कांग्रेस का BJP पर हमला: राहुल गांधी के विजन से घबराई भाजपा, जनता को गुमराह कर रही सरकार
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेताओं ने 4 अक्टूबर 2026 को केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखे हमले बोले — कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों और कई अहम मुद्दों को लेकर। रायपुर से लेकर नई दिल्ली तक, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची, एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की हिरासत और BJP में 'दूरदर्शिता के अभाव' पर सवाल उठाए।
टीएस सिंह देव का BJP पर निशाना
रायपुर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीएस सिंह देव ने कैप्टन स्मित मच्छार से जुड़े मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब राहुल गांधी किसी मुद्दे पर बोलते हैं तो कुछ लोगों को परेशानी होने लगती है। उनका इशारा साफ था — BJP नेतृत्व कांग्रेस की बढ़ती आवाज़ से असहज है।
सिंह देव ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से 27 लाख लोगों के नाम हटाए गए और उन्हें ट्रिब्यूनल के सामने जाने को कहा गया। वहीं, 1 लाख से अधिक नए नाम जोड़े गए, जिनमें बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिनकी पात्रता पर सवाल उठाए जा सकते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार से सटे पश्चिम बंगाल में यह स्थिति चिराग पासवान को नज़र नहीं आई। सिंह देव के अनुसार, केंद्र सरकार से जुड़े प्रतिनिधि लगातार जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
चिराग पासवान का पक्ष
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पहले कहा था कि मतदाता सूची सत्यापन (एलआईआर/एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान जिन लोगों के नाम हटाए गए, वे आम मतदाता नहीं थे। उनका तर्क था कि यदि वैध मतदाताओं के नाम हटाए जाते, तो इसका व्यापक और दृश्यमान असर होता। कांग्रेस ने इस तर्क को खारिज करते हुए इसे 'भ्रामक' बताया।
राशिद अल्वी ने की राहुल गांधी की तारीफ
नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि राहुल गांधी BJP नेताओं की तुलना में परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझते हैं। अल्वी के अनुसार, BJP में किसी के पास दूरदर्शिता और भविष्य को समझने की क्षमता नहीं है, जबकि राहुल गांधी के पास विजन के साथ-साथ दूरदर्शिता भी है। यह बयान कांग्रेस की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें राहुल को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में रखा जाता है।
एनएसयूआई नेता का पुलिस पर गंभीर आरोप
एनएसयूआई (NSUI) और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की हिरासत के मामले में एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि पुलिस को 'ऊपर से निर्देश' मिले हैं कि एनएसयूआई या कांग्रेस के कार्यकर्ता जहाँ भी दिखें, उन्हें तुरंत हिरासत में लिया जाए — हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
जाखड़ ने यह भी आरोप लगाया कि उनके फोन टैप किए जा रहे हैं और पुलिस को उनकी लोकेशन की जानकारी पहले से मिल जाती है। एनएसयूआई कार्यालय के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनाती का भी उन्होंने उल्लेख किया।
आगे का रुख
जाखड़ ने स्पष्ट किया कि एनएसयूआई का लक्ष्य संविधान की रक्षा करना है और संगठन उन ताकतों के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगा जिन्हें वह 'संविधान विरोधी' मानता है। गौरतलब है कि यह सारी राजनीतिक सरगर्मी ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची को लेकर विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ दल के बीच तनाव चरम पर है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना है।