राहुल गांधी पर भाजपा का पलटवार: 'राष्ट्रपति को गलत तरीके से कोट कर रहे हैं नेता प्रतिपक्ष'
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद किए गए दावों को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 10 अक्टूबर 2026 को सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि राहुल गांधी राष्ट्रपति के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं और देश को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं।
राहुल गांधी का दावा क्या था
राहुल गांधी ने शुक्रवार को अपने बयान में कहा था कि जब विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति को 'वोट चोरी' के बारे में जानकारी दी, तो राष्ट्रपति ने इसे मानने से इनकार नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ने यह नहीं कहा कि देश में चुनाव चोरी नहीं हो रहे हैं। इसी दावे को भाजपा ने 'गलत बयानबाजी' करार दिया है।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने शनिवार को कहा, 'राहुल गांधी बेतुकी बातें करते हैं और उन्हें यह भी नहीं पता होता कि वे क्या कह रहे हैं। ऐसा लगता है कि राहुल गांधी ने लोगों को धोखा देना ही अपना पेशा बना लिया है।' जायसवाल ने यह भी कहा कि हाल के उपचुनावों में मिले झटके के बाद भी कांग्रेस नेता राजनीतिक रूप से हाशिए पर बने रहेंगे।
जायसवाल ने बिहार विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा, 'चुनाव पिछले साल नवंबर में हुए थे। क्या एक साल में एक भी व्यक्ति सामने आया है जिसने कहा हो कि उसके साथ अन्याय हुआ? कोई समस्या नहीं हुई, फिर भी जानबूझकर एसआईआर (SIR) को मुद्दा बनाया जा रहा है। झूठ का पर्दाफाश आखिरकार होता ही है।'
बिहार मंत्री का तीखा आरोप
बिहार सरकार में मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा कि राहुल गांधी जब विदेश जाते हैं तो किससे मिलते हैं और क्या बातें होती हैं, यह देश की जनता जानना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ वामपंथी नेता और विदेशी षड्यंत्रकारी कभी नहीं चाहते कि भारत स्थिर और प्रगतिशील रहे। मंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे संकट के समय में ये लोग चीन का साथ देते हैं और इनकी पूरी जांच होनी चाहिए।
प्रमोद कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि जनता ने चुनाव में विपक्षी नेताओं को हरा दिया है, लेकिन विपक्ष हिंसा के बल पर सत्ता हथियाना चाहता है — हालांकि उन्होंने कहा कि आज के समय में यह संभव नहीं है।
भाजपा प्रवक्ता ने गिनाए पुराने 'गलत उद्धरण'
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि राहुल गांधी इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय को गलत तरीके से कोट करने के बाद माफी मांग चुके हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 'चौकीदार चोर है' वाले बयान में सुप्रीम कोर्ट का हवाला देने पर जब कोर्ट ने फटकार लगाई, तब राहुल गांधी को माफी मांगनी पड़ी थी। इसी तरह चीन को लेकर किए गए दावे पर भी वे अपने बयान से पीछे हट चुके हैं।
शाहदेव ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ने 'वोट चोरी' के दावे के संबंध में कोई औपचारिक विज्ञप्ति जारी नहीं की है। उनके अनुसार, राहुल गांधी राष्ट्रपति को जानबूझकर गलत तरीके से उद्धृत कर रहे हैं, जो अपने आप में गंभीर है।
आगे क्या होगा
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब विपक्ष एसआईआर और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता के मुद्दे को संसद के बाहर भी जीवित रखने की कोशिश कर रहा है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ने अपने-अपने आख्यान को मजबूत करने का प्रयास किया है। अब यह देखना होगा कि क्या राष्ट्रपति भवन की ओर से कोई स्पष्टीकरण आता है, जो इस विवाद में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।