनीतिक आरोपों से भरा हुआ है।
राहुल गांधी ने क्या सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया?
पत्र में आरोप है कि राहुल गांधी ने 6 विदेशी दौरों के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया।
पवन खेड़ा का क्या कहना है?
पवन खेड़ा का कहना है कि सरकार सच्चाई से घबराई हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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