7 अक्टूबर 2026
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राहुल-प्रियंका की हिरासत पर अखिलेश यादव का हमला, चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

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राहुल-प्रियंका की हिरासत पर अखिलेश यादव का हमला, चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

सारांश

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। अखिलेश यादव ने तीखे तंज के साथ चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और SIR प्रक्रिया को मतदाता सूची से नाम हटाने का हथियार बताया।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 6 अक्टूबर 2026 को नेता विपक्ष राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया।
हिरासत का कारण मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर चल रहा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन था।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव आयोग के माध्यम से मतों की चोरी कराना चाहती है।
सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने कहा कि दो चुनाव आयुक्तों ने स्वयं शिकायत की है कि उनकी आपत्तियाँ नजरअंदाज की जाती हैं।
विपक्ष ने SIR प्रक्रिया को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि इससे हाशिये पर खड़े मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं।

दिल्ली पुलिस ने 6 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा तथा विपक्षी दलों के कई अन्य सांसदों को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई की तीखी आलोचना करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग को किसी एक दल के इशारे पर नहीं, बल्कि संविधान के दायरे में रहकर काम करना चाहिए।

अखिलेश यादव का सीधा हमला

अखिलेश यादव ने कहा, 'भाजपा चाहती है कि देश में वही नागरिक रहें जो उसके नेता और कार्यकर्ता हैं, जो नहीं हैं उनके वोट काटे जाएँ।' उन्होंने तंज कसते हुए जोड़ा कि यदि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को इतनी सहूलियत चाहिए थी, तो उसे चुनाव आयोग की इमारत में ही एक फ्लोर पर अपना कार्यालय खोल लेना चाहिए था। उनके अनुसार, विपक्ष के इस आंदोलन में भाजपा का दखल इसलिए है ताकि आयोग के माध्यम से मतों की चोरी जारी रह सके।

अन्य विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि इसकी आड़ में मतदाता सूची से वोट हटाए जा रहे हैं, जो उनके शब्दों में 'संविधान का उल्लंघन और लोकतंत्र की हत्या' है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आकाशवाणी किसी सरकार की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि जनता की संपत्ति है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि इंडी गठबंधन के सभी दल एसआईआर का विरोध कर रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग उनकी मुख्य प्राथमिकता है। उनका आरोप है कि असंवैधानिक तरीके से मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।

सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने इस मुद्दे को केवल इंडिया ब्लॉक तक सीमित बताने से इनकार करते हुए कहा कि स्वयं दो चुनाव आयुक्तों ने यह शिकायत की है कि उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज किया जाता है और मुख्य चुनाव आयुक्त अकेले ही निर्णय लेते हैं।

हिरासत पर कांग्रेस का विरोध

कांग्रेस नेता उदय भानु ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को उठाकर ले जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। कांग्रेस नेता प्रवीण चक्रवर्ती ने इस दिन को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि राहुल गांधी हर युवा और हर भारतीय के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब विपक्षी दल SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में संशोधन को लेकर पहले से ही सरकार पर निशाना साध रहे थे। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में हाशिये पर खड़े मतदाताओं के नाम असंगत रूप से हटाए जा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर उठ रहे ये सवाल संवैधानिक जवाबदेही की दृष्टि से गंभीर हैं और इन पर पारदर्शी जाँच की माँग बढ़ती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या SIR प्रक्रिया वाकई असंवैधानिक है या यह एक जायज़ प्रशासनिक कदम है जिसे राजनीतिक रंग दिया जा रहा है — इसका जवाब अदालतों और स्वतंत्र चुनावी विशेषज्ञों से आना चाहिए, न केवल विरोधी दलों से। दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का हवाला एक गंभीर संस्थागत संकेत है जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नजरअंदाज करती है। चुनाव आयोग की संवैधानिक स्वायत्तता की रक्षा केवल विपक्ष की जिम्मेदारी नहीं, यह हर लोकतांत्रिक नागरिक का सरोकार है — और इस पर बहस का दायरा केवल सड़क प्रदर्शन से आगे जाना चाहिए।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को किस कारण हिरासत में लिया गया?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने 6 अक्टूबर 2026 को उन्हें और अन्य विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया। विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से वोट असंवैधानिक तरीके से हटाए जा रहे हैं।
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है और आयोग के माध्यम से विपक्षी मतदाताओं के वोट काटे जा रहे हैं। उन्होंने माँग की कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए।
SIR (विशेष सघन पुनरीक्षण) प्रक्रिया क्या है और विपक्ष इसका विरोध क्यों कर रहा है?
SIR यानी विशेष सघन पुनरीक्षण मतदाता सूची को अद्यतन करने की एक प्रशासनिक प्रक्रिया है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में हाशिये पर खड़े और गैर-भाजपाई मतदाताओं के नाम असंगत रूप से हटाए जा रहे हैं, जो संविधान का उल्लंघन है।
क्या चुनाव आयोग के अंदर से भी कोई आपत्ति सामने आई है?
सपा सांसद रामजी लाल सुमन के अनुसार, स्वयं दो चुनाव आयुक्तों ने शिकायत की है कि उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज किया जाता है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अकेले ही फैसले लेते हैं। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
इस विरोध प्रदर्शन में कौन-कौन से दल शामिल हैं?
इंडिया ब्लॉक के अंतर्गत कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) समेत कई विपक्षी दलों के सांसद इस प्रदर्शन में शामिल हुए। सांसद रामजी लाल सुमन के अनुसार, गठबंधन से बाहर के कुछ लोग भी इस मुद्दे पर अपने-अपने तरीके से विरोध दर्ज करा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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